{"_id":"57f9558a4f1c1b0d2f26fc70","slug":"five-ansnkarion-s-condition-deteriorates-recruitment","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच अनशनकारियों की हालत बिगड़ी, भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच अनशनकारियों की हालत बिगड़ी, भर्ती
बरेली, ब्यूरो
Updated Sun, 09 Oct 2016 01:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ा बाईपास के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे को लेकर अनशन पर बैठे किसानों में से पांच की हालत शनिवार को बिगड़ गई। पांचों को पीएचसी में भर्ती कराया गया है।
बड़ा बाईपास के 16 गांवों के सैकड़ों भूदाता किसानों में से दर्जन भर से ज्यादा शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी सतुइया टोल प्लाजा पर भूख हड़ताल पर बैठे। तेज धूप के बीच 72 घंटे से अनशन पर बैठे इन किसानों में से कलावती, गुलाबो देवी, हशमती, कल्लो बानो और परवीन बानो की हालत शनिवार को काफी बिगड़ गई। प्रशासन की बेरुखी के बीच 108 सरकारी एंबुलेंस से पांचों को पीएचसी में भर्ती कराया गया है। किसान नेता अफरोज आलम ने बताया कि जिला स्तरीय कोई अफसर तीसरे दिन भी अनशन स्थल पर नहीं पहुंचा। हालांकि, अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव और उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा, यमुना एक्सप्रेस वे भूमि अधिग्रहण प्रभावित किसान संघर्ष समिति वाजना मथुरा के संयोजक नत्थीलाल शर्मा ने अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को सक्रिय समर्थन की घोषणा की। बाद में एडीएम प्रशासन से भी बात की। एडीएम ने एसडीएम मीरगंज को बातचीत के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने कहा कि मुआवजे की पत्रावली देखने के बाद ही कुछ कह पाएंगे। यदि किसी किसान को 61 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा मिला है तो बाकी किसानों को भी उसी दर से भुगतान किया जा सकता है।
विज्ञापन
बड़ा बाईपास के 16 गांवों के सैकड़ों भूदाता किसानों में से दर्जन भर से ज्यादा शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी सतुइया टोल प्लाजा पर भूख हड़ताल पर बैठे। तेज धूप के बीच 72 घंटे से अनशन पर बैठे इन किसानों में से कलावती, गुलाबो देवी, हशमती, कल्लो बानो और परवीन बानो की हालत शनिवार को काफी बिगड़ गई। प्रशासन की बेरुखी के बीच 108 सरकारी एंबुलेंस से पांचों को पीएचसी में भर्ती कराया गया है। किसान नेता अफरोज आलम ने बताया कि जिला स्तरीय कोई अफसर तीसरे दिन भी अनशन स्थल पर नहीं पहुंचा। हालांकि, अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव और उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा, यमुना एक्सप्रेस वे भूमि अधिग्रहण प्रभावित किसान संघर्ष समिति वाजना मथुरा के संयोजक नत्थीलाल शर्मा ने अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को सक्रिय समर्थन की घोषणा की। बाद में एडीएम प्रशासन से भी बात की। एडीएम ने एसडीएम मीरगंज को बातचीत के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने कहा कि मुआवजे की पत्रावली देखने के बाद ही कुछ कह पाएंगे। यदि किसी किसान को 61 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा मिला है तो बाकी किसानों को भी उसी दर से भुगतान किया जा सकता है।
विज्ञापन