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Bareilly News: समिति पर खाद लेने गए दो किसानों से धोखाधड़ी
Fri, 08 Dec 2023 01:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 08 Dec 2023 01:09 AM IST
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शेरगढ़। साधन सहकारी समिति दुनका नगरिया सोबरनी पर खाद लेने आए किसानों से 2720 रुपये ठग लिए गए। रुपये देने के बाद भी खाद न मिलने पर किसानों ने थाना पुलिस से शिकायत की है।
थाना क्षेत्र के गांव रजपुरा निवासी प्रताप सिंह और बालपुर गांव के शिवम ने बताया कि साधन सहकारी समिति दुनका नगरिया सोबरनी पर वह डीएपी खाद लेने गए थे। यहां सचिव मौजूद नहीं थे। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से जानकारी ली तो उसने दीवार पर लिखे एक मोबाइल नंबर पर कॉल करने के लिए कहा। कॉल करने पर उधर से बात करने वाले व्यक्ति ने दो बोरी डीएपी के लिए 2720 रुपये मांगे।
कहा कि भुगतान ऑनलाइन करने के बाद वह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के जरिये ही खाद दिलवा देगा। भरोसा करके उन्होंने नजदीक स्थित साइबर कैफे से बताए गए खाते में रुपये डलवा दिए। इसके बाद जब वह समिति पर पहुंचे तो सचिव ने गलत खाते में भुगतान की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति के सचिव ने ही यह नंबर दर्ज किया है। सचिव की भी मिलीभगत है।
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इस संबंध में जब समिति के सचिव परवेंद्र सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि पेंटर ने गलत नंबर पेंट कर दिया था। इसे ठीक कर दिया था। वहीं, किसानों का दावा है कि शिकायत करने की बात कहने पर सचिव ने नंबर सही किया है।
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थाना क्षेत्र के गांव रजपुरा निवासी प्रताप सिंह और बालपुर गांव के शिवम ने बताया कि साधन सहकारी समिति दुनका नगरिया सोबरनी पर वह डीएपी खाद लेने गए थे। यहां सचिव मौजूद नहीं थे। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से जानकारी ली तो उसने दीवार पर लिखे एक मोबाइल नंबर पर कॉल करने के लिए कहा। कॉल करने पर उधर से बात करने वाले व्यक्ति ने दो बोरी डीएपी के लिए 2720 रुपये मांगे।
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कहा कि भुगतान ऑनलाइन करने के बाद वह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के जरिये ही खाद दिलवा देगा। भरोसा करके उन्होंने नजदीक स्थित साइबर कैफे से बताए गए खाते में रुपये डलवा दिए। इसके बाद जब वह समिति पर पहुंचे तो सचिव ने गलत खाते में भुगतान की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति के सचिव ने ही यह नंबर दर्ज किया है। सचिव की भी मिलीभगत है।
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इस संबंध में जब समिति के सचिव परवेंद्र सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि पेंटर ने गलत नंबर पेंट कर दिया था। इसे ठीक कर दिया था। वहीं, किसानों का दावा है कि शिकायत करने की बात कहने पर सचिव ने नंबर सही किया है।