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Bareilly News: फर्जीवाड़ा टेंडर निरस्त...फर्म को काली सूची में डालने की संस्तुति
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बरेली। लोक निर्माण विभाग ने फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र के आधार पर भोजीपुरा-अगरास मार्ग का टेंडर हासिल करने वाली फर्म पर कार्रवाई का शिकंजा कसा है। अधीक्षण अभियंता ने टेंडर निरस्त करते हुए 42.3 लाख रुपये की जमानत कर फर्म को काली सूची में डालने की संस्तुति मुख्य अभियंता से की है। संस्तुति के लिए पत्र मंगलवार को भेजा गया है।
लोक निर्माण विभाग ने भोजीपुरा-अगरास मार्ग पर 19.6 किलोमीटर का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 27 करोड़ रुपये के काम का टेंडर जारी किया था। टेंडर स्टोन हाइट इंफ्रा के नाम निकला, फर्म ने जो अनुभव प्रमाणपत्र लगाया है। उसे फर्जी बताकर शिकायत की गई थी। जांच के दौरान फर्म के संचालक उस्मान ने आरोपों को गलत ठहराया, लेकिन जांच अधिकारी अधीक्षण अभियंता का कहना है कि प्रमाणपत्र सही नहीं हैं। त्रुटिपूर्ण प्रमाणपत्र होने की बात स्वीकार करते हुए सेतु निगम शाहजहांपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने आख्या दी है। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि फर्म ने कभी भी 14 करोड़ 51 लाख रुपये का एक काम नहीं किया। मुख्य अभियंता ने बताया कि 27 करोड़ के काम का टेंडर हासिल करने के लिए कम से कम 9 करोड़ रुपये के काम का अनुभव फर्म के पास होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं था।
और भी मामलों में निकलेगा फर्जीवाड़ा
फर्जीवाड़े को सामने लाने वाले एक ठेकेदार का कहना है कि अगर आरोप से घिरी फर्म के पुराने अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच की जाए तो और फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है। जांच की आंच उन अभियंताओं पर भी आएगी जिनके संरक्षण में फर्म को लगातार टेंडर दिए गए हैं।
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कोट-
फर्जीवाड़े पर कार्रवाई तय है। अधीक्षण अभियंता की संस्तुति उन्हें अभी नहीं मिल पाई है, लेकिन जैसे ही पत्र मिलेगा टेंडर निरस्त करते हुए कार्रवाई करेंगे। - संजय कुमार तिवारी, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग
कोट-
केवल फर्म ही नहीं, सेतु निगम शाहजहांपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर जिन्होंने त्रुटिपूर्ण अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया वह जिम्मेदार हैं। प्रोजेक्ट डायेरक्टर ने त्रुटि को स्वीकार किया है। अब उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता की ओर से सेतु निगम के एमडी को पत्र जाएगा। - अभिनेश कुमार, अधीक्षण अभियंता
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लोक निर्माण विभाग ने भोजीपुरा-अगरास मार्ग पर 19.6 किलोमीटर का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 27 करोड़ रुपये के काम का टेंडर जारी किया था। टेंडर स्टोन हाइट इंफ्रा के नाम निकला, फर्म ने जो अनुभव प्रमाणपत्र लगाया है। उसे फर्जी बताकर शिकायत की गई थी। जांच के दौरान फर्म के संचालक उस्मान ने आरोपों को गलत ठहराया, लेकिन जांच अधिकारी अधीक्षण अभियंता का कहना है कि प्रमाणपत्र सही नहीं हैं। त्रुटिपूर्ण प्रमाणपत्र होने की बात स्वीकार करते हुए सेतु निगम शाहजहांपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने आख्या दी है। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि फर्म ने कभी भी 14 करोड़ 51 लाख रुपये का एक काम नहीं किया। मुख्य अभियंता ने बताया कि 27 करोड़ के काम का टेंडर हासिल करने के लिए कम से कम 9 करोड़ रुपये के काम का अनुभव फर्म के पास होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं था।
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और भी मामलों में निकलेगा फर्जीवाड़ा
फर्जीवाड़े को सामने लाने वाले एक ठेकेदार का कहना है कि अगर आरोप से घिरी फर्म के पुराने अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच की जाए तो और फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है। जांच की आंच उन अभियंताओं पर भी आएगी जिनके संरक्षण में फर्म को लगातार टेंडर दिए गए हैं।
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कोट-
फर्जीवाड़े पर कार्रवाई तय है। अधीक्षण अभियंता की संस्तुति उन्हें अभी नहीं मिल पाई है, लेकिन जैसे ही पत्र मिलेगा टेंडर निरस्त करते हुए कार्रवाई करेंगे। - संजय कुमार तिवारी, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग
कोट-
केवल फर्म ही नहीं, सेतु निगम शाहजहांपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर जिन्होंने त्रुटिपूर्ण अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया वह जिम्मेदार हैं। प्रोजेक्ट डायेरक्टर ने त्रुटि को स्वीकार किया है। अब उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता की ओर से सेतु निगम के एमडी को पत्र जाएगा। - अभिनेश कुमार, अधीक्षण अभियंता