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Bareilly News: ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद चक्कर काट रहे उद्यमी

Fri, 14 Apr 2023 02:09 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 14 Apr 2023 02:09 AM IST
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Entrepreneurs are circling despite online system
बरेली। सिंगल विंडो सिस्टम और ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने के बावजूद उद्यमियों की समस्या समाप्त नहीं हो रही हैं। उनके मुताबिक जिला प्रशासन और उद्योग विभाग के चक्कर काटने के बाद ही विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू होती है। इसमें भू उपयोग परिवर्तन और कुछ विभागों से एनओसी लेने के लिए अगर दौड़भाग थमे तभी बरेली में उद्यमियों द्वारा और निवेश की उम्मीद है।
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बुधवार को जिलाधिकारी के समक्ष कई उद्यमियों ने अपनी समस्याओं को साझा किया था। इसमें सन पॉलीमर के प्रतिनिधि ने फरीदपुर में धारा-80 के लिए दो माह पहले आवेदन किया था पर अब तक उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। धारा 80 (2) में आवेदन का सुझाव मिला। मंगलम केमिकल्स ने प्रदूषण विभाग से एनओसी का प्रमाण पत्र न मिलने की बात कही। बालाजी प्लाई बोर्ड के प्रतिनिधि ने ट्यूलिया में दो प्लाईवुड की इंडस्ट्री लगाने का प्रस्ताव भू उपयोग परिवर्तन के लिए अटकने की बात कही। बरेली हेरिटेज के गिरधर गोपाल ने होटल निर्माण के एमओयू की जानकारी देते हुए तहसील स्तर पर मामला लंबित होने से निर्माण शुरू होने करने में अड़चन जताई थी। आजाद वुड इंडस्ट्रीज फिदा हुसैन ने फतेहगंज पश्चिमी में वुड इंडस्ट्रीज लगाने के के लिए एमओयू किया है मगर दाखिल खारिज से प्रस्ताव लंबित है।
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रेडिसन होटल के प्रतिनिधि ने ग्रामीण से शहरी विद्युत की एनओसी न मिलने की बात कही थी। सभी मामलों पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उन्होंने किसी भी स्तर पर उद्यमियों के प्रस्ताव लंबित होने के पीछे की वजह और सही विकल्प सुझाने के निर्देश दिए थे ताकि उन्हें परेशान न होना पड़े। उद्यमियों ने जिलाधिकारी द्वारा संज्ञान लिए जाने पर सराहा है।
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अफसरों की व्यक्तिगत पहल पर होता है काम
वरिष्ठ उद्यमी राजेश गुप्ता का कहना है कि भू उपयोग परिवर्तन की सर्वाधिक शिकायत होती है। विभागों की एनओसी का मामला भी नहीं सुधर रहा है। ऑनलाइन कार्य तो शुरू हो गया है मगर दौड़भाग नहीं थम रही है। इतनी राहत जरूर है कि अगर किसी अधिकारी के पास जाकर अपनी बात रखी जाए तो उसका निदान होता है। कई बार पेच भी फंसा देते हैं।


विभागीय मशीनरी हो दुरुस्त
आईआईए चैप्टर चेयरमैन तनुज भसीन का कहना है कि ऑनलाइन कार्य शुरू होने से काफी राहत है मगर एनओसी के लिए कुछ विभागों की अड़चन थम नहीं रही है। यूपीसीडा और फायर एनओसी में ही सर्वाधिक समस्या आती है। जब तक विभागीय अधिकारी से संपर्क न किया जाए कार्य अटका ही रहता है। निवेश मित्र पोर्टल पर समस्या दर्ज कराने पर उसका निस्तारण हो रहा है। मगर जांच के नाम पर परेशानी थम नहीं रही।
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