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मुखबिरी के शक में स्मैक तस्करों ने की फायरिंग, दो घायल
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बरेली। स्मैक तस्करी की मुखबिरी के शक में तस्कर अकरम डॉन और मेराज कातिब पक्ष में विवाद हो गया। गाली गलौज के बाद मेराज गुट ने फायरिंग कर दी। इससे अकरम डॉन और उसका भतीजा नाजिम गोली लगने से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को अस्पताल भिजवाया। हमलावर मौके से फरार हो गए। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
नगर के मोहल्ला ऊंचा निवासी शाकिर हुसैन ने पुलिस को तहरीर देते हुए कहा कि उसका भाई अकरम हुसैन उर्फ डॉन बृहस्पतिवार को अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे पास ही परचून की दुकान से कुछ सामान लेने गया था। वहां मौजूद मोहल्ले में ही रहने वाले स्मैक तस्कर मेराज कातिब ने उसे गालियां देनी शुरू कर दीं। मेराज कातिब को शक था कि अकरम डॉन ने उसकी मुखबिरी करके पुलिस से पकड़वाया। इसी रंजिश के चलते वह गाली दे रहा था।
विरोध करने पर आरोपी मेराज कातिब, शहनबाज उर्फ शानू अली, निजाम अली और अनवार सभी घर से लाइसेंसी और नाजायज असलहे लेकर आ गए और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली अकरम हुसैन के पेट में लगी तो वह लहूलुहान होकर गिर गया। गोली चलने की आवाज सुनकर उसका भतीजा नाजिम हुसैन वहां पहुंचा तो आरोपियों ने उसे भी गोली मार दी। कुछ छर्रे उसके कूल्हे में लगे। फायरिंग से मोहल्ले में भगदड़ मच गई। इसके बाद आरोपी फायरिंग करते हुए वहां से भाग निकले। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को फरीदपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बरेली रेफर कर दिया।
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स्मैक तस्कर प्रधान के पार्टनर का साथी है मेराज
पिछले दिनों फतेहगंज पूर्वी और फरीदपुर पुलिस ने पढ़ेरा गांव के प्रधान शहीद खां उर्फ छोटे को गिरफ्तार किया था। नगर के मोहल्ला ऊंचा निवासी फैयाज उसका पार्टनर था और फैयाज ने कुछ संपत्ति मेराज कातिब के साथ भी खरीद रखी थी। इसके चलते जब छोटे प्रधान और फैयाज की संपत्ति फ्रीज हुई तो मेराज कातिब के घर भी नोटिस चस्पा किया गया था। पुलिस के मुताबिक फतेहगंज पूर्वी में भी उसके खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज है।
दिल्ली एनसीबी के दबिश देने से बढ़ी रंजिश
अकरम डॉन के परिजन ने मेराज कातिब पर स्मैक तस्करी का आरोप लगाया है। मगर पिछले दिनों एक स्मैक तस्कर को लेकर दिल्ली एनसीबी की की टीम अकरम डॉन के घर भी पहुंची थी। वह घर पर नहीं मिला तो टीम नोटिस चस्पा करके लौट गई। मगर पुलिस के जाते ही यह नोटिस फाड़ दिया गया। बताया जाता है कि अकरम को भी यह शक था कि उसकी मुखबिरी मेराज कातिब ने की है। इसको लेकर ही दोनों के बीच रंजिश चल रही थी।
स्मैक तस्करी को लेकर हो चुकी कई हत्याएं
बरेली। स्मैक तस्करी को लेकर बरेली में फतेहगंज पश्चिमी और फरीदपुर के गांव बेहरा, पढ़ेरा कई प्रांतों में बदनाम हैं। मुखबिरी और धंधे की अदावत में यहां कई हत्याएं भी हो चुकी हैं। पिछले कुछ समय में पुलिस ने कई बड़े तस्करों को जेल भेजकर उनकी 81 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति भी जब्त की है।
वर्ष 2019 में फतेहगंज पश्चिमी में सपा के पूर्व नगर अध्यक्ष एवं दवा व्यापारी असलम खान की मुखबिरी के शक में स्मैक तस्करों ने हत्या करा दी थी। उससे कई साल पहले भी स्मैक तस्करी के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले डॉ. महफूज की उनके घर में ही हत्या करके शव मकान के ऊपरी हिस्से में डाल दिया गया था। फिर हिस्सेदारी के बंटवारे को लेकर हफीजन चच्ची की हत्या की गई। कई साल पहले फतेहगंज पश्चिमी में ही पुलिस का एक मुखबिर लापता हो गया। उसमें भी स्मैक तस्करों पर आरोप लगा और अब तक उसका कुछ पता नहीं चला। हालांकि पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने शहीद खां उर्फ छोटे, नन्हें लंगड़ा, हफीजन, असलम उर्फ कल्लू डॉन, रिफाकत और उस्मान समेत कई तस्करों को जेल भेजकर उनकी 81 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की है। इसके अलावा सफेमा के तहत भी कई तस्करों की कई करोड़ की संपत्ति फ्रीज की गई है।
