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भाजपा में चार सीटों पर आपसी दंगल, निशाने पर संतोष
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Wed, 18 Jan 2017 12:37 AM IST
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Four seats to BJP mutual Cirque, target satisfaction
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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भाजपा में चार विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के बाकी दावेदार खुल कर बगावत पर उतर आए हैं। इन सीटों पर बाकी दावेदार ने जनता और कार्यकर्ताओं की भावना के अनुरूप टिकट न देने का आरोप लगाते हुए प्रत्याशी बदलने की मांग कर रहे हैं। सबसे ज्यादा गुस्से का इजहार नवाबगंज में बसपा से आए केसर सिंह को टिकट देने पर किया गया। बिथरी में कोई प्रदर्शन तो नहीं हुआ लेकिन नाराज नेताओं ने बगावत का एलान कर दिया है। मीरगंज में सातों दावेदार एकजुट होकर डीसी वर्मा के खिलाफ आ गए हैं। मंगलवार को उन्हें बैठक में ही नहीं आने दिया गया। भोजीपुरा सीट को पटेल परिवार ने प्रतिष्ठा मुद्दा बना लिया है। उनके इस्तीफे की घोषणा से पार्टी के बड़े नेता भी पशोपेश में पड़ गए हैं।
नवाबगंज में केसर के खिलाफ सड़क पर आए बागी
नवाबगंज में केसर सिंह का विरोध उनके बसपा से भाजपा में शामिल होने के वक्त ही शुरू हो गया। स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ बुला कर उन्हें भाजपा में प्रवेश दिलाया तो भी यहां विरोध प्रदर्शन हुए। स्वयं उनके दामाद भुजेंद्र गंगवार तब मोर्चा संभाले हुए थे। अब भुजेंद्र तो सीन से बाहर हैं लेकिन टिकट मिलने के बाद प्रबल दावेदार माने जा रहे डा. एमपी आर्या गुट खुल कर मैदान में आ गया है। दूसरे दिन भी उनके समर्थकों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, भवानी सिंह और जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर के पुतले दहन किए। इनके नाम के बैनर, पोस्टरों की समर्थकों ने होली जलाई और जमकर नारेबाजी की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों वाले पोस्टर भी जलाए गए।
केसर सिंह गंगवार को भाजपा प्रत्याशी घोषित करने के विरोध में एमपी आर्य के समर्थकों ने पार्टी से त्याग पत्र देने की घोषणा की है। आर्य के बारे में कहा जा रहा है कि वह निर्दल भी मैदान में उतर सकते हैं लेकिन उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है। भाजपा के नवाबगंज नगर अध्यक्ष रघुुवीर सिंह वीरे, अहमदाबाद मंडल अध्यक्ष बबलू गंगवार, भदपुरा मंडल अध्यक्ष जमुना प्रसाद, नगर महामंत्री नीरज शुक्ला, अरविंद कुमार, युवा मोर्चा नगर मंडल संयोजक ओमप्रकाश गंगवार, सहसंयोजक संजीव गंगवार, सुनील पाठक, मंगला देवी, धर्मवीर, श्रीपाल सिंह, मनोज राठौर, प्यारे लाल, चरन सिंह, बादाम सिंह यादव, महेंद्र आदि ने अपने पदों से इस्तीफा देने की बात कही है। इनमें कई बूथ और सेक्टर प्रमुख शामिल हैं।
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सुभाष पटेल बोले संतोष गंगवार ने टिकट कटवाया
बरेली। पूर्व विधायक और शहर के मेयर रहे कुंवर सुभाष पटेल ने भोजीपुरा से बेटे प्रशांत पटेल को टिकट न मिलने के विरोध में भाजपा कार्यसमिति सदस्य और पीलीभीत प्रभारी समेत सभी पदों से इस्तीफा की घोषणा करते हुए संतोष गंगवार पर चार बार अपना और इतने ही बार बेटे प्रशांत का टिकट कटवाने का आरोप लगाया है। कहा कि संतोष गंगवार उनके परिवार को राजनीति में आगे नहीं बढ़ने देना चाहते। वह केवल अपना लोकसभा चुनाव देखते हैं। यही वजह है कि 70 हजार वोट वाली कुर्मी बिरादरी के दावेदार को टिकट न दिलाकर 17 हजार वाली मौर्य बिरादरी के बहोरनलाल को टिकट दिलाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं को भेजे अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वह 1951 से संघ, जनसंघ, किसान संघ और भाजपा से जुड़े रहे। 