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राजेश अग्रवाल के वित्तमंत्री का पद छोड़ने के बाद भाजपा का माहौल बदला
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बरेली। राजेश अग्रवाल के वित्तमंत्री छोड़ने के बाद भाजपा के एक बड़े खेमे में खुशी का माहौल है। दबी जुबान से तो खूब चर्चाएं हो रही हैं मगर पार्टी में उनके कद को देखते हुए कोई कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। अधिकांश लोग उनके पद छोड़ने का कारण पार्टी का नियम और उनका स्वास्थ्य बता रहे हैं।
कल्याण सिंह मंत्रिमंडल से डॉ. दिनेश जौहरी की विदाई के बाद 1993 में तत्कालीन महानगर कार्यवाह राजेश अग्रवाल को भाजपा ने पहली बार शहर सीट पर चुनाव लड़ने का मौका दिया था। यह चुनाव जीतने के बाद इस सीट पर वह 1996, 2002 और 2007 में भी जीते। कैंट सीट बनी तो 2012 और 2017 में राजेश उसके विधायक बने। छह बार लगातार विधायक रहे राजेश अग्रवाल संस्थागत वित्तमंत्री, विधानसभा उपाध्यक्ष बने। इस बार वित्तमंत्री बनने के बाद उनका विरोध भी तेजी से बढ़ा। यह अलग बात है कि उनके कद के कारण कभी कोई कुछ खुलकर नहीं बोल पाया। मंगलवार को उनके इस्तीफे की चर्चा आम होते ही भाजपा के एक बड़े खेमे का माहौल बदल गया। मुस्कुराकर लोगों ने इसे उनका त्याग और पार्टी का नियम बताया तो कुछ ने यह कहकर भी चुटकी ली कि स्वास्थ्य कारणों से वित्तमंत्री पद छोड़ा है तो विधानसभा की सदस्यता क्यों नहीं।
निगम में कहीं खुशी कहीं गम
राजेश अग्रवाल के इस्तीफा देने की खबर के बाद नगर निगम में भी चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोग बधाई देने में लगे थे तो कुछ के चेहरे लटके नजर आए। कुछ लोगों ने जश्न मनाने की बात की तो एक अधिकारी वहां से निकल गए। पिछले दिनों नगर निगम में मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. के बीच चले लंबे घमासान के दौरान सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में वित्तमंत्री ने नगर आयुक्त से काफी देर अकेले में बात की थी। इससे पार्टी में भी एक संदेश चला गया था। इसी कारण राजेश अग्रवाल के इस्तीफे पर नगर निगम में सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया दिखाई दी।
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बातचीत
मैं अभी हैदराबाद में हूं। मुझे जानकारी मिली है कि राजेश अग्रवाल ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। यह उनका व्यक्तिगत फैसला है। सोच-समझ कर ही निर्णय लिया होगा। - संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री
वित्तमंत्री पद छोड़ना राजेश अग्रवाल का व्यक्तिगत निर्णय है। जानकारी में आया है कि स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दिया है। - उमेश गौतम, मेयर
राजेश अग्रवाल ने वित्तमंत्री का पद छोड़कर त्याग का संदेश दिया है। इससे पार्टी में उनका कद और ज्यादा बढ़ेगा। समाज में लोगों के मन में भी उनके प्रति सम्मान बढ़ेगा। - रविंद्र राठौर, जिलाध्यक्ष भाजपा
वह पार्टी के बहुत सम्मानित और समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है। मैं उनके स्वास्थ्य लाभ और दीर्घायु की कामना करता हूं। - डॉ. अरुण कुमार, नगर विधायक
उन्होंने स्वास्थ्य कारणों के चलते ही वित्तमंत्री का पद छोड़ा है। पार्टी में उनका कद बहुत बड़ा है और उनके बारे में कुछ कहने के लिए मैं अभी बहुत छोटा हूं। - डॉ. श्यामबिहारी लाल, विधायक फरीदपुर
पद छोड़ने के लिए राजेश जी ने अपना वक्तव्य जारी किया है और वह पर्याप्त है। हम सभी पार्टी और संगठन की भावनाओं और नियमों के अनुसार काम करते हैं। - छत्रपाल गंगवार, विधायक बहेड़ी
