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Bareilly News: पुलिस-प्रशासन को गुमराह करने के लिए बनाए थे फर्जी दस्तखत
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बरेली। बरेली बवाल से पहले पुलिस-प्रशासन को गुमराह करने के लिए लिखे गए पत्र में फर्जी हस्ताक्षर होने की पुष्टि फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की रिपोर्ट में हो गई है। इससे आइएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम खान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस इस मामले में जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
मामले के विवेचक संजीव धीर ने बताया कि एफएसएल रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि उस पत्र पर लियाकत हुसैन के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। इस मामले में लियाकत की तरफ से प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी।
पुलिस ने 25 सितंबर को मौलाना व उसके साथियों को बिना अनुमति प्रदर्शन करने से रोका था। इसके बाद पुलिस-प्रशासन को गुमराह करने के लिए यह पत्र दिया गया था। पत्र में आईएमसी के मीडिया प्रभारी नफीस खां, नदीम खां और फरीदापुर चौधरी निवासी लियाकत के हवाले से 26 सितंबर के आह्वान को निरस्त करने की बात कही गई थी।
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मामले के विवेचक संजीव धीर ने बताया कि एफएसएल रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि उस पत्र पर लियाकत हुसैन के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। इस मामले में लियाकत की तरफ से प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी।
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पुलिस ने 25 सितंबर को मौलाना व उसके साथियों को बिना अनुमति प्रदर्शन करने से रोका था। इसके बाद पुलिस-प्रशासन को गुमराह करने के लिए यह पत्र दिया गया था। पत्र में आईएमसी के मीडिया प्रभारी नफीस खां, नदीम खां और फरीदापुर चौधरी निवासी लियाकत के हवाले से 26 सितंबर के आह्वान को निरस्त करने की बात कही गई थी।
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