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Bareilly News: लहराया परचम, उर्स-ए-मोहम्मदी का आगाज
Fri, 25 Apr 2025 02:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 25 Apr 2025 02:11 AM IST
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बरेली। कुतुबुल अकताब अश्शाह मौलाना वली मोहम्मद (वली मियां) का 35वां सालाना चार दिवसीय उर्स-ए-मोहम्मदी का आगाज मोहम्मदी परचम लहराने के साथ ही हो गया। वहीं उर्स में शिरकत करने के लिए काफी तादाद में जायरीन भी पहुंच चुके हैं।
उर्स-ए-मोहम्मदी की शुरुआत से पहले बृहस्पतिवार को नीम की चढ़ाई स्थित सलमान शमसी के निवास से ताहिर जमाल शमसी व आरिफ उल्लाह की कयादत में जुलूस निकाला गया। इसमें मोहम्मद जफर शमसी आगे हाथ में परचम लिए हुए चल रहे थे। साथ में नातख्वा नात व मनकबत पढ़ रहे थे। जुलूस का सबसे पहले उमर कादरी, सईद शमसी, फराज शम्सी आदि ने इस्तकबाल किया। फूटा दरवाजा पर समीर अजीज, मुजीब, हाजी तौसीफ, महताब ने लंगर का इंतजाम किया।
यह परचमी जुलूस खन्नू मोहल्ला से होता हुआ जखीरा बजरिया स्थित मोहम्मद असलम अंसारी केे घर पहुंचा वहां फातेहा हुई और शिजरा पढ़ा गया। जुलूस में शहर-शहर गली-गली, या वली या वली... के नारे लगाते रहे। इसी तरह किला व्यापार मंडल ने भी फूल बरसा कर स्वागत किया गया। जुलूस के बाजार संदल खां स्थित दरगाह वली मियां पहुंचने पर जहां शिराज शमसी ने सज्जादानशीन अल्हाज अनवर मियां हुज़ूर को परचम सौंपा।
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परचम कुशाई की रस्म के साथ चादरों को मजार शरीफ पर पेश किया गया। इस दौरान सैयद नदुजर अली (चांद), वारिस उल्लाह, शराफत, अब्दुल कय्यूम, कैफी उल्लाह, कौसर इकबाल, हाजी रेहान खान, जुबैर, दानिश शम्सी, साकिब,गुल्लू, ताहिर आदि रहे ।
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उर्स-ए-मोहम्मदी की शुरुआत से पहले बृहस्पतिवार को नीम की चढ़ाई स्थित सलमान शमसी के निवास से ताहिर जमाल शमसी व आरिफ उल्लाह की कयादत में जुलूस निकाला गया। इसमें मोहम्मद जफर शमसी आगे हाथ में परचम लिए हुए चल रहे थे। साथ में नातख्वा नात व मनकबत पढ़ रहे थे। जुलूस का सबसे पहले उमर कादरी, सईद शमसी, फराज शम्सी आदि ने इस्तकबाल किया। फूटा दरवाजा पर समीर अजीज, मुजीब, हाजी तौसीफ, महताब ने लंगर का इंतजाम किया।
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यह परचमी जुलूस खन्नू मोहल्ला से होता हुआ जखीरा बजरिया स्थित मोहम्मद असलम अंसारी केे घर पहुंचा वहां फातेहा हुई और शिजरा पढ़ा गया। जुलूस में शहर-शहर गली-गली, या वली या वली... के नारे लगाते रहे। इसी तरह किला व्यापार मंडल ने भी फूल बरसा कर स्वागत किया गया। जुलूस के बाजार संदल खां स्थित दरगाह वली मियां पहुंचने पर जहां शिराज शमसी ने सज्जादानशीन अल्हाज अनवर मियां हुज़ूर को परचम सौंपा।
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परचम कुशाई की रस्म के साथ चादरों को मजार शरीफ पर पेश किया गया। इस दौरान सैयद नदुजर अली (चांद), वारिस उल्लाह, शराफत, अब्दुल कय्यूम, कैफी उल्लाह, कौसर इकबाल, हाजी रेहान खान, जुबैर, दानिश शम्सी, साकिब,गुल्लू, ताहिर आदि रहे ।