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वीडियो से मिले सबूत.. खनन की शिकायत निपटाने पहुंचे दरोगा ने की थी मारपीट

Fri, 04 Dec 2020 01:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 04 Dec 2020 01:56 AM IST
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Evidence found from the video .. Daroga, who arrived to settle the complaint of mining, assaulted
पार्षद के घर पहुंचे बरखेड़ा विधायक पार्षद के घर हालचाल लेने पहुंचे नेता। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सीओ तृतीय की जांच में दोषी मिले तो डीआईजी ने की निलंबन की कार्रवाई
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पार्षद के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर होगी कार्रवाई, दोनों पक्षों ने की तहरीर पर चल रही है जांच
अफसरों ने वीडियो क्लिप देखी तो पता चला- दरोगा ने मोबाइल फोन तोड़ने की बात कही थी झूठ

बरेली। बैरियर वन चौकी प्रभारी रहे कपिल कुमार को डीआईजी ने गुरुवार को आखिरकार निलंबित कर दिया। खनन को बढ़ावा देने की शिकायत पर शुरू हुई रार के बाद मंगलवार को चौकी प्रभारी और स्थानीय पार्षद महेश राजपूत के बीच मारपीट हो गई थी। भाजपा नेताओं का रुख देखकर घटना के दिन ही चौकी प्रभारी को लाइनहाजिर कर दिया गया था।
घटना के वक्त बने वीडियो से साबित हुआ कि चौकी प्रभारी कपिल अपने खिलाफ खनन वाली शिकायत निपटाने के लिए खुद पार्षद के घर गए थे और अभद्रता उन्हीं ने शुरू की थी। इस मामले में सीओ तृतीय की जांच रिपोर्ट के बाद प्रभारी एसएसपी की संस्तुति पर कार्रवाई की गई। इस मामले में पार्षद का पलड़ा भारी पड़ गया, भाजपा नेता भी निलंबन की कार्रवाई को अपनी जीत मान रहे हैं।
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नगरिया के पार्षद महेश राजपूत और दरोगा कपिल के बीच मारपीट के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाकर इज्जतनगर थाने में तहरीर भी दी थीं। घटना के बाद मेयर उमेश गौतम, भाजपा के शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार समेत कई नेता पार्षद के घर पहुंचे थे और चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की मांग पुलिस अधिकारियों से की थी। प्रभारी एसएसपी डॉ. संसार सिंह ने चौकी प्रभारी को तत्काल लाइन हाजिर कर जांच बैठा दी थी। प्रभारी एसएसपी ने सीओ तृतीय श्वेता यादव को दो दिन में रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। बुधवार रात सीओ की रिपोर्ट आने के बाद डीआईजी राजेश पांडेय ने चौकी प्रभारी को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी होगी। वहीं दोनों की तहरीर पर जांच अभी जारी है, अगर पार्षद के खिलाफ साक्ष्य मिले तो उन पर भी कार्रवाई की बात अफसर कह रहे हैं।
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पार्षद के घर पहुंचने और कॉलर खींचने के मिले चौकी प्रभारी के खिलाफ सबूत
पार्षद और चौकी प्रभारी के बीच विवाद और मारपीट के मामले में पुलिस अधिकारी कार्रवाई को जांच के नाम निपटाने के मूड में थे मगर चौकी के सिपाहियों ने ही अधिकारियों को जो वीडियो उपलब्ध कराए उसमें चौकी प्रभारी फंस गए। पार्षद की ओर से भेजे वीडियो में भी पहली कमी चौकी प्रभारी की ही नजर आई। वीडियो में झगड़ा गेट पर होता नजर आ रहा है जिसमें चौकी प्रभारी पार्षद से कह रहे हैं कि तुमने मेरी शिकायत किस आधार पर की, तुम्हारे पास कोई साक्ष्य है तो दो। पार्षद अड़ते हैं तो चौकी प्रभारी अपनी डायरी किसी सिपाही को देते हुए उन्हें कॉलर पकड़कर साथ ले जाने की कोशिश करते हैं। इस बीच पार्षद की मां बेटे के बचाव में आगे आ जाती हैं। यहां दरोगा घिरे नजर आते हैं। इसके बाद मोबाइल गिर जाता है। पूरा घटनाक्रम पार्षद के घर के दरवाजे पर होता नजर आया है। पहले से शिकायतें होने के बाद भी दूसरी जांच के बहाने पार्षद के घर जाने और पार्षद को पकड़ने की कोशिश में चौकी प्रभारी घिर गए और सीओ को उनके खिलाफ रिपोर्ट देनी पड़ी। वहीं विवाद के बाद चौकी इंचार्ज ने कहा था वह आरटीजीएस पर बबलू नाम के एक व्यक्ति द्वारा की गई शिकायत की जांच करने गए वह थे। जबकि जांच से पता चला कि ऐसी कोई शिकायत हुई नहीं थी। दूसरा पहले दरोगा ने यह भी कहना था कि घटना का वीडियो बना रहे सिपाही का मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया, जबकि अफसरों तक पहुंचे वीडियो से साफ हो गया कि सिपाही का मोबाइल फोन गिरकर खराब हुआ।