एक ही समुदाय के दो पक्षों में विवाद हुआ और एक पक्ष ने फायरिंग कर दी। इसमें दो लोग घायल हुए हैं। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके तलाश कराई जा रही है। उन पर स्मैक तस्करी का भी आरोप लगा है।
- राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात
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नगर के मोहल्ला ऊंचा निवासी शाकिर हुसैन ने पुलिस को तहरीर देते हुए कहा कि उसका भाई अकरम हुसैन उर्फ डॉन बृहस्पतिवार को अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे पास ही परचून की दुकान से कुछ सामान लेने गया था। वहां मौजूद मोहल्ले में ही रहने वाले स्मैक तस्कर मेराज कातिब ने उसे गालियां देनी शुरू कर दीं। मेराज कातिब को शक था कि अकरम डॉन ने उसकी मुखबिरी करके पुलिस से पकड़वाया। इसी रंजिश के चलते वह गाली दे रहा था।
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विरोध करने पर आरोपी मेराज कातिब, शहनबाज उर्फ शानू अली, निजाम अली और अनवार सभी घर से लाइसेंसी और नाजायज असलहे लेकर आ गए और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली अकरम हुसैन के पेट में लगी तो वह लहूलुहान होकर गिर गया। गोली चलने की आवाज सुनकर उसका भतीजा नाजिम हुसैन वहां पहुंचा तो आरोपियों ने उसे भी गोली मार दी। कुछ छर्रे उसके कूल्हे में लगे। फायरिंग से मोहल्ले में भगदड़ मच गई। इसके बाद आरोपी फायरिंग करते हुए वहां से भाग निकले। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को फरीदपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बरेली रेफर कर दिया।
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स्मैक तस्कर प्रधान के पार्टनर का साथी है मेराज
पिछले दिनों फतेहगंज पूर्वी और फरीदपुर पुलिस ने पढ़ेरा गांव के प्रधान शहीद खां उर्फ छोटे को गिरफ्तार किया था। नगर के मोहल्ला ऊंचा निवासी फैयाज उसका पार्टनर था और फैयाज ने कुछ संपत्ति मेराज कातिब के साथ भी खरीद रखी थी। इसके चलते जब छोटे प्रधान और फैयाज की संपत्ति फ्रीज हुई तो मेराज कातिब के घर भी नोटिस चस्पा किया गया था। पुलिस के मुताबिक फतेहगंज पूर्वी में भी उसके खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज है।
दिल्ली एनसीबी के दबिश देने से बढ़ी रंजिश
अकरम डॉन के परिजन ने मेराज कातिब पर स्मैक तस्करी का आरोप लगाया है। मगर पिछले दिनों एक स्मैक तस्कर को लेकर दिल्ली एनसीबी की की टीम अकरम डॉन के घर भी पहुंची थी। वह घर पर नहीं मिला तो टीम नोटिस चस्पा करके लौट गई। मगर पुलिस के जाते ही यह नोटिस फाड़ दिया गया। बताया जाता है कि अकरम को भी यह शक था कि उसकी मुखबिरी मेराज कातिब ने की है। इसको लेकर ही दोनों के बीच रंजिश चल रही थी।
स्मैक तस्करी को लेकर हो चुकी कई हत्याएं
बरेली। स्मैक तस्करी को लेकर बरेली में फतेहगंज पश्चिमी और फरीदपुर के गांव बेहरा, पढ़ेरा कई प्रांतों में बदनाम हैं। मुखबिरी और धंधे की अदावत में यहां कई हत्याएं भी हो चुकी हैं। पिछले कुछ समय में पुलिस ने कई बड़े तस्करों को जेल भेजकर उनकी 81 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति भी जब्त की है।
वर्ष 2019 में फतेहगंज पश्चिमी में सपा के पूर्व नगर अध्यक्ष एवं दवा व्यापारी असलम खान की मुखबिरी के शक में स्मैक तस्करों ने हत्या करा दी थी। उससे कई साल पहले भी स्मैक तस्करी के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले डॉ. महफूज की उनके घर में ही हत्या करके शव मकान के ऊपरी हिस्से में डाल दिया गया था। फिर हिस्सेदारी के बंटवारे को लेकर हफीजन चच्ची की हत्या की गई। कई साल पहले फतेहगंज पश्चिमी में ही पुलिस का एक मुखबिर लापता हो गया। उसमें भी स्मैक तस्करों पर आरोप लगा और अब तक उसका कुछ पता नहीं चला। हालांकि पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने शहीद खां उर्फ छोटे, नन्हें लंगड़ा, हफीजन, असलम उर्फ कल्लू डॉन, रिफाकत और उस्मान समेत कई तस्करों को जेल भेजकर उनकी 81 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की है। इसके अलावा सफेमा के तहत भी कई तस्करों की कई करोड़ की संपत्ति फ्रीज की गई है।
एक ही समुदाय के दो पक्षों में विवाद हुआ और एक पक्ष ने फायरिंग कर दी। इसमें दो लोग घायल हुए हैं। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके तलाश कराई जा रही है। उन पर स्मैक तस्करी का भी आरोप लगा है।
- राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात