{"_id":"5d71680f8ebc3e93d8446cb5","slug":"fraud-bareilly-news-bly3750315198","type":"story","status":"publish","title_hn":"25 करोड़ की जमीन साढ़े 12 हजार नीलाम कर गए डीएम गौरव दयाल!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
25 करोड़ की जमीन साढ़े 12 हजार नीलाम कर गए डीएम गौरव दयाल!
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। एक शख्स ने अपनी करोड़ों की जमीन कौड़ियों के भाव नीलाम कर देने की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया कि तत्कालीन डीएम गौरव दयाल ने सैदपुर स्थित जमीन 12550 रुपये में नीलाम करा दी जबकि उसकी वास्तविक कीमत 25 करोड़ रुपये थी। वाणिज्य कर विभाग से जुड़े इस मामले में एडीएम वित्त मनोज पांडेय ने एडीशनल कमिश्नर ग्रेड- वन से रिपोर्ट मांगी थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इस शिकायत को तथ्यहीन बताया है।
चंद्रप्रकाश नाम के व्यक्ति ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी कि बहेड़ी तहसील के सैदपुर बुजुर्ग परगना चौमहला में उनकी 25 करोड़ की जमीन को वर्ष 2015 में डीएम गौरव दयाल ने सिर्फ 12550 रुपये में नीलाम करा दिया था। यह नीलामी वाणिज्य कर विभाग से कराई गई थी। शासन एडीएम वित्त को जांच का निर्देश दिया तो उन्होंने वाणिज्य कर विभाग से रिपोर्ट मांगी। वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर दिलीप कुमार द्विवेदी ने एडीशनल कमिश्नर (ग्रेड-एक) को इसकी आख्या भेज दी। इसमें डीएम गौरव दयाल के खिलाफ शिकायत को तथ्यहीन बताया है। जांच अधिकारी का कहना है कि विक्रय प्रमाण पत्र इलाहाबाद हाईकोर्ट में चंद्र प्रकाश एवं जीनत की ओर से दाखिल याचिकाओं के अधीन जारी हुआ है। विक्रय प्रमाण पत्र के खिलाफ मामला हाईकोर्ट इलाहाबाद में विचाराधीन भी है।
यह मामला शासन से आया था। वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट ली जा रही है। शासन को इससे जल्द ही अवगत कराया दिया जाएगा। -वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन
चंद्रप्रकाश नाम के व्यक्ति ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी कि बहेड़ी तहसील के सैदपुर बुजुर्ग परगना चौमहला में उनकी 25 करोड़ की जमीन को वर्ष 2015 में डीएम गौरव दयाल ने सिर्फ 12550 रुपये में नीलाम करा दिया था। यह नीलामी वाणिज्य कर विभाग से कराई गई थी। शासन एडीएम वित्त को जांच का निर्देश दिया तो उन्होंने वाणिज्य कर विभाग से रिपोर्ट मांगी। वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर दिलीप कुमार द्विवेदी ने एडीशनल कमिश्नर (ग्रेड-एक) को इसकी आख्या भेज दी। इसमें डीएम गौरव दयाल के खिलाफ शिकायत को तथ्यहीन बताया है। जांच अधिकारी का कहना है कि विक्रय प्रमाण पत्र इलाहाबाद हाईकोर्ट में चंद्र प्रकाश एवं जीनत की ओर से दाखिल याचिकाओं के अधीन जारी हुआ है। विक्रय प्रमाण पत्र के खिलाफ मामला हाईकोर्ट इलाहाबाद में विचाराधीन भी है।
विज्ञापन
यह मामला शासन से आया था। वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट ली जा रही है। शासन को इससे जल्द ही अवगत कराया दिया जाएगा। -वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम
विज्ञापन