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Bareilly News: निशांत की मौत की सूचना पर पहुंचा पिता, किया अंतिम संस्कार
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- एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर की थी शव सुपुर्दगी की मांग, शाम को की अंत्येष्टि
बरेली। गुलियन बैरे सिंड्रोम से पीड़ित रहे निशांत गंगवार के निधन के बाद उसकी अंत्येष्टि को लेकर चल रहा असमंजस शनिवार को उसके पिता के सामने आने से खत्म हो गया। एसडीएम से पिता ने मुलाकात की। पोस्टमार्टम के बाद शव उसको सौंप दिया गया। शाम को परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में आठ वर्ष तक निशांत का इलाज चला। शुक्रवार को हृदयाघात से निधन के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर असमंजस की स्थिति बनी। अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में जिला प्रशासन से मार्गदर्शन मांगा था। एसडीएम सदर गोविंद मौर्य ने भोजीपुरा पुलिस को पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए थे। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ। इससे पहले, निशांत के पिता कामता प्रसाद गंगवार अचानक एसडीएम सदर के कार्यालय पहुंचे। शव सुपुर्दगी की मांग की।
बताते हैं कि पिता शनिवार सुबह जिलाधिकारी से भी मिलने कैंप कार्यालय और कलक्ट्रेट पहुंचे थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद वे एसडीएम सदर गोविंद मौर्य के पास पहुंचे। एसडीएम के आदेश पर निशांत का शव उनको सौंप दिया गया।
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कोर्ट ने दिया था इलाज करने का आदेश
कामता प्रसाद ने अधिकारियों को बताया कि वे पुराना आवास छोड़ने के बाद मिनी बाइपास स्थित जीएन सिटी में रह रहे हैं। बेटे निशांत गंगवार को मेडिकल काॅलेज प्रशासन के सुझाव पर नई दिल्ली स्थित निजी अस्पताल भी ले गए थे, पर हालत में सुधार न होने पर लौट आए। फिर यहीं भर्ती करा दिया था। बिल भुगतान के विवाद की वजह से वे अस्पताल नहीं आ रहे थे। मामले को लेकर कोर्ट पहुंचे तो सुनवाई के बाद अदालत ने ही अस्पताल प्रशासन को इलाज जारी रखने का आदेश दिया था। बेटे की मृत्यु की जानकारी पर वे शव लेने पहुंचे थे। अमर उजाला ब्यूरो
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बरेली। गुलियन बैरे सिंड्रोम से पीड़ित रहे निशांत गंगवार के निधन के बाद उसकी अंत्येष्टि को लेकर चल रहा असमंजस शनिवार को उसके पिता के सामने आने से खत्म हो गया। एसडीएम से पिता ने मुलाकात की। पोस्टमार्टम के बाद शव उसको सौंप दिया गया। शाम को परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में आठ वर्ष तक निशांत का इलाज चला। शुक्रवार को हृदयाघात से निधन के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर असमंजस की स्थिति बनी। अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में जिला प्रशासन से मार्गदर्शन मांगा था। एसडीएम सदर गोविंद मौर्य ने भोजीपुरा पुलिस को पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए थे। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ। इससे पहले, निशांत के पिता कामता प्रसाद गंगवार अचानक एसडीएम सदर के कार्यालय पहुंचे। शव सुपुर्दगी की मांग की।
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बताते हैं कि पिता शनिवार सुबह जिलाधिकारी से भी मिलने कैंप कार्यालय और कलक्ट्रेट पहुंचे थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद वे एसडीएम सदर गोविंद मौर्य के पास पहुंचे। एसडीएम के आदेश पर निशांत का शव उनको सौंप दिया गया।
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कोर्ट ने दिया था इलाज करने का आदेश
कामता प्रसाद ने अधिकारियों को बताया कि वे पुराना आवास छोड़ने के बाद मिनी बाइपास स्थित जीएन सिटी में रह रहे हैं। बेटे निशांत गंगवार को मेडिकल काॅलेज प्रशासन के सुझाव पर नई दिल्ली स्थित निजी अस्पताल भी ले गए थे, पर हालत में सुधार न होने पर लौट आए। फिर यहीं भर्ती करा दिया था। बिल भुगतान के विवाद की वजह से वे अस्पताल नहीं आ रहे थे। मामले को लेकर कोर्ट पहुंचे तो सुनवाई के बाद अदालत ने ही अस्पताल प्रशासन को इलाज जारी रखने का आदेश दिया था। बेटे की मृत्यु की जानकारी पर वे शव लेने पहुंचे थे। अमर उजाला ब्यूरो