समृद्धि का शताब्दी वर्ष: बरेली में उद्यमी बोले- 99 वर्ष हो लीज अवधि, छात्रों ने कहा- समृद्ध हों लाइब्रेरी
समृद्धि का शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में अधिकारियों-उद्यमियों और छात्रों-शिक्षकों के बीच संवाद हुआ। इसमें सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर प्रगति के लिए सुझाव दिए।
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बरेली में समृद्धि का शताब्दी वर्ष विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में अधिकारियों-उद्यमियों और शिक्षकों-छात्रों ने विशेष सुझाव दिए। सोमवार को इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी, रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अटल सभागार और अर्बन हाट में ये संवाद आयोजित हुए।
उद्यमियों ने व्यापार के संदर्भ में ऋण उपलब्ध कराने के संबंध में बैंक नीतियों की समीक्षा करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा है कि 15 प्रतिशत विकास शुल्क हटाया जाए और लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड किया जाए। लीज अवधि 40 वर्ष से बढ़ाकर 99 वर्ष तक करने की मांग की।
इसी तरह शिक्षकों ने पुरानी पेंशन को लागू कर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। छात्रों ने कहा कि राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। जो अभ्यर्थी बीएड कर रहे हैं, उनसे राजकीय विद्यालयों में शिक्षण कराया जाए। उच्च शिक्षा में एनईपी 2020 से लागू है, पर बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में लागू नहीं है। उनमें भी लागू किया जाए।
छात्रों ने कहा कि विभिन्न पोर्टल बनाकर बार-बार डिटेल भराई जाती है। एक बार दी गई सूचना का ही प्रयोग किया जाए। लाइब्रेरी को समृद्ध किया जाए। बेसिक विद्यालयों में सोलर पैनल के माध्यम से विद्युत आपूर्ति कराई जाए। बच्चों के आधार कार्ड समय से बनाए जाएं।
अतिथियों ने उद्यमियों, शिक्षकों व छात्रों को दी जानकारी
कार्यक्रम में पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक हुए परिवर्तन को सबने देखा है। भयमुक्त समाज के अभाव में कोई विकास संभव नहीं है। प्रमुख सचिव सहकारिता विभाग सौरभ बाबू ने जीडीपी के बारे में बताया। कहा कि 1.36 लाख करोड़ का भुगतान किसानों को दिया गया है।
पशुओं का संवर्धन हो
आईवीआरआई के पूर्व वैज्ञानिक अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि पशुओं का संवर्धन हो, इसके लिए सरकार पॉलिसी बनाए एवं किसानों की आय भी बढ़ाए। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पूर्व परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर डिजिटल हुई है। इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के आयोजन में महापौर उमेश गौतम ने कहा कि किसी भी सुधार को लाने में समय लगता है। सरकार उसके लिए कटिबद्ध है।
डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि देश के विकास में प्रदेश की भूमिका क्या हो, उसका रोडमैप कैसा हो? उसी के लिए आयोजन हो रहा है। सुझाव मांगे जा रहे हैं। देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सभी का योगदान जरूरी है। जिले में प्रति व्यक्ति आय 91,511 रुपये है। जिले में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्योग भी विशेष रूप से विकसित हो रहे हैं।