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भूल जाओ सदन की हाथापाई, हाथ मिला लो

Sun, 03 Apr 2016 01:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Sun, 03 Apr 2016 01:26 AM IST
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Forget House melee , take hands
‌ज‌िला पंचायत बैठक
नगर निगम बोर्ड की बैठक में 30 मार्च को हंगामा, अभद्रता, छेड़छाड़ और हाथापाई करने वाले सपा और भाजपा पार्षदों के बीच समझौते के प्रयास शुरू हो गए हैं। दोनों दलों के बड़े नेताओं ने पार्षदों पर समझौते का दबाव बना रखा है। भाजपा का एक और सपा के चार पार्षद वीडियो फुटेज की जांच में फंस रहे हैं। सपा के दो पार्षद एफआईआर दर्ज होने पर जेल जाने के डर से भाजपा से माफी मांगने तक को तैयार हो गए हैं।  
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सदन में महिलाओं से अभद्रता और पार्षदों से हाथापाई की वीडियो फुटेज में सपा के आरिफ कुरैशी, शमीम अहमद, मोहम्मद नासिर, अकील गुड्डू और भाजपा के कपिलकांत फंसते नजर आ रहे हैं। हाथापाई में सपा के ही चार पार्षदों की भूमिका को लेकर जांच चल रही है। राजेश अग्रवाल वीडियो फुटेज में अपनी पार्टी के पार्षदों को झगड़े से रोकने का प्रयास करते दिख रहे हैं। पुलिस ने गेंद मेयर के पाले में डाल दी है। मेयर डा. आईएस तोमर को वीडियो फुटेज की जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपनी है। मेयर की रिपोर्ट शासन में पहुंचने पर सपा के चार और भाजपा के एक पार्षद की सदस्यता भी जा सकती है। इसलिए मेयर ने सपा पार्षदों से साफ तौर पर कह दिया है कि वह समझौता कर लें तो बात खत्म कर दी जाए। अन्यथा उनको मजबूरी में दोनों दलों के पार्षदों के खिलाफ रिपोर्ट भेजनी पड़ेगी। बोर्ड की पुरानी बैठकों के भी वीडियो फुटेज देखी जाएगी।  
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उधर, भाजपा पार्षदों की पार्टी कार्यालय पर हुई मीटिंग में भी समझौते पर सबकी राय जानी गई। इनमें महिला पार्षदों का रुख उग्र था। वे किसी कीमत पर समझौता करने को तैयार नहीं हैं लेकिन पार्टी के बड़े नेताओं के दबाव के बाद आधा दर्जन पार्षद समझौते के मूड में हैष वे ऐसा समझौता चाहते हैं कि मान सम्मान भी रह जाए और बात भी न बिगड़े। 
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ये है समझौते की वजह  
सपा के कुछ पार्षदों से हरकत से मेयर भी खफा रहते हैं। वीडियो फुटेज की जांच में मेयर की रिपोर्ट पर ही कार्रवाई होनी है। मेयर सपा के हंगामा करने वाले पार्षदों को सबक सिखाने की कोशिश में भी हैं। इसलिए उनको वीडियो फुटेज में फंसने की बात कहकर डराया भी जा रहा है ताकि वह भविष्य में ऐसी हरकत न करें। उधर, भाजपा के एक नेता के रिश्तेदार ने नगर निगम की दुकानें ले रखी हैं। उनका लंबे समय से किराया नहीं जमा है। वह संगठन में महत्वपूर्ण पद पर हैं। इसलिए वह चाहते हैं कि ये विवाद निपट जाए ताकि उनके रिश्तेदारों का नुकसान न हो। दोनों दलों की कमजोरियां एक दूसरे को समझौते के नजदीक ला रही हैं।  

‘झगड़ा अच्छी बात नहीं है। सदन में फिर से सबको एक साथ बैठना है। हमने अपने पार्षदों से कह दिया है कि अगर भाजपा के लोग सदन में हमारे लिए कुछ कहते हैं तो धरने पर बैठ जाओ लेकिन किसी के लिए कुछ मत कहो। भाजपा को भी अपने एक पार्षद पर लगाम लगानी चाहिए।’ राजेश अग्रवाल, नेता पार्षद दल सपा 

