{"_id":"683385d5264211884b04f87d","slug":"failed-medical-students-will-get-a-chance-to-take-the-exam-again-bareilly-news-c-4-lko1064-648390-2025-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: मेडिकल के फेल विद्यार्थियों को मिलेगा दोबारा परीक्षा देने का माैका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: मेडिकल के फेल विद्यार्थियों को मिलेगा दोबारा परीक्षा देने का माैका
विज्ञापन
बरेली। शाहजहांपुर के वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज में फेल किए गए एमबीबीएस के 96 विद्यार्थियों को दोबारा प्रयोगात्मक परीक्षा देने का माैका मिलेगा। वहीं इस मामले में रुहेलखंड विवि ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को भी दोषी माना है। 9.60 लाख रुपये जुर्माना लगाते हुए दोबारा प्रयोगात्मक परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं।
शाहजहांपुर के बंथरा में स्थित वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज एवं रोहिलखंड हॉस्पिटल के एमबीबीएस अंतिम वर्ष में जनरल मेडिसिन की आंतरिक प्रयोगात्मक परीक्षा में 141 में से 96 विद्यार्थी फेल हुए थे।
मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन डॉ. केशव अग्रवाल द्वारा रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति को सौंपे गए पत्र के अनुसार, प्रधानाचार्य की जांच में आंतरिक परीक्षकों द्वारा छात्रों को फेल करने का मामला सामने आया था।
विज्ञापन
इस पर विभागाध्यक्ष डॉ. धनकर ठाकुर को निष्कासित और आंतरिक परीक्षक डॉ. विवेक कुमार वर्मा को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही, छात्र हित में इसे अद्वितीय मामला मानते हुए राहत संबंधी आदेश दिए जाने का अनुरोध किया गया था, ताकि परीक्षकों की गलती का खामियाजा विद्यार्थियों को न भुगतना पड़े। अब विवि ने इस पर निर्णय लिया है। ब्यूरो
विज्ञापन
शाहजहांपुर के बंथरा में स्थित वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज एवं रोहिलखंड हॉस्पिटल के एमबीबीएस अंतिम वर्ष में जनरल मेडिसिन की आंतरिक प्रयोगात्मक परीक्षा में 141 में से 96 विद्यार्थी फेल हुए थे।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन डॉ. केशव अग्रवाल द्वारा रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति को सौंपे गए पत्र के अनुसार, प्रधानाचार्य की जांच में आंतरिक परीक्षकों द्वारा छात्रों को फेल करने का मामला सामने आया था।
विज्ञापन
इस पर विभागाध्यक्ष डॉ. धनकर ठाकुर को निष्कासित और आंतरिक परीक्षक डॉ. विवेक कुमार वर्मा को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही, छात्र हित में इसे अद्वितीय मामला मानते हुए राहत संबंधी आदेश दिए जाने का अनुरोध किया गया था, ताकि परीक्षकों की गलती का खामियाजा विद्यार्थियों को न भुगतना पड़े। अब विवि ने इस पर निर्णय लिया है। ब्यूरो