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फाइनल ईयर: 20 अगस्त से विवि की परीक्षाएं कराने का प्रस्ताव पास
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MJP Rohilkhand university
- फोटो : MJP Rohilkhand university
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पेपरों में इस बार कम होगी प्रश्नों की संख्या, समय भी दो घंटे रहेगा
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अंतिम फैसले के लिए प्रस्ताव परीक्षा समिति के पास भेजा जाएगा
बरेली। यूजीसी की गाइड लाइन जारी होने के बाद रूहेलखंड विश्वविद्यालय ने स्नातक और परास्नातक की फाइनल ईयर की परीक्षा कराने की तैयारी शुरू कर दी है। गुरुवार को हुई बैठक में बीस अगस्त से परीक्षा कराने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर मुहर भी लग गई है। अब इस तिथि पर अंतिम फैसला परीक्षा समिति देगी।
परीक्षा कराने की तिथि तय करने को लेकर विश्वविद्यालयों से सुझाव मांगे गए थे। इसे लेकर गुरुवार को परीक्षा नियंत्रक ने बैठक की। विश्वविद्यालय के सभी डीन और पांच कॉलेजों के प्राचार्यों की एक समिति ने बीस अगस्त से प्रस्ताव पास कर दिया। अब इस प्रस्ताव को परीक्षा समिति के पास भेजा जाएगा। अंतिम फैसला वहीं होगा। इस बार पेपर में प्रश्नों की संख्या को कम करके पेपर तीन घंटे की बजाय सिर्फ दो घंटे का किया जाएगा। परीक्षा तीन पालियों में दो-दो घंटे की ही होगी। समय कम होने की वजह प्रश्न भी कम पूछे जाएंगे। प्रो.एके जेटली ने बताया कि प्रश्न पत्र में तीन पार्ट में होते हैं। अब तीनों पार्ट में प्रश्नों की संख्या घटाई जाएगी। रेगुलर और प्राइवेट परीक्षार्थियों की अलग-अलग परीक्षाएं कराने पर भी बात की गई। सैनेटाइज और कोविड संबंधी नियमों का पालन कैसे होगा इस पर भी चर्चा हुई।
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परीक्षा कराने का रूटा ने किया विरोध
फाइनल ईयर की परीक्षा कराने का रूटा ने विरोध किया है। रूटा महामंत्री स्वदेश सिंह ने कहा कि ऐसे कोरोना काल में बरेली में ही रोजाना तीन से चार मौतें हो रही हैं। मरीजों का आंकड़ा हर रोज रिकार्ड बना रहा है, ऐसे में परीक्षा कराना शिक्षकों के जीवन के साथ खिलवाड़ होगा। शिक्षकों के संक्रमित होने की जिम्मेदारी कौन लेगा। संगठन शिक्षकों की जान खतरे में नहीं डाल सकता है। कहा कि परीक्षा की तिथि परीक्षा समिति में ही तय की जाए और वर्तमान परिस्थितियों का ख्याल रखते हुए ही निर्णय लिए जाएं।
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अंतिम फैसले के लिए प्रस्ताव परीक्षा समिति के पास भेजा जाएगा बरेली। यूजीसी की गाइड लाइन जारी होने के बाद रूहेलखंड विश्वविद्यालय ने स्नातक और परास्नातक की फाइनल ईयर की परीक्षा कराने की तैयारी शुरू कर दी है। गुरुवार को हुई बैठक में बीस अगस्त से परीक्षा कराने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर मुहर भी लग गई है। अब इस तिथि पर अंतिम फैसला परीक्षा समिति देगी।
परीक्षा कराने की तिथि तय करने को लेकर विश्वविद्यालयों से सुझाव मांगे गए थे। इसे लेकर गुरुवार को परीक्षा नियंत्रक ने बैठक की। विश्वविद्यालय के सभी डीन और पांच कॉलेजों के प्राचार्यों की एक समिति ने बीस अगस्त से प्रस्ताव पास कर दिया। अब इस प्रस्ताव को परीक्षा समिति के पास भेजा जाएगा। अंतिम फैसला वहीं होगा। इस बार पेपर में प्रश्नों की संख्या को कम करके पेपर तीन घंटे की बजाय सिर्फ दो घंटे का किया जाएगा। परीक्षा तीन पालियों में दो-दो घंटे की ही होगी। समय कम होने की वजह प्रश्न भी कम पूछे जाएंगे। प्रो.एके जेटली ने बताया कि प्रश्न पत्र में तीन पार्ट में होते हैं। अब तीनों पार्ट में प्रश्नों की संख्या घटाई जाएगी। रेगुलर और प्राइवेट परीक्षार्थियों की अलग-अलग परीक्षाएं कराने पर भी बात की गई। सैनेटाइज और कोविड संबंधी नियमों का पालन कैसे होगा इस पर भी चर्चा हुई।
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