डीआईजी ने किए निलंबन पत्र पर दस्तखत

दरोगा के नियुक्ति अधिकारी डीआईजी होते हैं इसलिए उन्हें निलंबित करने का अधिकार भी डीआईजी को होता है। सामान्य तौर पर डीआईजी अपने इस अधिकार को एसएसपी को दे देते हैं। इन दिनों जिले में एसएसपी अवकाश पर हैं और उनका प्रभार एसपी देहात के पास, मगर निलंबन करने का उन्हें अधिकार नहीं है। इसलिए डीआईजी ने ही निलंबन पत्र पर हस्ताक्षर किए।

एक अधिकारी के कहने पर चौकी प्रभारी गए थे पार्षद के घर

चौकी प्रभारी कपिल कुमार के निलंबन के बाद विभाग में एक अधिकारी की भूमिका को लेकर भी चर्चा चल रही है। बताया जा रहा है कि कपिल ने अपनी बहन की शादी के लिए छुट्टी मंजूर करा ली थी और घटना वाले दिन घर जाने को थे। इस बीच एक अधिकारी ने ही उन्हें पार्षद के घर जाकर मामला सुलटाने को कहा। इसके बाद दरोगा कपिल पार्षद के गिला शिकवा दूर करने उनके घर गए थे। उनके पहुंचने की सूचना पर पार्षद ने घर की बैठक में साफ सफाई भी कराई थी। मगर जब पहुंचे तो गेट पर ही तनातनी हो गई और मामला निपटने के बजाय बिगड़ गया।

पार्षद के घर पहुंचे बरखेड़ा विधायक पार्षद के घर हालचाल लेने पहुंचे नेता

चौकी प्रभारी के निलंबन की सूचना मिलते ही भाजपाई गदगद हो गए। इसके बाद कई नेता पार्षद के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे। पीलीभीत के बरखेड़ा से विधायक किशनलाल राजपूत व फतेहगंज पश्चिमी के चेयरमैन किशनपाल मौर्य भी उनके घर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। नेताओं ने कहा कि वे लोग पूरी तरह पार्षद के साथ हैं। युवा भाजपा नेता मिंटू सिंह भी यहां मौजूद रहे।

मेयर ने बताई सच्चाई की जीत

वीडियो में साफ दिख रहा है कि चौकी प्रभारी ही पार्षद के घर जाकर उनसे साक्ष्य मांगते हुए अभद्रता कर रहे हैं। जब पार्षद ने उनके खिलाफ शिकायत कर रखी थी तो नियमानुसार जांच अधिकारी (सीओ) को जांच करनी चाहिए थी। चौकी प्रभारी पर आरोप गलत होता तो खारिज हो जाता, खुद जाकर सबूत मांगने का क्या तुक था। अधिकारियों ने चौकी प्रभारी को निलंबित करके बिल्कुल सही काम किया है। अब जब वह दोषी साबित हो गए हैं तो उनके खिलाफ दी गई तहरीर पर प्राथमिकता के आधार पर एफआईआर भी होनी चाहिए। - उमेश गौतम, मेयर

पार्षद के घर जाकर मारपीट के मामले में चौकी प्रभारी रहे कपिल कुमार को निलंबित किया गया है। दोनों ओर से दी गई तहरीरों की जांच सीओ तृतीय कर रही हैं। उनकी रिपोर्ट के बाद ही आगे कोई कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. संसार सिंह, प्रभारी एसएसपी

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