{"_id":"64ebad21ba7501ce3600e6f9","slug":"five-cutoff-continues-yet-seats-are-vacant-in-many-courses-bareilly-news-c-4-bly1005-236207-2023-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: पांच कटऑफ जारी फिर भी कई पाठ्यक्रमों में सीटें खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: पांच कटऑफ जारी फिर भी कई पाठ्यक्रमों में सीटें खाली
विज्ञापन
बरेली। बरेली कॉलेज में चल रही प्रवेश प्रक्रिया के तहत पांचवीं कटऑफ जारी होने के बावजूद अभी तक किसी भी पाठ्यक्रम की सीटें नहीं भर सकी हैं। 30 अगस्त प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम तिथि है। बीए, बीएससी बायो में कुछ ही सीटें बची हैं पर बीएससी मैथ, बीकॉम में कई सीटें रिक्त हैं।
बीते साल भी बरेली काॅलेज में मैथ और बीकॉम की सीटें रिक्त रह गई थीं। अबकी साल भी पांचवीं कटऑफ जारी होने के बावजूद इन्हीं विषयों में कई सीटें रिक्त हैं। प्रवेश समिति के मुताबिक बीए और बीएससी बायो की खाली चंद सीटें ग्रीवांस में आए आवेदनों से भर जाएंगी। इन विषयों में अब अगली कटऑफ जारी होने की संभावना कम है। बीएससी मैथ और बीकॉम में कई सीटें खाली होने से इसकी छठवीं कटऑफ जारी हो सकती है। हालांकि, रविवार तक कितनी सीट भर चुकी हैं, इसका सटीक आंकड़ा सोमवार को पता चलेगा। शनिवार देर रात तक बीए में 1,840 सीट के सापेक्ष 1,755, बीकॉम की 1,040 के सापेक्ष 869, बीएसी बायो की 720 के सापेक्ष 702, बीएससी मैथ में 880 के सापेक्ष 637 प्रवेश हो चुके हैं।
ग्रीवांस अभ्यर्थियों को मंगलवार को मिलेगा मौका
मुख्य प्रवेश नियंत्रक प्रो. वंदना के मुताबिक बीए और बीएससी बायो में अब सीटें कम ही बची हैं। ऐसे में जो रिक्त सीटें रहेंगी, उनपर ग्रीवांस यानी फीस जमा करने में अड़चन, फिजिकली हैंडीकैप्ड व अन्य प्रार्थना पत्र देने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश का मौका दिया जाएगा। मंगलवार को इन अभ्यर्थियों को संबंधित प्रपत्रों के साथ सेमिनार कक्ष में संपर्क करना होगा। मौके पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से परास्नातक में पंजीकरण की तिथि बढ़ाए जाने के बाद अब कॉलेजों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। बरेली कॉलेज की मुख्य प्रवेश नियंत्रक प्रो. वंदना शर्मा के मुताबिक परास्नातक प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित बैठक मंगलवार को प्रस्तावित है। इसमें प्रवेश संबंधी प्रक्रिया व समस्याओं आदि पर मंथन होगा।
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने शनिवार देर रात बीएससी ऑनर्स अंतिम वर्ष, बीकॉम ऑनर्स के पहले, दूसरे और अंतिम वर्ष का परिणाम जारी कर दिया है। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद अब परास्नातक में प्रवेश के लिए पंजीकरण बढ़ने की उम्मीद है। बता दें कि अंतिम वर्ष का परीक्षा परिणाम जारी न होने से एमकॉम और एमएससी में पंजीकरण की गति धीमी चल रही थी।
विज्ञापन
बीते साल भी बरेली काॅलेज में मैथ और बीकॉम की सीटें रिक्त रह गई थीं। अबकी साल भी पांचवीं कटऑफ जारी होने के बावजूद इन्हीं विषयों में कई सीटें रिक्त हैं। प्रवेश समिति के मुताबिक बीए और बीएससी बायो की खाली चंद सीटें ग्रीवांस में आए आवेदनों से भर जाएंगी। इन विषयों में अब अगली कटऑफ जारी होने की संभावना कम है। बीएससी मैथ और बीकॉम में कई सीटें खाली होने से इसकी छठवीं कटऑफ जारी हो सकती है। हालांकि, रविवार तक कितनी सीट भर चुकी हैं, इसका सटीक आंकड़ा सोमवार को पता चलेगा। शनिवार देर रात तक बीए में 1,840 सीट के सापेक्ष 1,755, बीकॉम की 1,040 के सापेक्ष 869, बीएसी बायो की 720 के सापेक्ष 702, बीएससी मैथ में 880 के सापेक्ष 637 प्रवेश हो चुके हैं।
विज्ञापन
ग्रीवांस अभ्यर्थियों को मंगलवार को मिलेगा मौका
मुख्य प्रवेश नियंत्रक प्रो. वंदना के मुताबिक बीए और बीएससी बायो में अब सीटें कम ही बची हैं। ऐसे में जो रिक्त सीटें रहेंगी, उनपर ग्रीवांस यानी फीस जमा करने में अड़चन, फिजिकली हैंडीकैप्ड व अन्य प्रार्थना पत्र देने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश का मौका दिया जाएगा। मंगलवार को इन अभ्यर्थियों को संबंधित प्रपत्रों के साथ सेमिनार कक्ष में संपर्क करना होगा। मौके पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से परास्नातक में पंजीकरण की तिथि बढ़ाए जाने के बाद अब कॉलेजों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। बरेली कॉलेज की मुख्य प्रवेश नियंत्रक प्रो. वंदना शर्मा के मुताबिक परास्नातक प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित बैठक मंगलवार को प्रस्तावित है। इसमें प्रवेश संबंधी प्रक्रिया व समस्याओं आदि पर मंथन होगा।
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने शनिवार देर रात बीएससी ऑनर्स अंतिम वर्ष, बीकॉम ऑनर्स के पहले, दूसरे और अंतिम वर्ष का परिणाम जारी कर दिया है। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद अब परास्नातक में प्रवेश के लिए पंजीकरण बढ़ने की उम्मीद है। बता दें कि अंतिम वर्ष का परीक्षा परिणाम जारी न होने से एमकॉम और एमएससी में पंजीकरण की गति धीमी चल रही थी।