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Bareilly News: फुटबॉल मैदान पर चमकने के लिए बेताब महिला खिलाड़ी
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बरेली। शहर के स्पोर्ट्स स्टेडियम में फुटबॉल की महिला खिलाड़ी अपनी प्रतिभा निखारने के लिए पसीना बहा रही हैं। उनका लक्ष्य केवल प्रतियोगिताओं में भाग लेना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करना है। भारतीय फुटबॉल टीम के दिग्गज खिलाड़ी सुनील छेत्री और अंतरराष्ट्रीय स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो इनके प्रेरणास्रोत हैं। इन्हीं से प्रेरणा लेकर वे भारतीय महिला फुटबॉल टीम में शामिल होकर देश का गौरव बढ़ाना चाहती हैं।
दोस्तों को देखकर की शुरुआत
प्रेमनगर निवासी 19 वर्षीय दिशा बताती हैं कि वह वॉलीबॉल खेलती थीं, लेकिन जब स्टेडियम में दोस्तों को फुटबॉल खेलते देखा तो उनका मन भी इस ओर आकर्षित हो गया। तीन वर्षों से वह विशेष प्रशिक्षण ले रही हैं। वह चार बार प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं और इंटर यूनिवर्सिटी खेलों में भी भाग ले चुकी हैं। वह सुनील छेत्री को आदर्श मानती हैं। भविष्य में वह भारतीय टीम का हिस्सा बनना चाहती हैं।
घर से किया खेल में आगाज
संजयनगर की 13 वर्षीय मानवी ने दो साल पहले टाइमपास के लिए फुटबॉल खरीदकर घर पर ही अभ्यास शुरू किया था। धीरे-धीरे उनकी रुचि बढ़ी, फिर उन्होंने पेशेवर प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया। जिला व मंडल स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी पहचान बनाई। मानवी का कहना है कि यदि मन में लगन हो तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
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खेल शिक्षक की सलाह पर आजमा रहीं हाथ
कालीबाड़ी निवासी 18 वर्षीय कसक स्कूल के खेल शिक्षक की प्रेरणा से मैदान पर उतरीं तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह रोज तीन-चार घंटे अभ्यास करती हैं। वह दो बार प्रदेश स्तरीय और तीन बार ओपन स्टेट चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं। कसक कहती हैं कि मेहनत और अनुशासन ही खिलाड़ी की असली पहचान है। रोनाल्डो को आदर्श मानने वाली कसक भारतीय टीम का हिस्सा बनना चाहती हैं।
बेटियों की बढ़ रही दिलचस्पी
जिला फुटबॉल संघ के सचिव मून रॉबिंसन के मुताबिक, बेटियां अब हर खेल में अपनी पहचान बना रही हैं। हाल के दिनों में उनकी दिलचस्पी फुटबॉल में बढ़ी है। इन युवा खिलाड़ियों की मेहनत आने वाले समय में उन्हें फुटबॉल के खेल में ख्याति दिलाएगी। संवाद
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दोस्तों को देखकर की शुरुआत
प्रेमनगर निवासी 19 वर्षीय दिशा बताती हैं कि वह वॉलीबॉल खेलती थीं, लेकिन जब स्टेडियम में दोस्तों को फुटबॉल खेलते देखा तो उनका मन भी इस ओर आकर्षित हो गया। तीन वर्षों से वह विशेष प्रशिक्षण ले रही हैं। वह चार बार प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं और इंटर यूनिवर्सिटी खेलों में भी भाग ले चुकी हैं। वह सुनील छेत्री को आदर्श मानती हैं। भविष्य में वह भारतीय टीम का हिस्सा बनना चाहती हैं।
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घर से किया खेल में आगाज
संजयनगर की 13 वर्षीय मानवी ने दो साल पहले टाइमपास के लिए फुटबॉल खरीदकर घर पर ही अभ्यास शुरू किया था। धीरे-धीरे उनकी रुचि बढ़ी, फिर उन्होंने पेशेवर प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया। जिला व मंडल स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी पहचान बनाई। मानवी का कहना है कि यदि मन में लगन हो तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
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खेल शिक्षक की सलाह पर आजमा रहीं हाथ
कालीबाड़ी निवासी 18 वर्षीय कसक स्कूल के खेल शिक्षक की प्रेरणा से मैदान पर उतरीं तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह रोज तीन-चार घंटे अभ्यास करती हैं। वह दो बार प्रदेश स्तरीय और तीन बार ओपन स्टेट चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं। कसक कहती हैं कि मेहनत और अनुशासन ही खिलाड़ी की असली पहचान है। रोनाल्डो को आदर्श मानने वाली कसक भारतीय टीम का हिस्सा बनना चाहती हैं।
बेटियों की बढ़ रही दिलचस्पी
जिला फुटबॉल संघ के सचिव मून रॉबिंसन के मुताबिक, बेटियां अब हर खेल में अपनी पहचान बना रही हैं। हाल के दिनों में उनकी दिलचस्पी फुटबॉल में बढ़ी है। इन युवा खिलाड़ियों की मेहनत आने वाले समय में उन्हें फुटबॉल के खेल में ख्याति दिलाएगी। संवाद