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51 साल में तीसरी पीढ़ी तक पहुंच गई दुश्मनी, अब तक सात हत्याएं

Wed, 02 Nov 2022 12:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2022 12:57 AM IST
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Enmity reached the third generation in 51 years, so far seven murders
सथरा गांव में अंतिम संस्कार के दौरान लगी भीड़। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। सथरा गांव के दो परिवारों के बीच पिछले 51 साल से दुश्मनी चली आ रही है। इसमें एक-दो नहीं, बल्कि तीन पीढ़ियां चपेट में आ चुकी हैं। अब तक दोनों परिवारों के बीच रंजिश में सात लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं। इसके अलावा तमाम लोगों को जान से मारने की कोशिश हो चुकी है। सपा नेता राकेश गुप्ता के परिवार में पांच लोगों की हत्या हो चुकी है।
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उसहैत क्षेत्र के गांव सथरा निवासी सपा नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता और भाजपा से जुड़े रविंद्र पाल दीक्षित के बीच रंजिश की शुरुआत वर्ष 1971 से हुई थी। तब रविंद्र पाल के पिता रामदीन दीक्षित की हत्या हुई थी। उसमें राकेश गुप्ता के पिता रामकिशन गुप्ता का नाम सामने आया था। इससे रविंद्र उनसे दुश्मनी मानने लगा था। आठ साल बाद वर्ष 1979 में रविंद्र पाल दीक्षित ने रामकिशन गुप्ता की हत्या कर दी। उसमें राकेश गुप्ता ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
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वर्ष 2002 में रविंद्र ने राकेश गुप्ता के चाचा वकील श्रीनिवास गुप्ता की हत्या की कोशिश की। उन्हें शहर के टिकटगंज मोहल्ले में चार गोली मारी गई थी। हालांकि उनकी जान बच गई। यह मामला शहर कोतवाली में दर्ज है। 16 मार्च, 2007 को राकेश गुप्ता के भाई नरेश गुप्ता की घर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई। हालांकि इसमें कानूनी दांव पेच के चलते रविंद्र पाल बच गया, लेकिन इसमें 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई। 31 अक्तूबर, 2022 को राकेश गुप्ता, उनकी मां शांति देवी, पत्नी शारदा गुप्ता की हत्या कर दी गई। इस दुश्मनी में अकेले राकेश गुप्ता समेत उनके परिवार के पांच लोगों की हत्या हो चुकी है। इस हत्याकांड में रविंद्र के बेटे सार्थक और अर्चित भी नामजद हैं, जो कि तीसरी पीढ़ी के हैं।
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दातागंज इलाके में मारा गया था नरेश का हत्यारोपी सत्यभान
सपा नेता राकेश गुप्ता के भाई नरेश गुप्ता की हत्या में शामिल आरोपी सत्यभान इलाके का बड़ा बदमाश बन गया था। वह सुपारी लेकर लोगों की हत्याएं करने लगा था। उसने दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव प्रसिद्धपुर में रनवीर माली की हत्या करने की सुपारी ली थी। वह दो-तीन बदमाशों को लेकर वहां पहुंच गया था। उसने रनवीर माली को गोली जरूर मार दी थी, लेकिन इसी दौरान पासा उल्टा पड़ गया और उल्टे सत्यभान को गोली लग गई, जिसमें उसकी मौत हो गई। इसमें सत्यभान का साथी रनदेश जेल गया था।
साजिश में पूर्व ब्लॉक प्रमुख को कराया था नामजद
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव प्रसिद्धपुर में हुई घटना में रविंद्रपाल दीक्षित की भी साजिश रही। मामला सत्यभान का था, लेकिन उसमें रविंद्रपाल ने खूब रोटियां सेंकीं। उसने साजिश रचकर पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश गुप्ता को नामजद करा दिया, लेकिन उसमें उनका हाथ नहीं था। पुलिस ने अपनी जांच में राजेश गुप्ता को निर्दोष मानते हुए उनका नाम निकाल दिया।

प्लानिंग से हुई थी नरेश गुप्ता की हत्या, दो दिन पहले फर्रुखाबाद जेल चला गया था रविंद्रपाल
16 मार्च, 2007 को हुई राकेश गुप्ता के भाई नरेश गुप्ता की हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। इस योजना के पीछे रविंद्र दीक्षित का शातिर दिमाग था। दरअसल, राकेश गुप्ता का अपनी ही बिरादरी के लोगों से मेड़ तोड़ने को लेकर विवाद हो गया था। इसका फायदा रविंद्र पाल ने उठाया। उसने दूसरे पक्ष पर हाथ रख दिया था। इससे गांव के हरी, ब्रजभान, रतिभान, सूरजभान, सत्यभान, चंद्रभान, राम सिंह, राजबहादुर, किशनलाल, जगपाल और अमरपाल ने नरेश की हत्या कर दी। इससे ठीक दो दिन पहले रविंद्रपाल अपने ऊपर दर्ज एक मामले में आत्मसमर्पण करके फर्रुखाबाद जेल चला गया और नामजद होने से बच गया।
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