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Bareilly: इंटरपोल की मदद से भारत लाया जाएगा हमदा का गुनहगार, फर्जी हस्ताक्षर का भी दोषी
Wed, 24 Aug 2022 02:48 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2022 02:48 AM IST
सार
बदायूं के मोहल्ला नाहर खां सराय की हमदा नाज का निकाह चार फरवरी 2018 में बरेली के मोहल्ला नवादा शेखान के मीरा की पैठ इलाके के मोहम्मद तसलीम से हुआ था। दहेज से नाखुश तसलीम ने निकाह के दिन से ही हमदा को ताने देने शुरू कर दिए और 20 दिन बाद ही उन्हें बगैर कुछ बताए सऊदी अरब भाग गया। वहां जाकर उसने अपने संपर्क के साधन भी बदल डाले।
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गृह मंत्रालय
- फोटो : ANI
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विस्तार
दहेज की वजह से निकाह के 20 दिन बाद ही हमदा नाज को छोड़कर सऊदी अरब भाग जाने वाले तसलीम को इंटरपोल की मदद से भारत लाए जाने की तैयारी हो चुकी है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद विदेश मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी गई है। इसके बाद सऊदी अरब सरकार से प्रत्यर्पण संधि के तहत तसलीम को भारत के लिए डिपोर्ट करने का अनुरोध करना भर बाकी रह गया है।
बदायूं के मोहल्ला नाहर खां सराय की हमदा नाज का निकाह चार फरवरी 2018 में बरेली के मोहल्ला नवादा शेखान के मीरा की पैठ इलाके के मोहम्मद तसलीम से हुआ था। दहेज से नाखुश तसलीम ने निकाह के दिन से ही हमदा को ताने देने शुरू कर दिए और 20 दिन बाद ही उन्हें बगैर कुछ बताए सऊदी अरब भाग गया। वहां जाकर उसने अपने संपर्क के साधन भी बदल डाले। तसलीम के जाने के बाद घर वालों ने जी भरकर हमदा को शारीरिक-मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और फिर घर से निकाल दिया।
हमदा का परिवार इसके बाद काफी समय तक तसलीम के घरवालों को मनाने की कोशिश करता रहा। दहेज उत्पीड़न का केस भी दर्ज कराने की चेतावनी दी। तसलीम के घर वाले उसे जल्द बुलाने का झांसा देकर काफी समय तक टालते रहे। सारी कोशिशें नाकाम होने के बाद 10 अक्तूबर 2018 को हमदा की ओर से तसलीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। अदालत में मामला पहुंचने के बाद तसलीम के खिलाफ एक-एक कर कई गैरजमानती वारंट जारी हुए, लेकिन उसके विदेश में होने की वजह से उन्हें तामील नहीं किया जा सका।
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सिविल जज ने 30 अप्रैल 2022 को तसलीम के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। हमदा के परिवार की पैरवी के बाद गृह मंत्रालय ने जांच एजेंसी, अपर गृह सचिव और यूपी के डीजीपी को तसलीम के प्रत्यर्पण का औपचारिक अनुरोध पत्र देने को कहा। पुलिस की ओर से तैयार यह अनुरोध पत्र गृह मंत्रालय के जरिए पिछले दिनों विदेश मंत्रालय को भेज दिया गया था। पुलिस के मुताबिक भारत और सऊदी अरब के बीच बंदी प्रत्यर्पण संधि के तहत इंटरपोल के जरिए तसलीम को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है।
सऊदी अरब से डिपोर्ट होगा तसलीम 2019 में इम्पाउंड हो गया था पासपोर्ट
सऊदी अरब भागे मोहम्मद तसलीम का पासपोर्ट इम्पाउंड किया जा चुका है। हमदा के भाई जिया के मुताबिक प्रत्यर्पण संधि के तहत तसलीम को भारत लाने में देरी इसलिए हुई क्योंकि पुलिस की ओर से तीन बार गृह मंत्रालय को गलत रिपोर्ट भेज दी गई, इसे गृह मंत्रालय ने अपूर्ण बताकर वापस कर दिया। अब पुलिस की रिपोर्ट को गृह मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय भेज दिया है। कुछ औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सऊदी अरब के भारतीय दूतावास को गृह और विदेश मंत्रालय की संयुक्त रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद सऊदी अरब से तसलीम को इंटरपोल के जरिए डिपोर्ट कर दिया जाएगा।
वकालतनामे पर फर्जी हस्ताक्षर का भी दोषी
हमदा के भाई जिया के मुताबिक 2020 में तसलीम के माता-पिता ने उसके फर्जी हस्ताक्षर वकालत नामे पर कराकर अदालत से स्टे ऑर्डर ले लिया था जो स्वत: समाप्त हो गया था। इस मामले में भी धोखाधड़ी की कार्रवाई चल रही है। तसलीम के पिता मोहम्मद हनीफ उर्फ दिलशाद ने लगातार अदालत को गुमराह किया।
