फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Farzana honed her skills by the pond; Shahnaz infused life with the sweetness of prosperity.

Bareilly News: फरजाना ने तालाब से तराशा हुनर, शहनाज ने संपन्नता की मिठास घोली

Thu, 09 Jul 2026 01:14 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Thu, 09 Jul 2026 01:14 AM IST
विज्ञापन
Farzana honed her skills by the pond; Shahnaz infused life with the sweetness of prosperity.
बरेली। क्यारा विकासखंड के रहपुरा खजुरिया गांव की फरजाना और भोजीपुरा की शहनाज ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है। उन्होंने जलकुंभी से उत्पाद बनाकर और मधुमक्खी पालन से शहद बेचकर आत्मनिर्भरता की राह दिखाई है। इन महिलाओं ने न केवल अपने परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त किया है, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा दी है।
विज्ञापन




जलकुंभी से हस्तशिल्प उत्पादों का निर्माण

फरजाना ने वर्ष 2022 में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से जलकुंभी से उपयोगी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने तालाबों से निकाली जाने वाली जलकुंभी को संसाधित किया। इससे पर्स, योग मैट, टोकरी और सजावटी सामान जैसे हस्तशिल्प उत्पाद तैयार करना शुरू किया। उत्पादों की गुणवत्ता और आकर्षक डिजाइन के कारण इनकी मांग लगातार बढ़ती गई। फरजाना का समूह अब नियमित रूप से उत्पाद तैयार कर बाजारों और प्रदर्शनियों में बेच रहा है। इससे समूह से जुड़ी महिलाओं की आमदनी बढ़ी है। समूह की प्रत्येक महिला हर माह उत्पाद बेचकर करीब 10 से 15 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही है।
विज्ञापन




मधुमक्खी पालन से शहद उत्पादन

शहनाज ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से मधुमक्खी पालन को अपनाया। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने ''''या गौस'''' नाम से 10 महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बनाया। इस समूह ने आधुनिक तरीके से शहद उत्पादन शुरू किया। धीरे-धीरे समूह का काम बढ़ता गया और आज शुद्ध शहद की बिक्री से अच्छी आय हो रही है। शहनाज ने बताया कि वे करीब दो साल से एक बाग में मधुमक्खी पालन कर रही हैं। समूह की हर महिला हर माह 10 से 20 लीटर शहद बेच रही है। प्रत्येक लीटर शहद की कीमत 400 से 500 रुपये के बीच है। इससे समूह से जुड़ी अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिला है और वे नियमित आमदनी अर्जित कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्जन
जिले में 14785 स्वयं सहायता समूह संचालित है। तमाम समूह की महिलाओं ने प्रशिक्षण लेकर बेहतर कार्य कर खुद को सशक्त बनाया है। इन समूहों से ही प्रेरणा लेकर लगातार जिले में महिलाएं समूह से जुड़ रही है। - योगेंद्र भारती, डीसी एनआरएलएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed