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बरेली में परिवार ने गोद ली मासूम पर ढाए जुल्म

Fri, 04 Jan 2013 01:39 PM IST
बरेली/ब्यूरो
बरेली/ब्यूरो Updated Fri, 04 Jan 2013 01:39 PM IST
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 family tortured adopted child

आठ साल की उस मासूम बच्ची को कटरा चांद खां के लोगों ने देखा तो पहले भी था लेकिन उसके सूजे हाथ और चेहरा देख कर जब लोगों ने उससे वजह जानी तो आंसुओं से भीगी उसकी कहानी सुनकर लोग आपे से बाहर हो गए।

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कथित रूप से गोद ली गई इस बच्ची के साथ न सिर्फ गुलामों सा सलूक किया जा रहा था, बल्कि यातनाएं भी दी जा रही थीं। बृहस्पतिवार को बच्ची के मुंह से जुल्म-ज्यादती की दास्तां सुन मोहल्ले के लोगों ने उस घर को घेर लिया जहां ये बच्ची रहती है।
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इस बीच उसके संरक्षक बच्ची को घर में ले गए। बाहर हंगामा चलता रहा। ढाई घंटे बाद जब ये बच्ची पुलिस की सुपुर्दगी में दी गई तो उसका हूलिया काफी सुधरा हुआ था। बदन पर कपड़े भी ठीक थे और पैरों में जूते भी थे। बच्ची पर जुल्म ढाने वालों पर पुलिस मेहरबान दिख रही है। बताया जा रहा है कि बच्ची ने पुलिस को बयान दे दिया है कि जख्म गिरने की वजह से हैं। फिलहाल शाजिया नाम की यह बच्ची महिला थाने में पुलिस के संरक्षण में है। शुक्रवार को उसका मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराया जाएगा।
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बृहस्पतिवार को दोपहर करीब ढाई बजे का वक्त रहा होगा, जब शाजिया ठंड से कांपती हुई घर से निकलकर सैलानी चौराहे पर जल रहे अलाव के पास आकर बैठ गई। चेहरा पिटाई से सूजा हुआ था और डर से सहमा हुआ भी। आग तापते हुए हाथों पर जख्मों के निशान भी दिखे तो अगल-बगल बैठे लोग शाजिया से वजह पूछे बिना नहीं रह सके। इसके बाद आठ साल की मासूम ने जब रो-रोकर अपनी दास्तां सुनाई तो उनके गुस्से का पारा चढ़ता गया।

बच्ची को नहीं पता कि उसके असली मां-बाप कहां हैं और किन वजहों से उसे ऐसा जीवन जीना पड़ रहा है। शाजिया ने मोहल्ले के लोगों को बताया कि साबिर के परिवार में उसकी स्थिति एक नौकरानी की है। कामकाज में कहीं कोई भूलचूक होने पर उसे अमानवीय ढंग से पीटा जाता था। पेट भरने के लिए उसे जूठन ढूंढनी पड़ती थी।


ये कहानी सुन अलाव छोड़कर लोग शाजिया पर जुल्म ढाने वाले साबिर के कटरा चांद खां स्थित घर पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ती गई। वहां ढाई घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। हंगामा नहीं रुका तो पुलिस हरकत में आई। शाम करीब पांच बजे सीओ थर्ड ओमप्रकाश यादव और एसीएम फर्स्ट वंदिता श्रीवास्तव मौके पर पहुंची। अफसरों ने मामला जानने के बाद शाजिया को जिला अस्पताल भिजवा दिया। उसका इलाज कराने के बाद उसे पुलिस के कब्जे में दे दिया गया।


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