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मेयर-सभासद प्रत्याशियों के रिश्तेदार खा रहे कसमें
बरेली।
Updated Thu, 07 Dec 2017 01:56 AM IST
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चुनाव
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पूर्व मेयर डाक्टर आईएस तोमकर के बेहद नजदीकी माने जाने वाले मुस्लिम परिवार बार-बार उनके पास जाकर उन्हें वोट डालने का भरोसा दिला रहे हैं। कसमें उठाकर कह रहे हैं कि यकीन करो वरना हलफनामा ले लो हमसे..। ‘आप’ से मेयर प्रत्याशी नवनीत अग्रवाल के अपने खास परिवारी ही मुश्किल में हैं। उनके परिवार के ही 22 वोट पड़े थे, मगर निकले सिर्फ चार। तन से गुमसुम नवनीत को परिवारी भरोसा दिलाते नहीं थक रहे। बसपा प्रत्याशी के तो अपने खानदानी पचास घरों वाले बूथ से मात्र 19 वोट निकले हैं, तब से पूरा कुनबा उनके घर पर जुटा उनके अपने होने की कसमें खा रहा है। निर्दलीय प्रत्याशी मनोज विकट समेत तमाम मेयर या सभासदी लड़े नेताओं की परिवारी-खानदानी और नजदीकियों से संबंधदारी दांव पर लगी है। हालांकि, सभी नेता ईवीएम में गड़बड़ी तो तमाम अन्य वजह बताकर बात टाल रहे हैं।
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। निकाय चुनाव में मुस्लिम इलाकों में भाजपा को भारी तादाद में वोट मिलना किसी को हजम नहीं हो रहा है। अपने ही इलाकों में हारे प्रत्याशी ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं। प्रत्याशियों में ही नहीं, उनके समर्थकों और परिवार के लोगों में भी इस बात को लेकर काफी बेचैनी है कि उनके अपने ही बूथ पर वोट क्यों नहीं मिला। उनके परिवार, रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों के वोट आखिर कहां चले गए। रोहिली टोला, रहपुरा चौधरी, जसौैली, फरीदापुर चौधरी, पुराने शहर समेत शहर के मुस्लिम इलाकों में भाजपा को वोट कैसे मिल गए।
इन मुस्लिम बहुल इलाकों में सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि भाजपा के पक्ष में वोटिंग करने वाले कौैन लोग है। पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के पास तो मुस्लिम इलाकों के लोग मतगणना के बाद से ही लगातार पहुंच रहे हैं। महिलाओं को अपने पतियों के आगे कसमें खानी पड़ रही हैं। उनके पति डॉ. तोमर को शपथ पत्र देने को तैयार हैैं कि उन्होंने भाजपा को वोट नहीं दिया। ऐसे में मुस्लिम इलाकों में भाजपा को मिले वोट सबको परेशान कर रहे हैं। मोहल्ला पटेल नगर से निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी जुगल किशोर ने भी ईवीएम पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ वोट किया, लेकिन मतगणना में उनका एक भी वोट नहीं निकला। अगर पत्नी ने उनको वोट नहीं भी दिया तो उनका एक वोट तो निकलना ही चाहिए था।
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हमारे पास हिंदू-मुस्लिम दोनों ही इलाकों के लोग आ रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने मुझे ही वोट दिए हैं। वे शपथ पत्र भी देने को तैयार हैं और जानना चाहते हैं कि उनके वोट गए कहां। इससे यह बात साफ है कि भाजपा ने ईवीएम में गड़बड़ी कराई है। इलाहाबाद समेत और भी कई अन्य शहरों से हमारी बात हुई है। गड़बड़ी नहीं होती तो हमारी जीत पक्की थी। -डॉ.आईएस तोमर, पूर्व मेयर एवं सपा मेयर प्रत्याशी
मैं डेलापीर इलाके में अपनी ननिहाल में रहता हूं। यहां ननिहाल के अलावा हमारी बहनें, रिश्तेदार और पड़ोसी मिलाकर करीब 50 मकान हैं, लेकिन वोट यहां से सिर्फ 19 निकले हैं। दो-चार को छोड़ दिया जाए तो मुस्लिम भाजपा को वोट दे ही नहीं सकता है। ईवीएम की गड़बड़ी से ही ऐसा हुआ है। ईवीएम से चुनाव होने ही नहीं चाहिए। -मोहम्मद यूसुफ, बसपा मेयर प्रत्याशी
