शाहजहांपुर में बाढ़: खतरे के निशान के करीब गर्रा नदी, घरों में घुसा पानी; राजकीय मेडिकल कॉलेज में अलर्ट
शाहजहांपुर में गर्रा नदी का जलस्तर मंगलवार को खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। नदी का पानी अजीजगंज डैम रोड पर पहुंच गया। वहीं खन्नौत नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। कई इलाके बाढ़ से घिर गए हैं।
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शाहजहांपुर में गर्रा और खन्नौत नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। खन्नौत नदी के किनारे बसे लोधीपुर में मंगलवार सुबह कुछ घरों में पानी पहुंच गया। नदी के किनारे रहने वाले लोगों के घरों में पानी पहुंचने के बाद भी लोग वहां पर रुके हुए हैं। हालांकि प्रशासन और पार्षद की ओर से उनको सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए लगातार अपील की जा रही है। लेकिन लोग अपना घर छोड़कर जाने के लिए अभी तैयार नहीं है। उधर, गर्रा नदी का पानी सुभाष नगर तक पानी पहुंच गया। वहीं, राजकीय मेडिकल कॉलेज भी अलर्ट मोड पर है। अस्पताल में एक्स-रे, अल्ट्रसाउंड समेत अन्य मशीनों को ग्राउंड फ्लोर से दूसरी मंजिल पर शिफ्ट करने का काम देर रात शुरू कर दिया गया।
लोधीपुर में खन्नौत नदी के किनारे रहने वाली रंजना अपने घर के सामने बाढ़ का पानी रोकने के लिए फावड़ा उठाकर रेत से बंधा बांधती मिली। उन्होंने बताया कि उनके घर के पास स्थित तीन चार मकानों में पानी पहुंच गया है। उन्होंने अपने घर के ओर बाढ़ का पानी आने से रोकने के लिए मंगलवार सुबह से ही बंधा बांधना शुरू कर दिया था। लेकिन रेत से बहुत ज्यादा देर पानी रुकना मुश्किल है। उनके पति का निधन हो चुका है। वो अपने चार बच्चों के साथ रह रही हैं। जुलाई माह में बाढ़ आने पर घर में चार फीट तक पानी भर गया था। इस बार भी ऐसा होने पर दिक्कत होगी।
बाढ़ से संपर्क मार्ग कटा
गर्रा नदी का जलस्तर मंगलवार को खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। बाढ़ का पानी अजीजगंज डैम रोड पर पहुंच गया। इससे एसएस कॉलेज की ओर बनी कॉलोनी की ओर पहुंचने लगा। अजीजगंज से न्यू सिटी ककरा की ओर जाने वाले पुल का संपर्क मार्ग फिर से क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे इस रोड पर आवागमन बंद हो गया है। न्यू सिटी ककरा में स्थित ई बस चार्जिंग स्टेशन की ओर भी पानी पहुंच गया है। इससे ई-बस चार्ज नहीं हो पा रहीं। सभी ई-बसों को जीआईसी खेल मैदान पर खड़ा कर दिया गया है।
दो महीने पहले बाढ़ से हुआ था काफी नुकसान
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार ने बताया कि पूर्व में आई गर्रा नदी की बाढ़ से अस्पताल में काफी ज्यादा नुकसान हुआ था। इसको देखते हुए निर्णय लिया गया है। प्रशासन की ओर से एनाउंसमेंट कराकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की जा रही है, इसके साथ ही नाव की व्यवस्था कराई गई।
जुलाई में गर्रा व खन्नौत नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई वार्डों में बाढ़ का पानी आ गया था। लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा। घरों में पानी घुसने से फर्नीचर, फ्रिज, टीवी, कपड़े आदि घरेलू सामान खराब हो गया था। उस समय आई बाढ़ से लोग निकल भी नहीं सके थे कि एक बार फिर बाढ़ के पानी ने लोगों को परेशान कर दिया है। वहीं, गर्रा नदी में गिरने वाले नाले से पानी वापस आने लगा है। इसकी वजह से सोमवार को सुभाषनगर की गलियों में पानी भर गया।
सोमवार को निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय के पीछे तथा जैव विविधता पार्क में पानी पहुंच गया। इसका नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्र तथा अपर नगर आयुक्त एसके सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक हरवंश दीक्षित भी मौजूद रहे।
गलियां नीची होने की वजह से आ रहा बाढ़ का पानी
सुभाषनगर में रहने वाले लोगों ने बताया कि मोहल्ले की गलियां काफी नीचे हैं। मकान को ऊंचा करके बनवाया गया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि सड़कें ऊंची करके बनाई जातीं तो बाढ़ की समस्या नहीं आती। उनकी मांग है कि सड़कों को ऊंचा करने के साथ ही नाले में जगह-जगह फाटक लगवाए जाएं, जिससे पानी को बैक होने से रोका जा सके। इससे बाढ़ से बचा जा सकेगा। मांग करने वालों में अवनी दीक्षित, झनकार सिंह, सोनू, विक्रम चंद्रा आदि शामिल हैं।
बरहा मोहब्बतपुर और आजमाबाद गांव में घुसा पानी
गर्रा की बाढ़ से तटवर्ती गांव बरहा मोहब्बतपुर में भूमि कटान कर पानी गांव के गलियारे में घुस गया है। आजमाबाद में भी कुछ घरों के आसपास पानी पहुंच जाने से ग्रामीण परेशान हैं। सिंचाई विभाग के एसडीओ सुधीर और जेई अनिल कुमार ने ईंट रोड़ा से भरीं बोरियां भरकर कटान वाले स्थान पर लगवाईं। नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी ने कानूनगो अवधेश वाजपेयी के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर राहत और बचाव कार्य तेज कराए।
रहा की ग्राम प्रधान अनामिका गुप्ता ने बताया कि गांव के पश्चिम दिशा में कटान हो रहा है। आजमाबाद में पानी गांव के सुआलाल, अखिलेश और रामसेवक के घरों के दरवाजे तक पहुंच गया। क्षेत्र की लेखपाल अंशु वाजपेयी ने नाव से आजमाबाद जाकर बाढ़ से हो रहे नुकसान का जायजा लिया। गर्रा के तटवर्ती ढकिया रघा, जिकरीपुर ,चिती बोझी, घनश्यामपुर, बिहारीपुर, आजमाबाद, प्रहलादपुर, विट्ठलपुर, रटा रटी आदि गांव बाढ़ से घिर गए हैं।