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Bareilly News: नमकीन फैक्टरी पर जय ट्रेडिंग कंपनी से हुई थी एक्सपायर तेल की सप्लाई
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बरेली। परसाखेड़ा स्थित नमकीन फैक्टरी आलम फूड प्रोडक्ट्स में एक्सपायर तेल मिलने के बाद अब खाद्य विभाग की टीम उत्पादक का पता लगा रही है। जांच में पता चला कि तेल की आपूर्ति श्यामगंज की जय ट्रेडिंग कंपनी से की गई थी।
खाद्य विभाग की टीम ने शनिवार को परसाखेड़ा स्थित दो नमकीन फैक्टरियों पर छापा मारा था। आलम फूड प्रोडक्ट्स में नमकीन निर्माण के लिए रखे रिफाइंड पामोलिन तेल की जांच की गई। 89 टीन में रखा 1,335 किलोग्राम पामोलिन तेल की एक्सपायरी मई 2026 पाई गई। मिलावट की आशंका में नमकीन का एक नमूना जांच के लिए भेजा गया है। एक्सपायरी तेल के पूरे स्टॉक को सीज कर दिया गया।
कारोबारी ने सीसीटीवी में दो घंटे पहले आपूर्ति का वीडियो दिखाया। उसने खरीद का बिल भी प्रस्तुत किया। जांच में यह बात सामने आई कि आलम फूड प्रोडक्ट्स को एक्सपायरी तेल की आपूर्ति श्यामगंज स्थित जय ट्रेडिंग कंपनी से की गई है। जब टीम ने उस पते पर जाकर देखा तो पता लगा कि वह भवन बेच दिया गया है। उसने पास में ही दूसरी जगह कंपनी का ऑफिस खोल रखा है। मौके पर जांच की गई तो ट्रेडिंग कंपनी का मालिक नहीं था। अब सोमवार को पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी। खाद्य विभाग का दावा है कि सीसीटीवी के मुताबिक 89 तेल टिन की सप्लाई शनिवार दोपहर 12 बजे की गई थी।
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कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा मामला
खाद्य विभाग की ओर से मामले को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वहां तेल को नष्ट कराने या साबुन फैक्टरी में प्रयोग करने के संबंध में पक्ष रखा जाएगा। विभाग का दावा है कि तेल बहुत पुराना होने पर नष्ट कराया जाता है, लेकिन मई 2026 एक्सपायरी डेट होने पर उसका इस्तेमाल साबुन फैक्टरी में किया जा सकता है। खाद्य विभाग ने मौके पर निर्माणाधीन नमकीन का नमूना लेने से पहले खुद खाकर चेक भी किया था। विभाग का दावा है कि अगर नमकीन खराब हुई तो स्वास्थ्य पर भी असर पड़ेगा।
वर्जन
नमकीन फैक्टरी में एक्सपायरी तेल की सप्लाई श्यामगंज स्थित जय ट्रेडिंग कंपनी से की गई थी। टीम ने वहां जाकर देखा तो पता चला कि भवन बेच दिया गया है। वह पास में नए ऑफिस से तेल की सप्लाई कर रहा है। फैक्टरी की भी जांच की जाएगी। - राहुल कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य
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खाद्य विभाग की टीम ने शनिवार को परसाखेड़ा स्थित दो नमकीन फैक्टरियों पर छापा मारा था। आलम फूड प्रोडक्ट्स में नमकीन निर्माण के लिए रखे रिफाइंड पामोलिन तेल की जांच की गई। 89 टीन में रखा 1,335 किलोग्राम पामोलिन तेल की एक्सपायरी मई 2026 पाई गई। मिलावट की आशंका में नमकीन का एक नमूना जांच के लिए भेजा गया है। एक्सपायरी तेल के पूरे स्टॉक को सीज कर दिया गया।
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कारोबारी ने सीसीटीवी में दो घंटे पहले आपूर्ति का वीडियो दिखाया। उसने खरीद का बिल भी प्रस्तुत किया। जांच में यह बात सामने आई कि आलम फूड प्रोडक्ट्स को एक्सपायरी तेल की आपूर्ति श्यामगंज स्थित जय ट्रेडिंग कंपनी से की गई है। जब टीम ने उस पते पर जाकर देखा तो पता लगा कि वह भवन बेच दिया गया है। उसने पास में ही दूसरी जगह कंपनी का ऑफिस खोल रखा है। मौके पर जांच की गई तो ट्रेडिंग कंपनी का मालिक नहीं था। अब सोमवार को पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी। खाद्य विभाग का दावा है कि सीसीटीवी के मुताबिक 89 तेल टिन की सप्लाई शनिवार दोपहर 12 बजे की गई थी।
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कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा मामला
खाद्य विभाग की ओर से मामले को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वहां तेल को नष्ट कराने या साबुन फैक्टरी में प्रयोग करने के संबंध में पक्ष रखा जाएगा। विभाग का दावा है कि तेल बहुत पुराना होने पर नष्ट कराया जाता है, लेकिन मई 2026 एक्सपायरी डेट होने पर उसका इस्तेमाल साबुन फैक्टरी में किया जा सकता है। खाद्य विभाग ने मौके पर निर्माणाधीन नमकीन का नमूना लेने से पहले खुद खाकर चेक भी किया था। विभाग का दावा है कि अगर नमकीन खराब हुई तो स्वास्थ्य पर भी असर पड़ेगा।
वर्जन
नमकीन फैक्टरी में एक्सपायरी तेल की सप्लाई श्यामगंज स्थित जय ट्रेडिंग कंपनी से की गई थी। टीम ने वहां जाकर देखा तो पता चला कि भवन बेच दिया गया है। वह पास में नए ऑफिस से तेल की सप्लाई कर रहा है। फैक्टरी की भी जांच की जाएगी। - राहुल कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य