‘सदन में पिछले दिनों हुई घटना पर भाजपा पार्षदों की मीटिंग में सबकी राय जानी गई थी। हम भी चाहते हैं कि झगड़ा आगे न बढ़े लेकिन कोई भी समझौता मान सम्मान की कीमत पर नहीं होगा। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए।’ छंगामल मौर्य, सचेतक भाजपा पार्षद दल 

शपथ ग्रहण के तीन महीने बाद शनिवार को हुई जिला पंचायत बोर्ड की पहली बैठक में सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव के भतीजों ने अध्यक्ष संजय सिंह के खिलाफ बागी मुद्रा में नजर आए। कार्ययोजना और ठेकों पर सवाल उठाए, बाद में बजट डिटेल में प्रस्तुत न करने का तर्क देकर खूब हंगामा किया। अध्यक्ष और अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) उन्हें मनाते रहे लेकिन वह अपने समर्थक कुछ सदस्यों को साथ लेकर सदन का बहिष्कार कर गए। इसके बाद बैठक स्थगित करनी पड़ी। अब अगली बैठक 12 अप्रैल को होगी।
एएमए रामपाल सिंह यादव ने जैसे सदन की कार्र्यवाही शुरू की,  सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव के भतीजे और आलमपुर जाफराबाद के ब्लाक प्रमुख आदेश प्रताप सिंह गुड्डू ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने कहा कि पहले शपथ के दौरान हुई बैठक की कार्रवाई की पुष्टि कराई जाए और जिला पंचायत की समितियों का गठन का ब्यौरा पेश किया जाए। इस पर निर्माण, प्रशासनिक, जलप्रबंधन आदि छह समितियों के सदस्यों के नाम पढ़कर सदन को सुनाए गए। 15-16 के संशोधित बजट पर भी हंगामा हो गया। आदेश गुड्डू, राजकुमार यादव समेत कई सदस्य कहने लगे - संशोधित बजट की डिटेल बताई जाए। मछली तालाब के ठेके पर भी सवाल उठाए। कहा कि आचार संहिता के दौरान ही गुपचुप ठेका दे दिया गया है। भुता ब्लाक के प्रमुख जगमोहन सिंह यादव ने सुझाव रखा- डिटेल एजेंडा अभी नहीं है तो दो दिन बाद बैठक बुला ली जाए। एएमए ने कहा कि इससे बजट अटक जाएगा। इस पर चुप बैठे वीरपाल सिंह के दूसरे भतीजे जिला पंचायत सदस्य विनोद यादव बोले- अब आज बैठक नहीं होगी। इसके बाद सपा जिलाध्यक्ष के दामाद डॉ. जीराज सिंह यादव समेत सपा के कई सदस्य सदन से बाहर चले गए। अध्यक्ष संजय ने उन्हें रोकने की काफी कोशिश की। बाहर भी हंगामा होने लगा। उन्हें समझाने पहुंचे एएमए काफी अनुनय-विनय करते रहे लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला तो सदन को स्थगित कर दिया गया। अध्यक्ष संजय ने 12 अप्रैल को अगली बैठक की घोषणा की। बैठक में भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम और सीडीओ की ओर से डीआरडीए के परियोजना निदेशक साहित्य प्रकाश मिश्र मौजूद रहे।


दब गई टैक्स की बात
बैठक में कई सदस्यों ने टैक्स की रिकवरी को जिले में सैकड़ों लोगों की आरसी जारी होने पर सवाल उठाए। ब्लाक प्रमुख चौधरी धर्मपाल सिंह, योगेश पटेल, आदेश गुड्डू, ममता गंगवार आदि सदस्यों ने कहा कि आरसी जारी करने से पहले लोगों को नोटिस दिए जाने चाहिए थे और छोटे बकाएदारों को आरसी जारी नहीं होनी चाहिए। अध्यक्ष संजय ने भी ये बात मानी लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं हो सका।
 
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