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Bareilly News: 37 प्रतिशत किसानों की ही बन पाई फार्मर आईडी
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बरेली। तमाम कवायदों के बावजूद फार्मर आईडी बनाने का काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा। जिले में 5.50 लाख किसानों की आईडी बनाने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष अब तक 2.6 लाख किसानों की आईडी ही बन सकी है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में डेढ़ माह का समय शेष है। ऐसे में 31 मार्च तक शेष किसानों की फार्मर आईडी बनाना कृषि विभाग के लिए चुनौती है।
किसानों को बार-बार ई-केवाईसी कराने के लिए परेशान न होना पड़े इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से एग्रीस्टैक योजना की शुरुआत की गई। इस व्यवस्था के माध्यम से तकनीक का उपयोग कर कृषि क्षेत्र को सुव्यवस्थित किया जाना है। योजना के तहत हर किसान को 11 अंक की यूनिक आईडी दी जानी है।
इस आईडी को आधार कार्ड से लिंक किया जाना है। इसे फार्मर आईडी कहा जाता है। जिले में करीब साढ़े पांच लाख किसानों को फार्मर आईडी देने का लक्ष्य रखा है। सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हीं किसानों को दिया जाएगा जिनके पास फार्मर आईडी होगी। इस आईडी के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं, कृषि ऋण, उच्च गुणवत्ता वाले बीज और अन्य लाभ सीधे मिलेंगे।
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फार्मर आईडी बनवाने के लिए कृषि विभाग किसानों को जागरूक कर रहा है। विभाग को गांव-गांव कैंप भी लगाने हैं। लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सुस्ती की वजह से इस वित्तीय वर्ष में सभी किसानों को फार्मर आईडी से जोड़ पाना चुनौती बन गई है।
आईडी न होने पर नहीं मिलेगा किसी भी योजना का लाभ
जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं होगी, ऐसे किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। ये किसान सम्मान निधि, कृषि ऋण आदि से भी वंचित रहेंगे। संवाद
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फार्मर आईडी बनाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। 31 मार्च तक लक्ष्य पूरा हो जाए इसके लिए पूरी कोशिश की जा रही है। - ऋतुषा तिवारी, जिला कृषि अधिकारी
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किसानों को बार-बार ई-केवाईसी कराने के लिए परेशान न होना पड़े इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से एग्रीस्टैक योजना की शुरुआत की गई। इस व्यवस्था के माध्यम से तकनीक का उपयोग कर कृषि क्षेत्र को सुव्यवस्थित किया जाना है। योजना के तहत हर किसान को 11 अंक की यूनिक आईडी दी जानी है।
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इस आईडी को आधार कार्ड से लिंक किया जाना है। इसे फार्मर आईडी कहा जाता है। जिले में करीब साढ़े पांच लाख किसानों को फार्मर आईडी देने का लक्ष्य रखा है। सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हीं किसानों को दिया जाएगा जिनके पास फार्मर आईडी होगी। इस आईडी के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं, कृषि ऋण, उच्च गुणवत्ता वाले बीज और अन्य लाभ सीधे मिलेंगे।
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फार्मर आईडी बनवाने के लिए कृषि विभाग किसानों को जागरूक कर रहा है। विभाग को गांव-गांव कैंप भी लगाने हैं। लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सुस्ती की वजह से इस वित्तीय वर्ष में सभी किसानों को फार्मर आईडी से जोड़ पाना चुनौती बन गई है।
आईडी न होने पर नहीं मिलेगा किसी भी योजना का लाभ
जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं होगी, ऐसे किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। ये किसान सम्मान निधि, कृषि ऋण आदि से भी वंचित रहेंगे। संवाद
फार्मर आईडी बनाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। 31 मार्च तक लक्ष्य पूरा हो जाए इसके लिए पूरी कोशिश की जा रही है। - ऋतुषा तिवारी, जिला कृषि अधिकारी