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Bareilly News: प्राइवेट फॉर्म बंद करने केे चार माह बाद भी ऑनलाइन कोर्स शुरू नहीं कर सका रुविवि
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने चार माह पहले ही स्नातक और परास्नातक के प्राइवेट फॉर्म बंद करने की घोषणा तो कर दी, पर इसके एवज में ऑनलाइन कोर्स अब तक शुरू नहीं कर सका। ऐसे में व्यक्तिगत फॉर्म भरकर डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों की उम्मीद टूट रही है। इनकी संख्या की करीब 50 हजार है। इनमें से ज्यादातर दूसरे शहरों में नौकरी करने वाले हैं।
वर्ष 2025 की शुरुआत में ही कुलपति प्रो. केपी सिंह ने एक बैठक में प्राइवेट फॅार्म बंद कर ऑनलाइन कोर्स शुरू कराने की बात कही थी। उन्होंने बताया था कि प्राइवेट फॉर्म से वर्तमान में पढ़ रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी कराई जाएगी। साथ ही, बैक परीक्षा और अंक सुधार को भी जारी रखा जाएगा। नए विद्यार्थियों के लिए प्राइवेट फॉर्म की सुविधा बंद कर ऑनलाइन कोर्स शुरू किए जाएंगे।
कुलपति के इस दावे को करीब चार माह बीत चुके हैं, पर अब तक जमीनी स्तर इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई। इसके लिए विश्वविद्यालय में डिजिटल लर्निंग हब भी बनाए जाने की बात कहीं गई थी। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सभी पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने, परीक्षा से लेकर परिणाम तक डिजिटल व्यवस्था लागू करने का आश्वासन दिया गया था, पर यह योजना भी साकार नहीं हो सकी। संवाद
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वर्ष 2025 की शुरुआत में ही कुलपति प्रो. केपी सिंह ने एक बैठक में प्राइवेट फॅार्म बंद कर ऑनलाइन कोर्स शुरू कराने की बात कही थी। उन्होंने बताया था कि प्राइवेट फॉर्म से वर्तमान में पढ़ रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी कराई जाएगी। साथ ही, बैक परीक्षा और अंक सुधार को भी जारी रखा जाएगा। नए विद्यार्थियों के लिए प्राइवेट फॉर्म की सुविधा बंद कर ऑनलाइन कोर्स शुरू किए जाएंगे।
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कुलपति के इस दावे को करीब चार माह बीत चुके हैं, पर अब तक जमीनी स्तर इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई। इसके लिए विश्वविद्यालय में डिजिटल लर्निंग हब भी बनाए जाने की बात कहीं गई थी। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सभी पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने, परीक्षा से लेकर परिणाम तक डिजिटल व्यवस्था लागू करने का आश्वासन दिया गया था, पर यह योजना भी साकार नहीं हो सकी। संवाद
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