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फेसबुक काम आई..37 साल बाद मिला भाई

Sat, 30 Sep 2017 01:31 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Sat, 30 Sep 2017 01:31 AM IST
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परवेज

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फेसबुक की आभासी दुनिया भले ही कुछ लोगों को रास न आती हो, लेकिन शहर के एक परिवार को यहां से जो खुशी मिली है, उसकी तलाश में ये लोग 37 साल से भटक रहे थे। इन लोगों को एक ऐसी टीस थी जो खुशी के हर मौके पर रुलाती थी। हम बात कर रहे हैं बरेली के किला क्षेत्र में कटघर के रहने वाले परवेज और उनके परिवार की। दरअसल नौ जनवरी, 1980 को बिछड़ा परवेज का छोटा भाई जावेद फेसबुक के जरिये ही परिवार को मिला है। जावेद इस समय हैदराबाद फिल्म सिटी में काम कर रहा है। वीडियो कॉल के जरिए परिवार के लोगों की जावेद से बात हुई तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। मां तो जावेद के गायब होने से सदमे में ही चल बसी थी।
मोहल्ला क टघर निवासी घड़ीसाज आईआर खान काम के सिलसिले में रुद्रपुर (उत्तराखंड) जाकर रहने लगे थे। वह थोड़ा सख्त मिजाज थे। 37 साल पहले एक दिन आईआर खान ने अपनेे 14 साल के बेटे जावेद की गलत सोसाइटी के बच्चों के साथ उठने-बैठने की शिकायत मिलने पर पिटाई कर दी थी। इससे नाराज होकर जावेद ने घर छोड़ दिया और फिर कभी किसी से बात नहीं की। एक साल तक जावेद की कोई खैर-खबर नहीं मिली तो मां बीमार पड़ गईं। जावेद के गम में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। काफी तलाशने के बाद भी जावेेद का कोई पता नहीं चला तो परिवार वालों ने उसके मिलने की आस ही छोड़ दी, लेकिन परवेज को उम्मीद थी कि एक न एक दिन भाई उन्हें जरूर मिलेगा। 
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इस तरह मिला जावेद
जावेद की पत्नी हबीबा की बहन का लड़का मोहम्मद हसन सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और मुंबई की कंपनी में नौकरी करता है। जावेद से उन्होंने सुना था कि वह बरेली के रहने वाले हैं। उनके बड़े भाई का नाम परवेज खान है। हबीबा को अपनी ससुराल देखने की इच्छा थी। खाला (मौसी) के कहने पर मोहम्मद हसन ने परवेज को फेसबुक पर तलाश लिया, लेकिन इसका कोई पुख्ता प्रमाण नहीं था कि वही जावेद के भाई हैं। फेसबुक पर परवेज का मोबाइल नंबर नहीं मिला तो हसन ने उनकी फ्रैंड लिस्ट से अभिषेक त्रिपाठी नाम के बरेली के युवक का नंबर लेकर उससे बात की और परवेज के बारे में जानकारी ली। अभिषेक सेे ही हसन को परवेज का मोबाइल नंबर मिल गया। 19 सितंबर को हसन ने परवेज से बात की और फिर यह साफ हो गया कि परवेज और जावेद सगे भाई हैं। हसन उसी दिन मुंबई से हवाई जहाज से जावेद के पास हैदराबाद पहुंचे। हसन ने ही अपने फोन से जावेद की परवेज से बात कराई तो दोनों भाई फफक कर रो पड़े।
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फेसबुक के जरिए हमारा भाई मिल गया। इससे पूरा परिवार खुश है। कई बार वीडियो कॉल से के जरिये उनसे बात हो चुकी है। घर से नाराज होकर जावेद मुंबई चला गया था। 1993 में वह मुंबई छोड़कर हैदराबाद में शिफ्ट हो गया। जावेद फिल्मों में स्पेशल इफेक्ट में काम करता है। वह बहुत परेशानी उठाकर यहां तक पहुंचा है। 15 अक्तूबर तक वह शूटिंग में बिजी है। इसके बाद उसने घर आने को कहा है।
- परवेज खान    
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