प्रत्यार्पण संधि
प्रत्यर्पण संधि अधिनियम 1962 की धारा 2 (डी) के तहत भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण से संबंधित विदेशी राज्य के साथ भारत के समझौते के तहत आता है। इसके तहत भगोड़े अपराधी को दूसरे देशों की सरकार से भारत डिपोर्ट करने का अनुरोध किया जाता है। यह करार सऊदी अरब सरकार से 2010 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया था।
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बदायूं के मोहल्ला नाहर खां सराय की हमदा नाज का निकाह चार फरवरी 2018 में बरेली के मोहल्ला नवादा शेखान के मीरा की पैठ इलाके के मोहम्मद तसलीम से हुआ था। दहेज से नाखुश तसलीम ने निकाह के दिन से ही हमदा को ताने देने शुरू कर दिए और 20 दिन बाद ही उन्हें बगैर कुछ बताए सऊदी अरब भाग गया। वहां जाकर उसने अपने संपर्क के साधन भी बदल डाले। तसलीम के जाने के बाद घर वालों ने जी भरकर हमदा को शारीरिक-मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और फिर घर से निकाल दिया।
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हमदा का परिवार इसके बाद काफी समय तक तसलीम के घरवालों को मनाने की कोशिश करता रहा। दहेज उत्पीड़न का केस भी दर्ज कराने की चेतावनी दी। तसलीम के घर वाले उसे जल्द बुलाने का झांसा देकर काफी समय तक टालते रहे। सारी कोशिशें नाकाम होने के बाद 10 अक्तूबर 2018 को हमदा की ओर से तसलीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। अदालत में मामला पहुंचने के बाद तसलीम के खिलाफ एक-एक कर कई गैरजमानती वारंट जारी हुए, लेकिन उसके विदेश में होने की वजह से उन्हें तामील नहीं किया जा सका।
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सिविल जज ने 30 अप्रैल 2022 को तसलीम के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। हमदा के परिवार की पैरवी के बाद गृह मंत्रालय ने जांच एजेंसी, अपर गृह सचिव और यूपी के डीजीपी को तसलीम के प्रत्यर्पण का औपचारिक अनुरोध पत्र देने को कहा। पुलिस की ओर से तैयार यह अनुरोध पत्र गृह मंत्रालय के जरिए पिछले दिनों विदेश मंत्रालय को भेज दिया गया था। पुलिस के मुताबिक भारत और सऊदी अरब के बीच बंदी प्रत्यर्पण संधि के तहत इंटरपोल के जरिए तसलीम को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है।
सऊदी अरब से डिपोर्ट होगा तसलीम 2019 में इम्पाउंड हो गया था पासपोर्ट
सऊदी अरब भागे मोहम्मद तसलीम का पासपोर्ट इम्पाउंड किया जा चुका है। हमदा के भाई जिया के मुताबिक प्रत्यर्पण संधि के तहत तसलीम को भारत लाने में देरी इसलिए हुई क्योंकि पुलिस की ओर से तीन बार गृह मंत्रालय को गलत रिपोर्ट भेज दी गई, इसे गृह मंत्रालय ने अपूर्ण बताकर वापस कर दिया। अब पुलिस की रिपोर्ट को गृह मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय भेज दिया है। कुछ औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सऊदी अरब के भारतीय दूतावास को गृह और विदेश मंत्रालय की संयुक्त रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद सऊदी अरब से तसलीम को इंटरपोल के जरिए डिपोर्ट कर दिया जाएगा।
वकालतनामे पर फर्जी हस्ताक्षर का भी दोषी
हमदा के भाई जिया के मुताबिक 2020 में तसलीम के माता-पिता ने उसके फर्जी हस्ताक्षर वकालत नामे पर कराकर अदालत से स्टे ऑर्डर ले लिया था जो स्वत: समाप्त हो गया था। इस मामले में भी धोखाधड़ी की कार्रवाई चल रही है। तसलीम के पिता मोहम्मद हनीफ उर्फ दिलशाद ने लगातार अदालत को गुमराह किया।
प्रत्यार्पण संधि
प्रत्यर्पण संधि अधिनियम 1962 की धारा 2 (डी) के तहत भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण से संबंधित विदेशी राज्य के साथ भारत के समझौते के तहत आता है। इसके तहत भगोड़े अपराधी को दूसरे देशों की सरकार से भारत डिपोर्ट करने का अनुरोध किया जाता है। यह करार सऊदी अरब सरकार से 2010 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया था।