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Bareilly News: किसानों ने नदी पर किया दोबारा बांध का निर्माण
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शीशगढ़। ग्राम खमरिया स्थित बहगुल नदी पर गत दिनों किसान कल्याण समिति के द्वारा कार सेवा से बनाया गया कच्चा बांध कटकर नदी में बह गया था। उस कच्चे बांध को दोबारा से पिछले एक सप्ताह की मेहनत से सोमवार को किसानों ने तैयार कर दिया। इसमें पुरुषों के साथ ही महिलाओं ने भी सहयोग किया। इससे जनपद रामपुर की तहसील बिलासपुर, बरेली की तहसील बहेड़ी और मीरगंज के लगभग 160 गांवों के किसान फसल सिंचाई का लाभ ले सकेंगे।
किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष पूर्व विधायक जयदीप सिंह बरार ने बताया कि कच्चे बांध का निर्माण लगभग दो दिन पूर्व पूरा होने के बाद सोमवार को किसानों ने नदी की धार बांधने का कार्यक्रम रखा था। कार्यक्रम के अनुसार सुवह आठ बजे किसानों ने बांध स्थल पर हवन-पूजन किया।
इससे पूर्व नवंबर माह में किसानों ने कारसेवा से कच्चे बांध का निर्माण किया था, जो कुछ दिनों बाद कट गया था। बांध कटने से दुखी किसानों ने बैठक कर दोबारा बांध निर्माण का बीड़ा उठाया।
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शासन-प्रशासन से पक्के बांध की लगाई थी गुहार
पश्चिमी बहगुल नदी पर खमरिया गांव के पास पक्का रेगुलेटर बांध पांच दशक पूर्व टूट चुका है। इसके अवशेष आज भी मौजूद हैं। पक्के बांध निर्माण के लिए किसान शासन-प्रशासन से गुहार लगा रहे थे। मांग पूरी न होने पर किसानों ने खुद यह कदम उठाया। संवाद
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किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष पूर्व विधायक जयदीप सिंह बरार ने बताया कि कच्चे बांध का निर्माण लगभग दो दिन पूर्व पूरा होने के बाद सोमवार को किसानों ने नदी की धार बांधने का कार्यक्रम रखा था। कार्यक्रम के अनुसार सुवह आठ बजे किसानों ने बांध स्थल पर हवन-पूजन किया।
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इससे पूर्व नवंबर माह में किसानों ने कारसेवा से कच्चे बांध का निर्माण किया था, जो कुछ दिनों बाद कट गया था। बांध कटने से दुखी किसानों ने बैठक कर दोबारा बांध निर्माण का बीड़ा उठाया।
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शासन-प्रशासन से पक्के बांध की लगाई थी गुहार
पश्चिमी बहगुल नदी पर खमरिया गांव के पास पक्का रेगुलेटर बांध पांच दशक पूर्व टूट चुका है। इसके अवशेष आज भी मौजूद हैं। पक्के बांध निर्माण के लिए किसान शासन-प्रशासन से गुहार लगा रहे थे। मांग पूरी न होने पर किसानों ने खुद यह कदम उठाया। संवाद