1991 में भोजीपुरा से विधायक बनने के बाद भी मंत्रिमंडल से उनका नाम काटा गया। वर्ष 2000 में सिटिंग मेयर होते हुए संतोष गंगवार ने टिकट कटवाया। भोजीपुरा से 12 बार कुर्मी विधायक बना। बेटे प्रशांत पटेल से भाजपा के संगठन मंत्री ने कहा कि अगर वह चुनाव लड़ना चाहते हैं तो संगठन में कोई पद न लें। तबसे प्रशांत का चार बार टिकट काटा जा चुका है। भाजपा के आंतरिक सर्वे और आरएसएस की सूची में प्रशांत का नाम सबसे ऊपर रहा फिर भी संतोष गंगवार ने उसका टिकट कटवाकर दो बार चुनाव हारने वाले बहोरनलाल मौर्य को टिकट दिला दिया जबकि दो बार हारने वाले को टिकट देने पर प्रतिबंध था। मेरे वार्ड में पार्षद तक का टिकट मुझसे पूछकर नहीं दिया जाता। खुद को उपेक्षित मानते हुए वह भाजपा के समस्त पदों से त्याग पत्र दे रहे हैं। उधर, भोजीपुरा मे बहोरनलाल मौर्य को टिकट मिलने के विरोध में भाजपा नेता जसवंत सिंह, ओम प्रकाश गंगवार, प्रधान वेद प्रकाश गंगवार, राम निवास गंगवार, सुरजीत कटिया, मुकेश माथुर आदि ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की है।
मीरगंज में डीसी वर्मा को बैठक में आने से रोका
मीरगंज में डा. डीसी वर्मा को टिकट मिलने से नाराज भाजपा के सात दावेदारों ने नगर पंचायत अध्यक्ष योगेंद्र गुप्ता उर्फ मुन्ना बाबू के प्रतिष्ठान पर बैठक बुलाई। सबने डीसी वर्मा को बाहरी प्रत्याशी बताया और कहा कि इनका टिकट नहीं बदला तो अगली रणनीति तय की जाएगी। डीसी वर्मा को मीटिंंग रूम में इंट्री नहीं दी गई। यहां डीसी वर्मा के अलावा पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा, नगर पंचायत चेयरमैन योगेंद्र गुप्ता उर्फ मुन्ना बाबू, कुंवर महीपाल सिंह, रमेश चंद्र फौजी, भाजपा नेत्री तेजेश्वरी सिंह, अजय राजपूत और तरुण गंगवार ने भी टिकट मांगा था। डीसी वर्मा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद बाकी दावेदारों ने मंगलवार एकजुट होकर मीटिंग कर नाराजगी जताई। असंतुष्टों ने डीसी वर्मा को दलबदलू और बाहरी नेता बताया। कहा कि भाजपा उनको छोड़कर किसी स्थानीय नेता को टिकट दे। तभी वह चुनाव लड़ाएंगे। अजय राजपूत ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार पर अपना टिकट कटवाने का आरोप लगाया। वहीं, डीसी वर्मा का कहना था कि थोड़ी बहुत नाराजगी दूर हो जाएगी। सब उनके भाई हैं। चुनाव में समर्थन करेंगे।
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नवाबगंज में केसर के खिलाफ सड़क पर आए बागी
नवाबगंज में केसर सिंह का विरोध उनके बसपा से भाजपा में शामिल होने के वक्त ही शुरू हो गया। स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ बुला कर उन्हें भाजपा में प्रवेश दिलाया तो भी यहां विरोध प्रदर्शन हुए। स्वयं उनके दामाद भुजेंद्र गंगवार तब मोर्चा संभाले हुए थे। अब भुजेंद्र तो सीन से बाहर हैं लेकिन टिकट मिलने के बाद प्रबल दावेदार माने जा रहे डा. एमपी आर्या गुट खुल कर मैदान में आ गया है। दूसरे दिन भी उनके समर्थकों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, भवानी सिंह और जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर के पुतले दहन किए। इनके नाम के बैनर, पोस्टरों की समर्थकों ने होली जलाई और जमकर नारेबाजी की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों वाले पोस्टर भी जलाए गए।
