Bareilly: 'पुरानी पेंशन की जय हो... एनपीएस स्वाहा'; कर्मचारियों ने अनोखे अंदाज में हवन पूजन कर बुलंद की आवाज
पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी है। रविवार को पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने रविवार को लोक निर्माण विभाग कार्यालय परिसर में सरकार की सदबुद्धि के लिए हवन पूजन कर अपनी मांग को बुलंद किया।
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बरेली में राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों ने रविवार को पुरानी पेंशन के लिए आवाज बुलंद की। कर्मचारियों ने सदबुद्धि यज्ञ करते न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) स्वाहा के नारे लगाए। विधायकों और सांसद को पेंशन दिए जाने पर सवाल किए कहा कि जब कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिल रही है तो जनप्रतिनिधियों को क्यों मिल रही है।
पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने लोक निर्माण विभाग परिसर में ओपीएस महायज्ञ किया। इसमें मोर्चा के जिला संयोजक रामलाल कश्यप, आलोक चौहान जितेंद्र कुमार पाठक, संजीव पाल ने भाग लिया। विभिन्न विभागों के कर्मचारी एवं मोर्चा के पदाधिकारियों ने मंत्र उच्चारण कर सरकार के शुद्धिकरण की अपेक्षा करते हुए आहुतियां डालीं।
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इस दौरान पुरानी पेंशन की जय हो। नई पेंशन स्वाहा। शेयर बाजार का नाश हो और सांसद-विधायकों की पेंशन बंद हो... के नारे भी गूंजे। धरना प्रदर्शन में रविंद्र कश्यप, पटेल जितेंद्र गंगवार, राजेंद्र सिंह कोली, कमलेश सागर, ओम प्रकाश गंगवार, जोगेंद्र सिंह, संतोषी देवी सागर, विमला वर्मा, शिवानी की भागीदारी रही।
न्यूनतम पेंशन साढ़े सात हजार रुपये की मांग
ईपीएस राष्ट्रीय संघर्ष समिति की बैठक दोपहर 12 बजे पुराने बस स्टैंड पर हुई। इसमें चार दिसंबर को डीएम को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। वहीं, सात दिसंबर को रामलीला मैदान दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को सफल बनाने की तैयारी की गई।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने 7500 रुपये महीने न्यूनतम पेंशन देने की मांग उठाई। समिति के जिला सचिव रामप्रकाश शर्मा ने बताया कि न्यूनतम पेंशन समेत चार मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि विचार होगा। अन्यथा कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते रहेंगे।
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