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Bareilly News: सांड़ के हमले में किसान की मौत
Thu, 01 Oct 2026 01:35 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 01 Oct 2026 01:35 AM IST
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शेरगढ़। कस्बा शेरगढ़ में बुधवार सुबह छुट्टा पशुओं से फसल की रखवाली कर रहे 70 वर्षीय किसान की सांड़ के हमले में मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।
मजदूरों के अनुसार, कस्बा के मोहल्ला गांधीनगर निवासी रामपाल मौर्य (70) कस्बा से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित अपने खेत में फूल गोभी की पौध की बचाव के लिए रखवाली करते थे। परिजनों ने बताया कि वह पिछले करीब एक वर्ष से खेत पर ही अस्थायी छप्पर डालकर दिन-रात वहीं रह रहे थे। बुधवार सुबह रामपाल खेत पर बैठे हुए थे। इसी दौरान सांड़ ने उन पर हमला कर दिया और पटक कर अपने सींग से दबा दिया, जिससे उनके सीने में गंभीर चोट आ गई। इसी बीच ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे भूपराम समेत अन्य मजदूरों ने सांड़ को भगाकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
किसान रामपाल के पुत्र रामकिशोर मौर्य ने बताया कि पिता के पास करीब 10 बीघा जमीन है। पिता फसलों की रखवाली के लिए दिन-रात खेत पर ही रहते थे। सीओ अरुण कुमार ने बताया कि किसान के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। ईओ दुर्गेश कुमार ने बताया कि यह घटना नगर पंचायत से कुछ दूरी पर हुई है। फिर भी अभियान चलाया जाएगा।
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दो साल में दो की गई जान, दो घायल
विकासखंड के गांव सिहौर में 4 फरवरी 2024 को जागन लाल की घर के सामने सांड़ के हमले में मौत हो गई थी। वहीं, कस्बे के मोहल्ला जाटवपुरा निवासी मुन्नालाल कश्यप की 30 अप्रैल 2025 को सांड़ के हमले में जान चली गई थी। 7 जून 2026 में गांव नूराबाद में भी सांड़ ने केवल राम और जगदीश वर्मा पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
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मजदूरों के अनुसार, कस्बा के मोहल्ला गांधीनगर निवासी रामपाल मौर्य (70) कस्बा से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित अपने खेत में फूल गोभी की पौध की बचाव के लिए रखवाली करते थे। परिजनों ने बताया कि वह पिछले करीब एक वर्ष से खेत पर ही अस्थायी छप्पर डालकर दिन-रात वहीं रह रहे थे। बुधवार सुबह रामपाल खेत पर बैठे हुए थे। इसी दौरान सांड़ ने उन पर हमला कर दिया और पटक कर अपने सींग से दबा दिया, जिससे उनके सीने में गंभीर चोट आ गई। इसी बीच ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे भूपराम समेत अन्य मजदूरों ने सांड़ को भगाकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
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किसान रामपाल के पुत्र रामकिशोर मौर्य ने बताया कि पिता के पास करीब 10 बीघा जमीन है। पिता फसलों की रखवाली के लिए दिन-रात खेत पर ही रहते थे। सीओ अरुण कुमार ने बताया कि किसान के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। ईओ दुर्गेश कुमार ने बताया कि यह घटना नगर पंचायत से कुछ दूरी पर हुई है। फिर भी अभियान चलाया जाएगा।
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दो साल में दो की गई जान, दो घायल
विकासखंड के गांव सिहौर में 4 फरवरी 2024 को जागन लाल की घर के सामने सांड़ के हमले में मौत हो गई थी। वहीं, कस्बे के मोहल्ला जाटवपुरा निवासी मुन्नालाल कश्यप की 30 अप्रैल 2025 को सांड़ के हमले में जान चली गई थी। 7 जून 2026 में गांव नूराबाद में भी सांड़ ने केवल राम और जगदीश वर्मा पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था।