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Bareilly News: किसानों को पर्यावरण का ख्याल, सौर ऊर्जा का कर रहे उचित इस्तेमाल
Wed, 22 Apr 2026 06:05 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 22 Apr 2026 06:05 AM IST
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अंतरराष्ट्रीय मातृ पृथ्वी दिवस आज
बरेली। हमारे अन्नदाता इन्सान और पृथ्वी, दोनों की सेहत का ख्याल रख रहे हैं। सौर ऊर्जा से संचालित पंप, गेहूं पिसाई के लिए चक्की चलाने आदि कार्यों के लिए वे सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहे हैं। बची ऊर्जा का घरेलू कार्यों के लिए उपयोग करते हैं। संवाद
फरीदपुर के गांव बसावनपुर निवासी किसान राजेश्वर सिंह ने कहा, सोलर पंप के माध्यम से गर्मी में सिंचाई अच्छी होती है। सर्दी में दिक्कत आती है। सोलर पंप से सिंचाई में करने में समय भी अधिक लगता है। फायदा है कि यह पर्यावरण अनुकूल है और बिजली का बिल नहीं देता पड़ता है। कई किसान गेहूं पीसने के लिए भी सौर ऊर्जा का उपयोग करते हैं।
आंवला के चंपतपुर निवासी किसान प्रवेंद्र कुमार सिंह कहा, तीन साल पहले 10 किलोवाट का सोलर पंप लगवाया था। इससे 20 बीघा भूमि की सिंचाई करते हैं। इससे भूजल का दोहन नहीं होता है। घर में लगी आटा चक्की चलाने और घरेलू कार्यों के लिए भी सौर ऊर्जा का उपयोग करते हैं। हां, बरसात और सर्दी में कम ऊर्जा मिलने पर दिक्कत होती है, लेकिन इससे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। सूदनपुर धनैती निवासी किसान दमन सिंह भी कार्यों में सौर ऊर्जा का उपयोग करते हैं।
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किसानों को किया जाता है जागरूक - कृषि विभाग के अनुसार, विभाग ने फरीदपुर ब्लॉक क्षेत्र में सिंचाई के लिए एक साल में 12 सोलर मोटर लगवाई हैं। 20 से 150 फुट तक की गहराई से भूजल खींचने की क्षमता वाले सोलर पंप आते हैं। बिजली की अपेक्षा सोलर पंप कम मात्रा में भूजल खींचते हैं। खेत भरने में भी दोगुना समय लगता है। आंवला में कृषि विभाग के अधिकारी एसएमएस मुनेंद्र कुमार सैनी ने बताया कि प्राकृतिक और कृत्रिम संसाधनों के उचित इस्तेमाल से बेहतर उत्पादन के संबंध में समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित करके किसानों को जागरूक किया जाता है।
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बरेली। हमारे अन्नदाता इन्सान और पृथ्वी, दोनों की सेहत का ख्याल रख रहे हैं। सौर ऊर्जा से संचालित पंप, गेहूं पिसाई के लिए चक्की चलाने आदि कार्यों के लिए वे सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहे हैं। बची ऊर्जा का घरेलू कार्यों के लिए उपयोग करते हैं। संवाद
फरीदपुर के गांव बसावनपुर निवासी किसान राजेश्वर सिंह ने कहा, सोलर पंप के माध्यम से गर्मी में सिंचाई अच्छी होती है। सर्दी में दिक्कत आती है। सोलर पंप से सिंचाई में करने में समय भी अधिक लगता है। फायदा है कि यह पर्यावरण अनुकूल है और बिजली का बिल नहीं देता पड़ता है। कई किसान गेहूं पीसने के लिए भी सौर ऊर्जा का उपयोग करते हैं।
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आंवला के चंपतपुर निवासी किसान प्रवेंद्र कुमार सिंह कहा, तीन साल पहले 10 किलोवाट का सोलर पंप लगवाया था। इससे 20 बीघा भूमि की सिंचाई करते हैं। इससे भूजल का दोहन नहीं होता है। घर में लगी आटा चक्की चलाने और घरेलू कार्यों के लिए भी सौर ऊर्जा का उपयोग करते हैं। हां, बरसात और सर्दी में कम ऊर्जा मिलने पर दिक्कत होती है, लेकिन इससे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। सूदनपुर धनैती निवासी किसान दमन सिंह भी कार्यों में सौर ऊर्जा का उपयोग करते हैं।
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किसानों को किया जाता है जागरूक - कृषि विभाग के अनुसार, विभाग ने फरीदपुर ब्लॉक क्षेत्र में सिंचाई के लिए एक साल में 12 सोलर मोटर लगवाई हैं। 20 से 150 फुट तक की गहराई से भूजल खींचने की क्षमता वाले सोलर पंप आते हैं। बिजली की अपेक्षा सोलर पंप कम मात्रा में भूजल खींचते हैं। खेत भरने में भी दोगुना समय लगता है। आंवला में कृषि विभाग के अधिकारी एसएमएस मुनेंद्र कुमार सैनी ने बताया कि प्राकृतिक और कृत्रिम संसाधनों के उचित इस्तेमाल से बेहतर उत्पादन के संबंध में समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित करके किसानों को जागरूक किया जाता है।