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अब धोखाधड़ी में फंसे शहाबुद्दीन, ठेके दिलाने के झांसे में साढ़े आठ लाख हड़पने का आरोप
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ठेकेदार ने कोतवाली में दर्ज कराई एफआईआर- अमेठी के ठेकेदार को सी एंड डीएस का अफसर बताकर की गई धोखाधड़ी
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घर पर बुलाकर मुलाकात कराने और असलियत छिपाने का आरोप
बरेली। तंजीम उलमा इस्लाम के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन मकान कब्जाने का आरोप लगने के बाद धोखाधड़ी के एक और मामले में फंस गए हैं। अब एक ठेकेदार ने उन पर अमेठी के ठेकेदार के साथ ठेके दिलवाने का झांसा देकर साढ़े आठ लाख रुपये हड़प लेने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में कहा गया है कि मौलाना शहाबुद्दीन की मध्यस्थता में हुई बातचीत में अमेठी के ठेकेदार ने खुद को सी एंड डीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर का सहायक बताकर ठेके दिलवाने की बात कही थी। मौलाना के कहने पर उन्होंने उसे साढ़े आठ लाख रुपये दे दिए जिसके बाद वह फरार हो गया है।
प्रेमनगर के नरकुलागंज इलाके में रहने वाले मोहम्मद शाजेब ने कोतवाली में सोमवार को यह एफआईआर दर्ज कराई। इसमें कहा गया है कि मौलानगर में रहने वाले ठेकेदार दिलीप श्रीवास्तव का बिहारीपुर में मौलाना शहाबुद्दीन के घर पर आना-जाना था। दिलीप मूलरूप से लाला का पुरवा, थाना जगदीशपुर जिला अमेठी का निवासी है। मौलाना के घर पर ही उनकी दिलीप से मुलाकात हुई। बातचीत में दिलीप ने खुद को सी एंड डीएस बरेली के प्रोजेक्ट मैनेजर आरएस पांडेय का सहायक बताया। यह भी जताया कि विभाग में उसकी अच्छी पकड़ है। मौलाना शहाबुद्दीन भी अक्सर दिलीप की तारीफ करते थे। शाजेब का कहना है कि ठेके दिलाने की बात हुई तो मौलाना के कहने पर ही वह पांच मार्च 2018 को पांच लाख रुपये लेकर दिलीप के साथ दिल्ली गए।
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शाजेब का कहना है कि दिल्ली के नेहरू प्लेस में दिलीप उन्हें बाहर छोड़कर एक ऑफिस में गया जहां से लौटकर उन्हें कुछ कागज दिखाए। फिर मौलाना से बात कराकर पांच लाख रुपये की रकम ले ली। कुछ दिन बाद दिलीप ने साढ़े तीन लाख रुपये और ले लिए। मगर इसके बाद उन्हें न कोई ठेका मिला न रकम वापस हुई। उन्होंने मौलाना से कहा तो उन्होंने सप्ताह भर में रकम वापस दिलाने का आश्वासन दिया मगर बाद में कहने लगे कि दिलीप से उनका संपर्क ही नहीं हो पा रहा है। मौलानगर के जिस मकान में वह रहता था, वह भी उसने खाली कर दिया है। शाजेब का कहना है कि उन्होंने पुलिस में शिकायत की धमकी की तो मौलाना ने दो बार में उन्हें 95 हजार रुपये दे दिए लेकिन बकाया रकम नहीं मिली। शाजेब ने इस मामले में एसएसपी कार्यालय में शिकायत की थी। सोमवार को कोतवाली में दिलीप श्रीवास्तव और मौलाना शहाबुद्दीन के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
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मुझे बदनाम करने के लिए यह विरोधियों की साजिश है। जिसने रिपोर्ट लिखाई है या जिस ठेकेदार पर रकम लेने का आरोप है, मैं उन दोनों में से किसी को नहीं जानता हूं। पुलिस की जांच में सच सामने आ जाएगा। - मौलाना शहाबुद्दीन
