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Bareilly News: फरीदपुर चेयरमैन पर भ्रष्टाचार मामले में शिकंजा, 15 दिन में जवाब तलब
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बरेली। नगर पालिका परिषद फरीदपुर में भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के मामले में शासन स्तर से चेयरमैन शराफत जरीवाला से स्पष्टीकरण तलब किया है। संयुक्त सचिव देवेश मिश्र की ओर से जारी पत्र में 15 दिन के भीतर शासन को जवाब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। यह मामला नगर पालिका के टेंडर में की गई अनियमितता से जुड़ा है। सभासद देवेंद्र सिंह व अन्य की शिकायत के बाद कराई गई जांच के आधार पर यह कार्रवाई हुई है।
शासन स्तर से 28 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी को अपर जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित कर मामले की जांच कराने के लिए निर्देशित किया गया था। चार सदस्यीय संयुक्त समिति ने जांच की तो अलाव, कीटनाशक दवाओं, फॉगिंग मशीन रिपेयरिंग व एसी की खरीद में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। तीन कोटेशन का कोरम पूरा करने के लिए केवल औपचारिकता निभाई गई, और ठेकेदार अब्दुल राशिद खान का कोटेशन स्वीकृत किया गया। अन्य फर्मों के स्वामियों ने समिति को बताया कि उन्होंने संबंधित कार्यों के लिए कोई कोटेशन या निविदा नहीं डाली थी।
जांच समिति ने संबंधित लिपिक, अधिशासी अधिकारी और पालिका अध्यक्ष की भूमिका संदिग्ध बताई। शासन ने अध्यक्ष से पदेन दायित्वों का निर्वहन न करने व कार्रवाई न किए जाने के संबंध में जवाब मांगा है। जवाब नहीं देने पर उप्र नगर पालिका अधिनियम, 2016 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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सिरौली चेयरमैन से भी आठ माह पहले मांगा था जवाब
जांच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद शासन स्तर से आठ माह पहले नगर पंचायत सिरौली की अध्यक्ष चमन सकलैनी से भी जवाब मांगा गया था। जांच के दौरान पाया गया कि सिरौली नगर पंचायत के पास सार्वजनिक शौचालय था, जिसे नगर पंचायत अध्यक्ष के पति अशफाक सकलैनी ने मौखिक आदेश पर तोड़वा दिया। इसके के लिए उनको दोषी पाया गया।
वर्जन
टेंडर में गड़बड़ी करने के मामले में शासन स्तर से दो बार जांच कराई गई थी। एक बार एसडीएम व दूसरी बार एडीएम फाइनेंस ने जांच की थी। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी गई थी। अब शासन स्तर से चेयरमैन से जवाब मांगा गया है। - पूर्णिमा सिंह, एडीएम प्रशासन
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शासन स्तर से 28 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी को अपर जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित कर मामले की जांच कराने के लिए निर्देशित किया गया था। चार सदस्यीय संयुक्त समिति ने जांच की तो अलाव, कीटनाशक दवाओं, फॉगिंग मशीन रिपेयरिंग व एसी की खरीद में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। तीन कोटेशन का कोरम पूरा करने के लिए केवल औपचारिकता निभाई गई, और ठेकेदार अब्दुल राशिद खान का कोटेशन स्वीकृत किया गया। अन्य फर्मों के स्वामियों ने समिति को बताया कि उन्होंने संबंधित कार्यों के लिए कोई कोटेशन या निविदा नहीं डाली थी।
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जांच समिति ने संबंधित लिपिक, अधिशासी अधिकारी और पालिका अध्यक्ष की भूमिका संदिग्ध बताई। शासन ने अध्यक्ष से पदेन दायित्वों का निर्वहन न करने व कार्रवाई न किए जाने के संबंध में जवाब मांगा है। जवाब नहीं देने पर उप्र नगर पालिका अधिनियम, 2016 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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सिरौली चेयरमैन से भी आठ माह पहले मांगा था जवाब
जांच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद शासन स्तर से आठ माह पहले नगर पंचायत सिरौली की अध्यक्ष चमन सकलैनी से भी जवाब मांगा गया था। जांच के दौरान पाया गया कि सिरौली नगर पंचायत के पास सार्वजनिक शौचालय था, जिसे नगर पंचायत अध्यक्ष के पति अशफाक सकलैनी ने मौखिक आदेश पर तोड़वा दिया। इसके के लिए उनको दोषी पाया गया।
वर्जन
टेंडर में गड़बड़ी करने के मामले में शासन स्तर से दो बार जांच कराई गई थी। एक बार एसडीएम व दूसरी बार एडीएम फाइनेंस ने जांच की थी। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी गई थी। अब शासन स्तर से चेयरमैन से जवाब मांगा गया है। - पूर्णिमा सिंह, एडीएम प्रशासन