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Bareilly News: अस्पताल संचालन से पहले खरीदे उपकरण, ऑडिट में नहीं मिले रिकॉर्ड

Thu, 29 Oct 2026 02:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2026 02:59 AM IST
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Equipment purchased before hospital became operational; no records found during audit
बरेली। तीन सौ बेड अस्पताल के पीपीपी मॉडल पर संचालन पर मुहर लग गई है, पर पूर्व में अस्पताल का संचालन नहीं होने पर भी उपकरणों की खरीद का मामला अभी थमा नहीं है। तीन साल पहले ऑडिट में करीब 13 करोड़ रुपये से खरीदे गए उपकरणों पर अब तक विभाग जवाब नहीं दे सका है।
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बीते साल भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग के वरिष्ठ लेखा परीक्षक के पत्र के अनुसार, मानव संसाधन की स्वीकृति और तैनाती न होने से तीन सौ बेड अस्पताल के भवन निर्माण, उपकरण पर 86.82 करोड़ की धनराशि का खर्च अलाभकारी अनुमान है। यह ऑडिट टीम के पोटेंशियल ड्राफ्ट पैराज में चिह्नित है। ऑडिट में तीन सौ बेड अस्पताल के भवन, उपकरण, साज-सज्जा आदि से संबंधित दस्तावेज की प्रामाणिक रिपोर्ट नहीं है।
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पत्र में लिखा है कि वित्त वर्ष 2015-16 में अस्पताल का भवन हैंडओवर नहीं था, फिर भी 4.75 करोड़ के चिकित्सकीय उपकरण खरीदे गए। कोरोना महामारी के बाद अस्पताल संचालन की कवायद पर उपकरण खोजे जाने लगे। कुछ मिले, पर ज्यादातर लापता थे। दो वर्ष पूर्व ऑडिट टीम ने जानकारी मांगी तो रजिस्टर नहीं मिला। शासन के निर्देश पर जांच शुरू हुई, पर अब तक इसका पता नहीं चल सका।
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इन बिंदुओं पर मांगी थी रिपोर्ट
तीन सौ बेड अस्पताल के भवन निर्माण लागत को पुनरीक्षित करने, कार्यदायी संस्था के चयन संबंधी शासनादेश की छायाप्रति, उपकरण, साज-सज्जा पर प्रथम चरण में 4.75 करोड़ और दूसरे चरण में 8.26 करोड़ रुपये से हुई खरीद का विवरण आदि मांगे गए थे। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने कहा कि संबंधित प्रकरण काफी पुराना है। कई अधिकारी और लिपिक सेवानिवृत्त हो गए हैं या उनका तबादला हो गया है। नियमानुसार जवाब भेजा है।

धूल फांक रहे वेंटिलेटर समेत अन्य उपकरण
तीन सौ बेड अस्पताल में आईपीडी संचालन के लिए पूर्व में सरकार की ओर से जारी 8.26 करोड़ के बजट से डीप फ्रीजर, स्ट्रेचर, बेड, अलमारी, बाईपैप, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, आईसीयू बेड आदि की खरीद हुई। मानव संसाधन न मिलने से ये उपकरण करीब दो वर्ष से स्टोर में धूल फांक रहे हैं। शासनादेश के मुताबिक बगैर मानव संसाधन चिकित्सकीय उपकरण की खरीद नहीं हो सकती।


अधूरी तैयारी के साथ ओपीडी हो रही संचालित
तीन भाग में विभाजित तीन सौ बेड अस्पताल के एक हिस्से में तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन मंडलायुक्त की पहल पर ओपीडी का संचालन शुरू हुआ, पर जांच सुविधा अब भी पटरी पर नहीं आ सकी। फिजिशियन, दंत, नेत्र रोग ओपीडी, एआरवी क्लीनिक, पीपीपी मॉडल पर सीटी स्कैन यूनिट संचालित है। जिला अस्पताल में नेत्र रोग की ओपीडी शुरू होने के बाद तीन सौ बेड अस्पताल में मरीजाें की संख्या कम होने लगी है।
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