शाजेब की तहरीर पर मौलाना शहाबुद्दीन और कांट्रेक्टर दिलीप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अशोक कुमार सिंह, सीओ फर्स्ट
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घर पर बुलाकर मुलाकात कराने और असलियत छिपाने का आरोप बरेली। तंजीम उलमा इस्लाम के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन मकान कब्जाने का आरोप लगने के बाद धोखाधड़ी के एक और मामले में फंस गए हैं। अब एक ठेकेदार ने उन पर अमेठी के ठेकेदार के साथ ठेके दिलवाने का झांसा देकर साढ़े आठ लाख रुपये हड़प लेने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में कहा गया है कि मौलाना शहाबुद्दीन की मध्यस्थता में हुई बातचीत में अमेठी के ठेकेदार ने खुद को सी एंड डीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर का सहायक बताकर ठेके दिलवाने की बात कही थी। मौलाना के कहने पर उन्होंने उसे साढ़े आठ लाख रुपये दे दिए जिसके बाद वह फरार हो गया है।
प्रेमनगर के नरकुलागंज इलाके में रहने वाले मोहम्मद शाजेब ने कोतवाली में सोमवार को यह एफआईआर दर्ज कराई। इसमें कहा गया है कि मौलानगर में रहने वाले ठेकेदार दिलीप श्रीवास्तव का बिहारीपुर में मौलाना शहाबुद्दीन के घर पर आना-जाना था। दिलीप मूलरूप से लाला का पुरवा, थाना जगदीशपुर जिला अमेठी का निवासी है। मौलाना के घर पर ही उनकी दिलीप से मुलाकात हुई। बातचीत में दिलीप ने खुद को सी एंड डीएस बरेली के प्रोजेक्ट मैनेजर आरएस पांडेय का सहायक बताया। यह भी जताया कि विभाग में उसकी अच्छी पकड़ है। मौलाना शहाबुद्दीन भी अक्सर दिलीप की तारीफ करते थे। शाजेब का कहना है कि ठेके दिलाने की बात हुई तो मौलाना के कहने पर ही वह पांच मार्च 2018 को पांच लाख रुपये लेकर दिलीप के साथ दिल्ली गए।
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शाजेब का कहना है कि दिल्ली के नेहरू प्लेस में दिलीप उन्हें बाहर छोड़कर एक ऑफिस में गया जहां से लौटकर उन्हें कुछ कागज दिखाए। फिर मौलाना से बात कराकर पांच लाख रुपये की रकम ले ली। कुछ दिन बाद दिलीप ने साढ़े तीन लाख रुपये और ले लिए। मगर इसके बाद उन्हें न कोई ठेका मिला न रकम वापस हुई। उन्होंने मौलाना से कहा तो उन्होंने सप्ताह भर में रकम वापस दिलाने का आश्वासन दिया मगर बाद में कहने लगे कि दिलीप से उनका संपर्क ही नहीं हो पा रहा है। मौलानगर के जिस मकान में वह रहता था, वह भी उसने खाली कर दिया है। शाजेब का कहना है कि उन्होंने पुलिस में शिकायत की धमकी की तो मौलाना ने दो बार में उन्हें 95 हजार रुपये दे दिए लेकिन बकाया रकम नहीं मिली। शाजेब ने इस मामले में एसएसपी कार्यालय में शिकायत की थी। सोमवार को कोतवाली में दिलीप श्रीवास्तव और मौलाना शहाबुद्दीन के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
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मुझे बदनाम करने के लिए यह विरोधियों की साजिश है। जिसने रिपोर्ट लिखाई है या जिस ठेकेदार पर रकम लेने का आरोप है, मैं उन दोनों में से किसी को नहीं जानता हूं। पुलिस की जांच में सच सामने आ जाएगा। - मौलाना शहाबुद्दीन
शाजेब की तहरीर पर मौलाना शहाबुद्दीन और कांट्रेक्टर दिलीप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अशोक कुमार सिंह, सीओ फर्स्ट