{"_id":"66fb3ce3f9563ec84d042034","slug":"evaluation-of-one-structure-three-times-each-time-the-price-is-different-bareilly-news-c-4-lko1018-492441-2024-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: एक ढांचे का तीन बार मूल्यांकन, हर बार कीमत अलग-अलग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: एक ढांचे का तीन बार मूल्यांकन, हर बार कीमत अलग-अलग
Tue, 01 Oct 2024 05:35 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 01 Oct 2024 05:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। भू-अधिग्रहण घोटाला सामने आने के बाद रिंग रोड के लिए सरनिया में स्थित एक ढांचे का तीसरी बार मूल्यांकन हुआ। तीनों बार लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने ही मूल्यांकन किया और उसकी कीमत अलग-अलग आंकी। अब सवाल उठ रहा है कि कौन सी रिपोर्ट सही है? अधिकारी भी इस पर बोलने से बच रहे हैं।
सरनिया में गाटा संख्या 156 पर बने गोदाम का मूल्यांकन पहली बार करीब छह करोड़ रुपये तय किया गया था। दूसरी बार में मूल्यांकन 60 लाख रुपये से कम किया गया। तीसरी बार में मूल्यांकन कितना है, ये अभियंताओं ने स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन दोनों बार से अलग है। पहली बार पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन अधिशासी अभियंता नारायण सिंह और एई स्नेहलता श्रीवास्तव ने मुआवजा तय करने के लिए मूल्यांकन रिपोर्ट का सत्यापन किया था।
दूसरी बार पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार अग्रवाल ने सीडीओ की जांच रिपोर्ट के लिए गोदाम की अनुमानित लागत बताई थी। तीसरी बार लोक निर्माण विभाग के एनएच खंड के अधिशासी अभियंता शशांक भार्गव और पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने मूल्यांकन किया है। रिपोर्ट क्या रही? अभियंता कुछ नहीं बोले, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अबकी बार का मूल्यांकन न साठ लाख रहा, न ही छह करोड़ के करीब पहुंचा।
विज्ञापन
-- -
चार करोड़ रुपये की मुआवजा पत्रावलियों का सत्यापन पूरा
पीलीभीत। बरेली-सितारगंज हाईवे के भूअधिग्रहण से संबंधित चार करोड़ की पत्रावलियों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। अब दो दिन बाद किसानों के खातों में मुआवजे की धनराशि पहुंचनी शुरू हो जाएगी। भूअधिग्रहण में घपलेबाजी सामने आने पर पत्रावलियों को बरेली तलब किए जाने से कार्य रुका हुआ था। पत्रावलियां वापस आने के बाद अब सत्यापन किया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट/विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी विजय वर्धन तोमर ने बताया कि दो दिन के बाद चार करोड़ रुपये मुआवजे की धनराशि अमरिया क्षेत्र के किसानों के खातों में भेजनी शुरू कर दी जाएगी। संवाद
विज्ञापन
सरनिया में गाटा संख्या 156 पर बने गोदाम का मूल्यांकन पहली बार करीब छह करोड़ रुपये तय किया गया था। दूसरी बार में मूल्यांकन 60 लाख रुपये से कम किया गया। तीसरी बार में मूल्यांकन कितना है, ये अभियंताओं ने स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन दोनों बार से अलग है। पहली बार पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन अधिशासी अभियंता नारायण सिंह और एई स्नेहलता श्रीवास्तव ने मुआवजा तय करने के लिए मूल्यांकन रिपोर्ट का सत्यापन किया था।
विज्ञापन
दूसरी बार पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार अग्रवाल ने सीडीओ की जांच रिपोर्ट के लिए गोदाम की अनुमानित लागत बताई थी। तीसरी बार लोक निर्माण विभाग के एनएच खंड के अधिशासी अभियंता शशांक भार्गव और पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने मूल्यांकन किया है। रिपोर्ट क्या रही? अभियंता कुछ नहीं बोले, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अबकी बार का मूल्यांकन न साठ लाख रहा, न ही छह करोड़ के करीब पहुंचा।
विज्ञापन
चार करोड़ रुपये की मुआवजा पत्रावलियों का सत्यापन पूरा
पीलीभीत। बरेली-सितारगंज हाईवे के भूअधिग्रहण से संबंधित चार करोड़ की पत्रावलियों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। अब दो दिन बाद किसानों के खातों में मुआवजे की धनराशि पहुंचनी शुरू हो जाएगी। भूअधिग्रहण में घपलेबाजी सामने आने पर पत्रावलियों को बरेली तलब किए जाने से कार्य रुका हुआ था। पत्रावलियां वापस आने के बाद अब सत्यापन किया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट/विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी विजय वर्धन तोमर ने बताया कि दो दिन के बाद चार करोड़ रुपये मुआवजे की धनराशि अमरिया क्षेत्र के किसानों के खातों में भेजनी शुरू कर दी जाएगी। संवाद