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गन्ना मूल्य का भुगतान न होने से आक्रोशित किसानों ने कमिश्नरी घेरी
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बरेली। गन्ना मूल्य का भुगतान न होने, कीटनाशकों की मनमाने दाम पर बिक्री और इफको प्रकरण का निस्तारण न होने से आक्रोशित किसानों ने सोमवार को कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया। हंगामे की आशंका के चलते कमिश्नर आर. रमेश कुमार ने किसानों के प्रदेश और जिला स्तरीय नेताओं को बुलाकर उनसे वार्ता की। कमिश्नर ने उन्हें सभी मामलों की जांच के लिए अपर आयुक्त की अध्यक्षता में टीम गठित करने का आश्वासन दिया। इस दौरान बाकी किसान शहीद स्तंभ के पास धरने पर बैठकर नारेबाजी करते रहे।
सोमवार दोपहर करीब एक बजे बरेली समेत बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर के किसान भाकियू के बैनर तले नेहरू युवा केंद्र पर एकत्र हुए। वहां सभा के बाद वे कलक्ट्रेट पहुंचे। बड़ी तादाद में किसानों के पहुंचने पर हंगामा होने की आशंका के चलते कलक्ट्रेट के प्रवेश द्वार पर फोर्स तैनात कर दी गई थी। पुलिस ने किसानों को परिसर में घुसने से रोका तो वे उत्तेजित हो गए और नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। कुछ देर बाद किसान जुलूस की शक्ल में कमिश्नरी की ओर चल दिए।
करीब सवा दो बजे कमिश्नरी पहुंचकर सभी किसान परिसर स्थित शहीद स्तंभ के पास प्रदेश महासचिव चौधरी शिशुपाल सिंह के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। इस दौरान बड़ी तादाद में फोर्स और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। करीब 20 मिनट बाद सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय भाकियू पदाधिकारियों की कमिश्नर से मुलाकात कराने के लिए पहुंचे। प्रत्येक जिले से एक-एक किसान नेता, प्रदेश पदाधिकारियों समेत करीब आठ लोगों को कमिश्नर से मिलवाया गया।
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कमिश्नर ने उनकी मांगें सुनीं। करीब 15 मिनट की बातचीत के बाद कमेटी गठित कर जांच का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रदेश प्रमुख महासचिव विजेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह, मझगवां से महाराज सिंह यादव, अवधेश कुमार, फरीदपुर से धरम सिंह, मंडल उपाध्यक्ष रविंद्र यादव आदि किसान नेता मौजूद रहे।
आठ सदस्यीय टीम करेगी प्रकरण की जांच
किसानों के आरोपों और मांगों की नियमानुसार पड़ताल के लिए कमिश्नर आर. रमेश कुमार ने अपर आयुक्त के निर्देशन में आठ सदस्यीय टीम गठित करने को कहा है। बहेड़ी कुआडांडा के भाकियू जिला सचिव चौधरी कुलवीर सिंह ने बताया कि कमिश्नर ने अपर आयुक्त प्रशासन अरुण कुमार के नेतृत्व में चारों जिले के भाकियू जिलाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, गन्ना और पुलिस विभाग के अधिकारियों को कमेटी में शामिल किया है।
आवारा पशुओं ने किसानों को बनाया चौकीदार
पदाधिकारियों ने सौंपे ज्ञापन में कहा है कि किसानों को आवारा पशुओं से निजात नहीं मिल पा रही हैं। रात को सुकून की नींद के बजाय फसल की चौकीदारी करनी पड़ रही है। तीन सौ यूनिट तक घरेलू बिजली और निजी नलकूप से सिंचाई मुफ्त करने का वादा सरकार ने किया था जो अधूरा है। गन्ना किसानों का भुगतान चारों जिलों में बाकी है। पीलीभीत में वन्य जीवों से किसानों को सुरक्षा प्रदान करने, निजी कार्य के लिए मिट्टी खनन पर किसानों पर कार्रवाई न करने, रजिस्ट्री ऑफिस में किसानों से दो फीसदी की वसूली पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। इफको प्रकरण में पूर्व में लिए गए निर्णय को लागू कराने को कहा गया है।
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सोमवार दोपहर करीब एक बजे बरेली समेत बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर के किसान भाकियू के बैनर तले नेहरू युवा केंद्र पर एकत्र हुए। वहां सभा के बाद वे कलक्ट्रेट पहुंचे। बड़ी तादाद में किसानों के पहुंचने पर हंगामा होने की आशंका के चलते कलक्ट्रेट के प्रवेश द्वार पर फोर्स तैनात कर दी गई थी। पुलिस ने किसानों को परिसर में घुसने से रोका तो वे उत्तेजित हो गए और नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। कुछ देर बाद किसान जुलूस की शक्ल में कमिश्नरी की ओर चल दिए।
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करीब सवा दो बजे कमिश्नरी पहुंचकर सभी किसान परिसर स्थित शहीद स्तंभ के पास प्रदेश महासचिव चौधरी शिशुपाल सिंह के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। इस दौरान बड़ी तादाद में फोर्स और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। करीब 20 मिनट बाद सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय भाकियू पदाधिकारियों की कमिश्नर से मुलाकात कराने के लिए पहुंचे। प्रत्येक जिले से एक-एक किसान नेता, प्रदेश पदाधिकारियों समेत करीब आठ लोगों को कमिश्नर से मिलवाया गया।
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कमिश्नर ने उनकी मांगें सुनीं। करीब 15 मिनट की बातचीत के बाद कमेटी गठित कर जांच का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रदेश प्रमुख महासचिव विजेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह, मझगवां से महाराज सिंह यादव, अवधेश कुमार, फरीदपुर से धरम सिंह, मंडल उपाध्यक्ष रविंद्र यादव आदि किसान नेता मौजूद रहे।
आठ सदस्यीय टीम करेगी प्रकरण की जांच
किसानों के आरोपों और मांगों की नियमानुसार पड़ताल के लिए कमिश्नर आर. रमेश कुमार ने अपर आयुक्त के निर्देशन में आठ सदस्यीय टीम गठित करने को कहा है। बहेड़ी कुआडांडा के भाकियू जिला सचिव चौधरी कुलवीर सिंह ने बताया कि कमिश्नर ने अपर आयुक्त प्रशासन अरुण कुमार के नेतृत्व में चारों जिले के भाकियू जिलाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, गन्ना और पुलिस विभाग के अधिकारियों को कमेटी में शामिल किया है।
आवारा पशुओं ने किसानों को बनाया चौकीदार
पदाधिकारियों ने सौंपे ज्ञापन में कहा है कि किसानों को आवारा पशुओं से निजात नहीं मिल पा रही हैं। रात को सुकून की नींद के बजाय फसल की चौकीदारी करनी पड़ रही है। तीन सौ यूनिट तक घरेलू बिजली और निजी नलकूप से सिंचाई मुफ्त करने का वादा सरकार ने किया था जो अधूरा है। गन्ना किसानों का भुगतान चारों जिलों में बाकी है। पीलीभीत में वन्य जीवों से किसानों को सुरक्षा प्रदान करने, निजी कार्य के लिए मिट्टी खनन पर किसानों पर कार्रवाई न करने, रजिस्ट्री ऑफिस में किसानों से दो फीसदी की वसूली पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। इफको प्रकरण में पूर्व में लिए गए निर्णय को लागू कराने को कहा गया है।