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फरीदपुर में संपत्ति नामांतरण में धांधली अफसरों को जवाब तक नहीं दिया
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बरेली। जमीनों के मामलों में सिर्फ जिला मुख्यालय नहीं बल्कि जिले की बाकी तहसीलों में भी जमकर धांधली हो रही है। फरीदपुर तहसील में वसीयत के आधार पर भू संपत्ति के नामांतरण का एक मामला ऑनलाइन तौर पर तो खारिज दिखा दिया गया जबकि पत्रावली बता रही है कि इस मुकदमे में सुनवाई के लिए लगातार तारीखें पड़ रही हैं। नायब तहसीलदार के इस मामले में स्पष्टीकरण भी न देने पर एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट एडीएम प्रशासन को भेज दी है।
फरीदपुर के गांव अंगदपुर खमरिया के पूरनलाल ने कमिश्नर रणवीर प्रसाद से दो अक्तूबर को शिकायत की थी कि नायब तहसीलदार फरीदपुर प्रभात कुमार के न्यायालय में धारा 35 (एक) के अंतर्र्गत वसीयत के आधार पर प्रस्तुुत संपत्ति नामांतरण का वाद 20 जुलाई 2019 को ऑनलाइन तौर पर खारिज दिखाया जा रहा है मगर पत्रावलियों में इसकी सुनवाई के लिए लगातार तारीख लगाई जा रही हैं। 20 जुलाई का आदेश भी पत्रावली दर्ज नहीं किया गया है। पूरनलाल ने ऑनलाइन आदेश की कॉपी भी शिकायत में संलग्न की है। कमिश्नर के आदेश पर एसडीएम फरीदपुर ने इस मामले की जांच रिपोर्ट एडीएम प्रशासन वीके सिंह को भेज दी है। इसमें उन्होंने कहा है कि इस प्रकरण में उन्होंने नायब तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा था जिसका उन्होंने जवाब नहीं दिया। मौखिक तौर पर जरूर यह बताया कि उन्होंने रजिस्टार कानूनगो चंद्रपाल से स्पष्टीकरण मांगा था जिसका रजिस्ट्रार कानूनगो ने भी जवाब नहीं दिया।
यह प्रकरण गंभीर है। इस मामले में नायब तहसीलदार और आरके दोनों का स्पष्टीकरण न देना यह साबित करता है कि उन्हें इस मामले में कुछ नहीं कहना है। इसलिए इन दोनों पर विभागीय कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र भेजा गया है। -विशु राजा, एसडीएम, फरीदपुर
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फरीदपुर के गांव अंगदपुर खमरिया के पूरनलाल ने कमिश्नर रणवीर प्रसाद से दो अक्तूबर को शिकायत की थी कि नायब तहसीलदार फरीदपुर प्रभात कुमार के न्यायालय में धारा 35 (एक) के अंतर्र्गत वसीयत के आधार पर प्रस्तुुत संपत्ति नामांतरण का वाद 20 जुलाई 2019 को ऑनलाइन तौर पर खारिज दिखाया जा रहा है मगर पत्रावलियों में इसकी सुनवाई के लिए लगातार तारीख लगाई जा रही हैं। 20 जुलाई का आदेश भी पत्रावली दर्ज नहीं किया गया है। पूरनलाल ने ऑनलाइन आदेश की कॉपी भी शिकायत में संलग्न की है। कमिश्नर के आदेश पर एसडीएम फरीदपुर ने इस मामले की जांच रिपोर्ट एडीएम प्रशासन वीके सिंह को भेज दी है। इसमें उन्होंने कहा है कि इस प्रकरण में उन्होंने नायब तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा था जिसका उन्होंने जवाब नहीं दिया। मौखिक तौर पर जरूर यह बताया कि उन्होंने रजिस्टार कानूनगो चंद्रपाल से स्पष्टीकरण मांगा था जिसका रजिस्ट्रार कानूनगो ने भी जवाब नहीं दिया।
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यह प्रकरण गंभीर है। इस मामले में नायब तहसीलदार और आरके दोनों का स्पष्टीकरण न देना यह साबित करता है कि उन्हें इस मामले में कुछ नहीं कहना है। इसलिए इन दोनों पर विभागीय कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र भेजा गया है। -विशु राजा, एसडीएम, फरीदपुर
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