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फर्जीवाड़ा: ट्रैवल एजेंट की मौत के एक साल बाद ट्रांसफर कर दी कार
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एक नामजद समेत परिवहन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
बरेली। परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं। विभाग के कर्मचारियों ने फर्जीवाड़ा कर ट्रैवल एजेंट की मौत के एक साल बाद उसकी कार उसके भाई के नाम ट्रांसफर कर दी। एडीजी रमित शर्मा के आदेश पर ट्रैवल एजेंट के भाई और परिवहन विभाग के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ कैंट थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
बारादरी थाना क्षेत्र के आनंदा पार्क सुपर सिटी निवासी नंदिनी वर्मा ने पुलिस को बताया कि उनके पति अजय वर्मा की मृत्यु 14 जुलाई 2019 को हो गई थी। पति ट्रैवल एजेंसी चलाते थे। पति की मौत के बाद वारिसान प्रमाण-पत्र मिलने में देरी की वजह से गाड़ियां पति के नाम पर ही चल रही थीं।
समय-समय पर वह परिवहन विभाग के पोर्टल पर गाड़ियों की डिटेल जांचती रहती थीं। पति के नाम पर दर्ज एक कार को परिवहन विभाग के पोर्टल पर चेक किया तो पता लगा कि कार विशाल वर्मा के नाम पर ट्रांसफर हो चुकी है।
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इसके बाद उन्होंने संभागीय परिवहन अधिकारी से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी। इसका जवाब 10 अक्टूबर 2025 को मिला। जवाब में उनको बताया किया कि दो सितंबर 2020 को कार विशाल शर्मा के नाम पर ट्रांसफर कर दी है। नंदिनी ने बताया कि पति की मौत इससे एक साल पहले ही हो चुकी थी।
उनके पति अंग्रेजी में हस्ताक्षर करते थे, जबकि ट्रांसफर कागज में हिंदी में हस्ताक्षर किए गए हैं। नंदिनी वर्मा का कहना है कि किसी भी वाहन के ट्रांसफर के समय वाहन मालिक का व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होता है।
उनके पति की मौत के एक साल बाद उनके देवर विशाल ने संभागीय परिवहन कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से कूट रचित दस्तावेज तैयार कर कार ट्रांसफर करा दी। उन्होंने कई बार थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। आरोप है कि देवर फैसला करने का दबाव बना रहा है। बच्चों का अपहरण करने की धमकी दे रहा है। संवाद
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बरेली। परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं। विभाग के कर्मचारियों ने फर्जीवाड़ा कर ट्रैवल एजेंट की मौत के एक साल बाद उसकी कार उसके भाई के नाम ट्रांसफर कर दी। एडीजी रमित शर्मा के आदेश पर ट्रैवल एजेंट के भाई और परिवहन विभाग के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ कैंट थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
बारादरी थाना क्षेत्र के आनंदा पार्क सुपर सिटी निवासी नंदिनी वर्मा ने पुलिस को बताया कि उनके पति अजय वर्मा की मृत्यु 14 जुलाई 2019 को हो गई थी। पति ट्रैवल एजेंसी चलाते थे। पति की मौत के बाद वारिसान प्रमाण-पत्र मिलने में देरी की वजह से गाड़ियां पति के नाम पर ही चल रही थीं।
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समय-समय पर वह परिवहन विभाग के पोर्टल पर गाड़ियों की डिटेल जांचती रहती थीं। पति के नाम पर दर्ज एक कार को परिवहन विभाग के पोर्टल पर चेक किया तो पता लगा कि कार विशाल वर्मा के नाम पर ट्रांसफर हो चुकी है।
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इसके बाद उन्होंने संभागीय परिवहन अधिकारी से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी। इसका जवाब 10 अक्टूबर 2025 को मिला। जवाब में उनको बताया किया कि दो सितंबर 2020 को कार विशाल शर्मा के नाम पर ट्रांसफर कर दी है। नंदिनी ने बताया कि पति की मौत इससे एक साल पहले ही हो चुकी थी।
उनके पति अंग्रेजी में हस्ताक्षर करते थे, जबकि ट्रांसफर कागज में हिंदी में हस्ताक्षर किए गए हैं। नंदिनी वर्मा का कहना है कि किसी भी वाहन के ट्रांसफर के समय वाहन मालिक का व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होता है।
उनके पति की मौत के एक साल बाद उनके देवर विशाल ने संभागीय परिवहन कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से कूट रचित दस्तावेज तैयार कर कार ट्रांसफर करा दी। उन्होंने कई बार थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। आरोप है कि देवर फैसला करने का दबाव बना रहा है। बच्चों का अपहरण करने की धमकी दे रहा है। संवाद