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वित्तविहीन केंद्रों पर पर्यवेक्षक कराएंगे परीक्षा
बरेली
Updated Wed, 28 Jan 2015 01:50 AM IST
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यूपी बोर्ड की 19 फरवरी से शुरू हो रही परीक्षा के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक बनाने का काम शुरू कर दिया है। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए वित्तविहीन विद्यालयों के केंद्रों पर पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। विवादित वित्तविहीन केंद्रों पर उनके प्रधानाचार्यों के बजाय राजकीय इंटर कॉलेज के शिक्षकों को केंद्र व्यवस्थापक बनाया जाएगा। जिले में 50 से ज्यादा वित्तविहीन विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है।
जिले में 124 परीक्षा केंद्र पहले ही बनाए जा चुके हैं। इन पर परीक्षा कराने के लिए जिले में लगभग दो हजार कक्ष निरीक्षक लगाए जाएंगे। माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक कम पड़ने की स्थिति में बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। लगभग 40 परीक्षा केंद्र संवेदनशील की श्रेणी में हैं। इन पर जिला स्तरीय अधिकारियों को बतौर मजिस्ट्रेट लगाया जाएगा जो अपनी निगरानी में परीक्षा कराएंगे। यूपी बोर्ड से अगले सप्ताह पेपर और उत्तर पुस्तिकाएं आ जाएंगे। इससे पहले बोर्ड परीक्षा की रणनीति बनाने और इस बाबत नए दिशानिर्देश देने के लिए शासन ने प्रदेश के सारे जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों की मीटिंग दो फरवरी को लखनऊ में बुलाई है। डीआईओएस आशुतोष भारद्वाज ने बताया कि शासन की मीटिंग के बाद केंद्र व्यवस्थापकों, पर्यवेक्षकों और कक्ष निरीक्षकों की सूची जारी कर दी जाएगी।
इंसेट...
लड़कियों की संख्या घटी
जिले में इस साल 105505 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। पिछले साल के मुकाबले इस साल 2362 परीक्षार्थी कम हुए हैं। यह अंतर लड़कियों की संख्या कम होने से पैदा हुआ है। पिछले साल 43491 लड़कियां बोर्ड परीक्षा में शामिल हुई थीं जबकि इस साल यह संख्या 42296 है। हाईस्कूल में इस साल जहां 34314 लड़के शामिल होंगे वहीं लड़कियों की संख्या 23561 रहेगी। इंटर में भी लड़कों की अपेक्षा लड़कियां कम बैठ रही हैं। 28895 लड़के तो 18735 लड़कियां परीक्षा में शामिल होंगी। गौरतलब यह है कि प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में भी इस साल लड़कियों की संख्या काफी कम हुई है। प्राइवेट परीक्षार्थी के तौर हाईस्कूल में फरीदपुर तहसील से महज नौ लड़कियां ही पंजीकृत हैं। पिछले साल यहां हाईस्कूल में 295 लड़कियां व्यक्तिगत तौर पर परीक्षा में शामिल हुई थीं।
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जिले में 124 परीक्षा केंद्र पहले ही बनाए जा चुके हैं। इन पर परीक्षा कराने के लिए जिले में लगभग दो हजार कक्ष निरीक्षक लगाए जाएंगे। माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक कम पड़ने की स्थिति में बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। लगभग 40 परीक्षा केंद्र संवेदनशील की श्रेणी में हैं। इन पर जिला स्तरीय अधिकारियों को बतौर मजिस्ट्रेट लगाया जाएगा जो अपनी निगरानी में परीक्षा कराएंगे। यूपी बोर्ड से अगले सप्ताह पेपर और उत्तर पुस्तिकाएं आ जाएंगे। इससे पहले बोर्ड परीक्षा की रणनीति बनाने और इस बाबत नए दिशानिर्देश देने के लिए शासन ने प्रदेश के सारे जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों की मीटिंग दो फरवरी को लखनऊ में बुलाई है। डीआईओएस आशुतोष भारद्वाज ने बताया कि शासन की मीटिंग के बाद केंद्र व्यवस्थापकों, पर्यवेक्षकों और कक्ष निरीक्षकों की सूची जारी कर दी जाएगी।
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लड़कियों की संख्या घटी
जिले में इस साल 105505 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। पिछले साल के मुकाबले इस साल 2362 परीक्षार्थी कम हुए हैं। यह अंतर लड़कियों की संख्या कम होने से पैदा हुआ है। पिछले साल 43491 लड़कियां बोर्ड परीक्षा में शामिल हुई थीं जबकि इस साल यह संख्या 42296 है। हाईस्कूल में इस साल जहां 34314 लड़के शामिल होंगे वहीं लड़कियों की संख्या 23561 रहेगी। इंटर में भी लड़कों की अपेक्षा लड़कियां कम बैठ रही हैं। 28895 लड़के तो 18735 लड़कियां परीक्षा में शामिल होंगी। गौरतलब यह है कि प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में भी इस साल लड़कियों की संख्या काफी कम हुई है। प्राइवेट परीक्षार्थी के तौर हाईस्कूल में फरीदपुर तहसील से महज नौ लड़कियां ही पंजीकृत हैं। पिछले साल यहां हाईस्कूल में 295 लड़कियां व्यक्तिगत तौर पर परीक्षा में शामिल हुई थीं।
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