409 से 411 तक हमारे इलाके के बूथ हैं। इस इलाके में हमारे परिवार के 150 लोग रहते हैं। सभी ने मेरे पक्ष में मतदान किया है, जबकि मुझे सिर्फ चार वोट मिले हैं। सवाल यह है कि मेरे परिवार के वोट कहां चले गए। इसके अलावा बाकी इलाकों में भी आप के पक्ष में वोटिंग हुई है, लेकिन ईवीएम में गड़बड़ी कर सारे वोट गायब कर दिए गए। - नवनीत अग्रवाल, मेयर प्रत्याशी, आप
बिहारीपुर सिविल लाइंस, माधोबाड़ी और एकता नगर के इलाके के तमाम लोगों ने मुझे वोट दिया है, लेकिन इन इलाकों में मुझे मात्र 10 से 20 वोट ही मिले हैं, जबकि इन इलाकों से ही मुझे कम से कम पांच हजार वोट मिलने चाहिए थे। ईवीएम में गड़बड़ी होने की वजह से मुझे वोट नहीं मिल पाया है। मतपत्र से चुनाव होने चाहिए। - इंजीनियर कमल किशोर, मेयर प्रत्याशी, निर्दलीय
मैं निर्दलीय तौर पर चुनाव मैदान में था। परिवार के करीब 50 सदस्य एक ही इलाके में रहते हैं, लेकिन मेरे की बूथ पर मुझे सिर्फ नाम के लिए वोट मिले। ऐसा कैसे हो सकता है। अगर 50 ने नहीं तो 10 ने वोट तो दिया होगा, लेकिन मतगणना में सिर्फ दो वोट ही वोट मिले हैं। ईवीएम में गड़बड़ी की वजह से मुझे वोट नहीं मिले। - मनोज विकट, मेयर प्रत्याशी, निर्दलीय
इन मुुस्लिम इलाकों में भाजपा को मिले वोट
नगर निगम चुनाव में जिन मुस्लिम इलाकों में सपा को वोट मिलने का पूरा अनुमान था, पार्टी प्रत्याशी डॉ. आईएस तोमर उन्हीं इलाकों में वोट पाने में भाजपा से पिछड़ गए। दर्जनों की संख्या में ऐसे मुस्लिम एरिया के बूथ हैं, जिन पर भाजपा को सपा से ज्यादा वोट मिले। सपा के सारे अनुमान ध्वस्त हो गए। भाजपा ने मुस्लिम इलाकों से न केवल अपने गढ़ में कम पड़े वोटों की भरपाई की बल्कि सपा प्रत्याशी से आगे निकलकर मेयर की सीट भी जीत ली। वह प्रमुख मुस्लिम बहुल एरिया, जहां भाजपा ने सपा से ज्यादा वोट हासिल किए।
शहर का इलाका बूथ नंबर भाजपा सपा
जसौली 01 334 78
बानखाना 376 533 30
मौलानगर 183 235 87
स्वालेनगर 221 328 209
रोहली टोला 375 645 98
रहपुरा चौधरी 211 241 133
कटघर 228 437 269
बंडिया 200 247 47
खलीलपुर 164 461 149
परतापुर जीवन सहाय 196 177 43
फरीदापुर चौधरी 206 125 41
रहपुरा चौधरी 213 244 175
रहपुरा चौधरी 217 524 48
जौहरपुर 266 204 125
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अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। निकाय चुनाव में मुस्लिम इलाकों में भाजपा को भारी तादाद में वोट मिलना किसी को हजम नहीं हो रहा है। अपने ही इलाकों में हारे प्रत्याशी ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं। प्रत्याशियों में ही नहीं, उनके समर्थकों और परिवार के लोगों में भी इस बात को लेकर काफी बेचैनी है कि उनके अपने ही बूथ पर वोट क्यों नहीं मिला। उनके परिवार, रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों के वोट आखिर कहां चले गए। रोहिली टोला, रहपुरा चौधरी, जसौैली, फरीदापुर चौधरी, पुराने शहर समेत शहर के मुस्लिम इलाकों में भाजपा को वोट कैसे मिल गए।
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इन मुस्लिम बहुल इलाकों में सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि भाजपा के पक्ष में वोटिंग करने वाले कौैन लोग है। पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के पास तो मुस्लिम इलाकों के लोग मतगणना के बाद से ही लगातार पहुंच रहे हैं। महिलाओं को अपने पतियों के आगे कसमें खानी पड़ रही हैं। उनके पति डॉ. तोमर को शपथ पत्र देने को तैयार हैैं कि उन्होंने भाजपा को वोट नहीं दिया। ऐसे में मुस्लिम इलाकों में भाजपा को मिले वोट सबको परेशान कर रहे हैं। मोहल्ला पटेल नगर से निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी जुगल किशोर ने भी ईवीएम पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ वोट किया, लेकिन मतगणना में उनका एक भी वोट नहीं निकला। अगर पत्नी ने उनको वोट नहीं भी दिया तो उनका एक वोट तो निकलना ही चाहिए था।