उनके बारे में कुछ कहने के लिए मैं अभी बहुत छोटा हूं। यह मेरे कद से बहुत ऊपर की बात है। उनके त्याग से समाज में उनका कद और भी ज्यादा ऊंचा हो गया है। - डॉ. डीसी वर्मा, विधायक मीरगंज
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कल्याण सिंह मंत्रिमंडल से डॉ. दिनेश जौहरी की विदाई के बाद 1993 में तत्कालीन महानगर कार्यवाह राजेश अग्रवाल को भाजपा ने पहली बार शहर सीट पर चुनाव लड़ने का मौका दिया था। यह चुनाव जीतने के बाद इस सीट पर वह 1996, 2002 और 2007 में भी जीते। कैंट सीट बनी तो 2012 और 2017 में राजेश उसके विधायक बने। छह बार लगातार विधायक रहे राजेश अग्रवाल संस्थागत वित्तमंत्री, विधानसभा उपाध्यक्ष बने। इस बार वित्तमंत्री बनने के बाद उनका विरोध भी तेजी से बढ़ा। यह अलग बात है कि उनके कद के कारण कभी कोई कुछ खुलकर नहीं बोल पाया। मंगलवार को उनके इस्तीफे की चर्चा आम होते ही भाजपा के एक बड़े खेमे का माहौल बदल गया। मुस्कुराकर लोगों ने इसे उनका त्याग और पार्टी का नियम बताया तो कुछ ने यह कहकर भी चुटकी ली कि स्वास्थ्य कारणों से वित्तमंत्री पद छोड़ा है तो विधानसभा की सदस्यता क्यों नहीं।
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निगम में कहीं खुशी कहीं गम
राजेश अग्रवाल के इस्तीफा देने की खबर के बाद नगर निगम में भी चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोग बधाई देने में लगे थे तो कुछ के चेहरे लटके नजर आए। कुछ लोगों ने जश्न मनाने की बात की तो एक अधिकारी वहां से निकल गए। पिछले दिनों नगर निगम में मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. के बीच चले लंबे घमासान के दौरान सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में वित्तमंत्री ने नगर आयुक्त से काफी देर अकेले में बात की थी। इससे पार्टी में भी एक संदेश चला गया था। इसी कारण राजेश अग्रवाल के इस्तीफे पर नगर निगम में सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया दिखाई दी।
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बातचीत
मैं अभी हैदराबाद में हूं। मुझे जानकारी मिली है कि राजेश अग्रवाल ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। यह उनका व्यक्तिगत फैसला है। सोच-समझ कर ही निर्णय लिया होगा। - संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री
वित्तमंत्री पद छोड़ना राजेश अग्रवाल का व्यक्तिगत निर्णय है। जानकारी में आया है कि स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दिया है। - उमेश गौतम, मेयर
राजेश अग्रवाल ने वित्तमंत्री का पद छोड़कर त्याग का संदेश दिया है। इससे पार्टी में उनका कद और ज्यादा बढ़ेगा। समाज में लोगों के मन में भी उनके प्रति सम्मान बढ़ेगा। - रविंद्र राठौर, जिलाध्यक्ष भाजपा
वह पार्टी के बहुत सम्मानित और समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है। मैं उनके स्वास्थ्य लाभ और दीर्घायु की कामना करता हूं। - डॉ. अरुण कुमार, नगर विधायक
उन्होंने स्वास्थ्य कारणों के चलते ही वित्तमंत्री का पद छोड़ा है। पार्टी में उनका कद बहुत बड़ा है और उनके बारे में कुछ कहने के लिए मैं अभी बहुत छोटा हूं। - डॉ. श्यामबिहारी लाल, विधायक फरीदपुर
पद छोड़ने के लिए राजेश जी ने अपना वक्तव्य जारी किया है और वह पर्याप्त है। हम सभी पार्टी और संगठन की भावनाओं और नियमों के अनुसार काम करते हैं। - छत्रपाल गंगवार, विधायक बहेड़ी
उनके बारे में कुछ कहने के लिए मैं अभी बहुत छोटा हूं। यह मेरे कद से बहुत ऊपर की बात है। उनके त्याग से समाज में उनका कद और भी ज्यादा ऊंचा हो गया है। - डॉ. डीसी वर्मा, विधायक मीरगंज