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केसर सिंह गंगवार को भाजपा प्रत्याशी घोषित करने के विरोध में एमपी आर्य के समर्थकों ने पार्टी से त्याग पत्र देने की घोषणा की है। आर्य के बारे में कहा जा रहा है कि वह निर्दल भी मैदान में उतर सकते हैं लेकिन उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है। भाजपा के नवाबगंज नगर अध्यक्ष रघुुवीर सिंह वीरे, अहमदाबाद मंडल अध्यक्ष बबलू गंगवार, भदपुरा मंडल अध्यक्ष जमुना प्रसाद, नगर महामंत्री नीरज शुक्ला, अरविंद कुमार, युवा मोर्चा नगर मंडल संयोजक ओमप्रकाश गंगवार, सहसंयोजक संजीव गंगवार, सुनील पाठक, मंगला देवी, धर्मवीर, श्रीपाल सिंह, मनोज राठौर, प्यारे लाल, चरन सिंह, बादाम सिंह यादव, महेंद्र आदि ने अपने पदों से इस्तीफा देने की बात कही है। इनमें कई बूथ और सेक्टर प्रमुख शामिल हैं।
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सुभाष पटेल बोले संतोष गंगवार ने टिकट कटवाया
बरेली। पूर्व विधायक और शहर के मेयर रहे कुंवर सुभाष पटेल ने भोजीपुरा से बेटे प्रशांत पटेल को टिकट न मिलने के विरोध में भाजपा कार्यसमिति सदस्य और पीलीभीत प्रभारी समेत सभी पदों से इस्तीफा की घोषणा करते हुए संतोष गंगवार पर चार बार अपना और इतने ही बार बेटे प्रशांत का टिकट कटवाने का आरोप लगाया है। कहा कि संतोष गंगवार उनके परिवार को राजनीति में आगे नहीं बढ़ने देना चाहते। वह केवल अपना लोकसभा चुनाव देखते हैं। यही वजह है कि 70 हजार वोट वाली कुर्मी बिरादरी के दावेदार को टिकट न दिलाकर 17 हजार वाली मौर्य बिरादरी के बहोरनलाल को टिकट दिलाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं को भेजे अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वह 1951 से संघ, जनसंघ, किसान संघ और भाजपा से जुड़े रहे। 1991 में भोजीपुरा से विधायक बनने के बाद भी मंत्रिमंडल से उनका नाम काटा गया। वर्ष 2000 में सिटिंग मेयर होते हुए संतोष गंगवार ने टिकट कटवाया। भोजीपुरा से 12 बार कुर्मी विधायक बना। बेटे प्रशांत पटेल से भाजपा के संगठन मंत्री ने कहा कि अगर वह चुनाव लड़ना चाहते हैं तो संगठन में कोई पद न लें। तबसे प्रशांत का चार बार टिकट काटा जा चुका है। भाजपा के आंतरिक सर्वे और आरएसएस की सूची में प्रशांत का नाम सबसे ऊपर रहा फिर भी संतोष गंगवार ने उसका टिकट कटवाकर दो बार चुनाव हारने वाले बहोरनलाल मौर्य को टिकट दिला दिया जबकि दो बार हारने वाले को टिकट देने पर प्रतिबंध था। मेरे वार्ड में पार्षद तक का टिकट मुझसे पूछकर नहीं दिया जाता। खुद को उपेक्षित मानते हुए वह भाजपा के समस्त पदों से त्याग पत्र दे रहे हैं। उधर, भोजीपुरा मे बहोरनलाल मौर्य को टिकट मिलने के विरोध में भाजपा नेता जसवंत सिंह, ओम प्रकाश गंगवार, प्रधान वेद प्रकाश गंगवार, राम निवास गंगवार, सुरजीत कटिया, मुकेश माथुर आदि ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की है।
मीरगंज में डीसी वर्मा को बैठक में आने से रोका
मीरगंज में डा. डीसी वर्मा को टिकट मिलने से नाराज भाजपा के सात दावेदारों ने नगर पंचायत अध्यक्ष योगेंद्र गुप्ता उर्फ मुन्ना बाबू के प्रतिष्ठान पर बैठक बुलाई। सबने डीसी वर्मा को बाहरी प्रत्याशी बताया और कहा कि इनका टिकट नहीं बदला तो अगली रणनीति तय की जाएगी। डीसी वर्मा को मीटिंंग रूम में इंट्री नहीं दी गई। यहां डीसी वर्मा के अलावा पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा, नगर पंचायत चेयरमैन योगेंद्र गुप्ता उर्फ मुन्ना बाबू, कुंवर महीपाल सिंह, रमेश चंद्र फौजी, भाजपा नेत्री तेजेश्वरी सिंह, अजय राजपूत और तरुण गंगवार ने भी टिकट मांगा था। डीसी वर्मा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद बाकी दावेदारों ने मंगलवार एकजुट होकर मीटिंग कर नाराजगी जताई। असंतुष्टों ने डीसी वर्मा को दलबदलू और बाहरी नेता बताया। कहा कि भाजपा उनको छोड़कर किसी स्थानीय नेता को टिकट दे। तभी वह चुनाव लड़ाएंगे। अजय राजपूत ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार पर अपना टिकट कटवाने का आरोप लगाया। वहीं, डीसी वर्मा का कहना था कि थोड़ी बहुत नाराजगी दूर हो जाएगी। सब उनके भाई हैं। चुनाव में समर्थन करेंगे।