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हमारे पास हिंदू-मुस्लिम दोनों ही इलाकों के लोग आ रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने मुझे ही वोट दिए हैं। वे शपथ पत्र भी देने को तैयार हैं और जानना चाहते हैं कि उनके वोट गए कहां। इससे यह बात साफ है कि भाजपा ने ईवीएम में गड़बड़ी कराई है। इलाहाबाद समेत और भी कई अन्य शहरों से हमारी बात हुई है। गड़बड़ी नहीं होती तो हमारी जीत पक्की थी। -डॉ.आईएस तोमर, पूर्व मेयर एवं सपा मेयर प्रत्याशी
मैं डेलापीर इलाके में अपनी ननिहाल में रहता हूं। यहां ननिहाल के अलावा हमारी बहनें, रिश्तेदार और पड़ोसी मिलाकर करीब 50 मकान हैं, लेकिन वोट यहां से सिर्फ 19 निकले हैं। दो-चार को छोड़ दिया जाए तो मुस्लिम भाजपा को वोट दे ही नहीं सकता है। ईवीएम की गड़बड़ी से ही ऐसा हुआ है। ईवीएम से चुनाव होने ही नहीं चाहिए। -मोहम्मद यूसुफ, बसपा मेयर प्रत्याशी
409 से 411 तक हमारे इलाके के बूथ हैं। इस इलाके में हमारे परिवार के 150 लोग रहते हैं। सभी ने मेरे पक्ष में मतदान किया है, जबकि मुझे सिर्फ चार वोट मिले हैं। सवाल यह है कि मेरे परिवार के वोट कहां चले गए। इसके अलावा बाकी इलाकों में भी आप के पक्ष में वोटिंग हुई है, लेकिन ईवीएम में गड़बड़ी कर सारे वोट गायब कर दिए गए। - नवनीत अग्रवाल, मेयर प्रत्याशी, आप
बिहारीपुर सिविल लाइंस, माधोबाड़ी और एकता नगर के इलाके के तमाम लोगों ने मुझे वोट दिया है, लेकिन इन इलाकों में मुझे मात्र 10 से 20 वोट ही मिले हैं, जबकि इन इलाकों से ही मुझे कम से कम पांच हजार वोट मिलने चाहिए थे। ईवीएम में गड़बड़ी होने की वजह से मुझे वोट नहीं मिल पाया है। मतपत्र से चुनाव होने चाहिए। - इंजीनियर कमल किशोर, मेयर प्रत्याशी, निर्दलीय
मैं निर्दलीय तौर पर चुनाव मैदान में था। परिवार के करीब 50 सदस्य एक ही इलाके में रहते हैं, लेकिन मेरे की बूथ पर मुझे सिर्फ नाम के लिए वोट मिले। ऐसा कैसे हो सकता है। अगर 50 ने नहीं तो 10 ने वोट तो दिया होगा, लेकिन मतगणना में सिर्फ दो वोट ही वोट मिले हैं। ईवीएम में गड़बड़ी की वजह से मुझे वोट नहीं मिले। - मनोज विकट, मेयर प्रत्याशी, निर्दलीय
इन मुुस्लिम इलाकों में भाजपा को मिले वोट
नगर निगम चुनाव में जिन मुस्लिम इलाकों में सपा को वोट मिलने का पूरा अनुमान था, पार्टी प्रत्याशी डॉ. आईएस तोमर उन्हीं इलाकों में वोट पाने में भाजपा से पिछड़ गए। दर्जनों की संख्या में ऐसे मुस्लिम एरिया के बूथ हैं, जिन पर भाजपा को सपा से ज्यादा वोट मिले। सपा के सारे अनुमान ध्वस्त हो गए। भाजपा ने मुस्लिम इलाकों से न केवल अपने गढ़ में कम पड़े वोटों की भरपाई की बल्कि सपा प्रत्याशी से आगे निकलकर मेयर की सीट भी जीत ली। वह प्रमुख मुस्लिम बहुल एरिया, जहां भाजपा ने सपा से ज्यादा वोट हासिल किए।
शहर का इलाका बूथ नंबर भाजपा सपा
जसौली 01 334 78
बानखाना 376 533 30
मौलानगर 183 235 87
स्वालेनगर 221 328 209
रोहली टोला 375 645 98
रहपुरा चौधरी 211 241 133
कटघर 228 437 269
बंडिया 200 247 47
खलीलपुर 164 461 149
परतापुर जीवन सहाय 196 177 43
फरीदापुर चौधरी 206 125 41
रहपुरा चौधरी 213 244 175
रहपुरा चौधरी 217 524 48
जौहरपुर 266 204 125
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