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लखनऊ में जब से ब्याज लगा...तब से दी जा रही छूट, यहां क्यों नहीं : राजेश
Sat, 31 Oct 2026 03:07 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 31 Oct 2026 03:07 AM IST
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बरेली। सपा नेता व पार्षद राजेश अग्रवाल ने नगर निगम की एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लखनऊ नगर निगम ओटीएस के तहत करदाताओं के गृहकर पर जबसे ब्याज लगना शुरू हुआ है, उसी अवधि से ब्याज माफी का लाभ दे रहा है, जबकि बरेली नगर निगम ऐसा नहीं कर रहा है। बरेली में सिर्फ तीन साल तक टैक्स में छूट दी जा रही है। यहां के करदाताओं को भी ब्याज लगने की तारीख से ही ब्याज माफी का लाभ मिलना चाहिए।
चौकी चौराहे पर आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि ओटीएस की अंतिम समय सीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी जाए। जोन तीन व चार से कर से संबंधित सर्वाधिक शिकायतें आ रही हैं। इन दोनों जोन में व्याप्त अनियमितताओं की जांच कराई जाए।
पूर्व में जिन गरीब इलाकों के लोगों तक टैक्स नहीं पहुंच रहा था, जीआईएस सर्वे के दौरान उन पर अचानक 60 से 70 हजार रुपये टैक्स आ गया। निगम की तरफ से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लगाकर लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। ऐसा साफ्टवेयर क्यों नहीं बन सकता कि आम लोग उसका आसानी से उपयोग कर सकें।
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चौकी चौराहे पर आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि ओटीएस की अंतिम समय सीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी जाए। जोन तीन व चार से कर से संबंधित सर्वाधिक शिकायतें आ रही हैं। इन दोनों जोन में व्याप्त अनियमितताओं की जांच कराई जाए।
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पूर्व में जिन गरीब इलाकों के लोगों तक टैक्स नहीं पहुंच रहा था, जीआईएस सर्वे के दौरान उन पर अचानक 60 से 70 हजार रुपये टैक्स आ गया। निगम की तरफ से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लगाकर लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। ऐसा साफ्टवेयर क्यों नहीं बन सकता कि आम लोग उसका आसानी से उपयोग कर सकें।
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