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बजट से उम्मीदें : ऑनलाइन व्यापार के लिए बनें ठोस नियम

Fri, 23 Jan 2026 03:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jan 2026 03:27 AM IST
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Expectations from the budget: Solid rules should be made for online business
व्यापारियों ने जीएसटी कम करने और सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों को रोकने की मांग की
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बरेली। फरवरी में आ रहे बजट को लेकर व्यापारियों को सरकार से बड़ी उम्मीदें हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर सरकार कुछ वस्तुओं पर जीएसटी कम करने के साथ ही ऑनलाइन व्यापार के लिए ठोस नीति बनाए तो व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान समय में ऑनलाइन कारोबार के लिए कोई भी व्यापक रणनीति सरकार की ओर से नहीं बनाई गई है, जिससे ऑनलाइन कारोबार पर कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। कई बार ग्राहकों को ठगी का शिकार भी होना पड़ता है। ऑनलाइन व्यापार के लिए अगर कोई नीति नहीं बनी तो छोटे व्यापारी समाप्त हो जाएगे और ये बाजार के लिए बहुत की घातक साबित होगा। वहीं सोने-चांदी के दाम आसमान छू रहे है, सालभर के अंदर ही चांदी के दाम लगभग दोगुना हो गए है। व्यापारियों का कहना है कि सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों पर रोक लगनी चाहिए, जिससे बाजार में सुधार आ सके।

सोने-चांदी के दाम हो स्थिर
मंडल का सबसे बड़ा सराफा बाजार है। यहां पर सालभर में हजारों किलो चांदी व सोने की खपत होती है। शहर में साहूकारा, आलमगिरीगंज प्रमुख सराफा बाजार है। बरेली के साथ इन बाजारों में पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर समेत अन्य जिलों के ग्राहक खरीदारी करने आते है। कारोबारियों का कहना है सोने-चांदी के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे ग्राहक भी असमंजस की स्थिति है। सहालग शुरू होने से पहले चांदी के भाव 3 लाख रुपये प्रतिकिलो पार हो गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि सरकार को सोने-चांदी के दामों पर नियंत्रण करना चाहिए।
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कागज पर कम हो जीएसटी
- कारोबारियों को बजट 2026 में उम्मीद है कि इस बार सरकार कागज पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स को कम कर सकती है। व्यापारियों के अनुसार इस समय कागज 18 प्रतिशत पर मिल रहा है, लेकिन काॅपी पर 5 प्रतिशत जीएसटी लेते है। ज्यादा जीएसटी पर कच्चा माल खरीदकर उसे बनाकर कम जीएसटी पर बेचने से कई बार व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। इस मामले में वित्त मंत्रालय को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन उसके बाद भी कोई बदलाव नहीं आया है। इस बजट में व्यापारियों को बदलाव की उम्मीद है। संवाद
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जीएसटी रिफंड के लिए हो कारगर रणनीति
हर माह जीएसटी भरने वाले व्यापारियों को आईटीसी क्लेम के बाद जीएसटी रिफंड के लिए कई महीने इंतजार करना पड़ता है, जिससे व्यापारियों की मोटी रकम फंसी रहती है, जिससे कारोबार भी प्रभावित होता है। व्यापारियाें की मांग है कि रिफंड के लिए केंद्र सरकार को कारगर रणनीति बनानी चाहिए, जिससे व्यापारियों को परेशानी उठानी न पड़े। आयकर विभाग की ओर से 10 से 15 दिनों के भीतर ही रिफंड मिल जाता है।

बयान फोटो
- व्यापारियों को हर बजट में सरकार से आस रहती है, लेकिन उम्मीद के मुताबिक राहत नहीं मिल पाती है। इस बार का बजट अच्छा रहने की उम्मीद है। - संजीव मित्तल, व्यापारी

- सोने-चांदी के भाव में लगातार उतार चढ़ाव आ रहा है, जिससे बाजार में आने वाले ग्राहकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सरकार को भाव पर नियंत्रण रखना चाहिए। - सुरेंद्र रस्तोगी, व्यापारी

- ऑनलाइन व्यापार के चलते कारोबार करने में सभी ट्रेड के व्यापारियों को व्यापार करने में समस्या आ रही है। बजट में इस पर कारगर रणनीति बनानी चाहिए। - आयुष गुप्ता, व्यापार


- छोटे व्यापार करने वाले व्यापारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन के दौरान आने वाली परेशानियों से राहत मिलनी चाहिए, जिससे वह अपना व्यापार सुचारू तरीके से कर सके। - प्रतीक मेहरोत्रा, व्यापारी




















सोना चांदी के दामों पर लगातार हो रही
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