बरेली: साहब! मेरा बच्चा गंभीर बीमार है... मैं कैसे कर पाऊंगी जनगणना में ड्यूटी; पर्चे लेकर पहुंच रहे कर्मचारी
बरेली जिले में 16 नवंबर से शुरू होने वाली जनगणना की ड्यूटी लगने से सरकारी कर्मचारी परेशान हैं। गंभीर बीमारी या पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण वे ड्यूटी से छूट मांग रहे हैं। विकास भवन में ड्यूटी कटवाने वालों की भीड़ उमड़ रही है, जहां कर्मचारी मेडिकल रिपोर्ट दिखा रहे हैं।
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बरेली में जनगणना की ड्यूटी लगते ही सरकारी कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसी के घर में गंभीर बीमार बच्चा है तो कोई खुद बीमारी से जूझ रहा है। किसी को इलाज के लिए अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं तो कोई पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला दे रहा है। ऐसे में 16 नवंबर से शुरू होने वाली जनगणना में ड्यूटी से राहत पाने के लिए कर्मचारियों ने प्रयास तेज कर दिए हैं। विकास भवन में इन दिनों ड्यूटी कटवाने वालों की भीड़ जुट रही है। कर्मचारी हाथों में मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टर के पर्चे लेकर अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी बयां कर रहे हैं।
दरअसल, जिले में जनगणना कार्य को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिले में 16 नवंबर से जनगणना का काम शुरू होना प्रस्तावित है। इसके लिए अलग-अलग विभागों से कर्मचारियों का चयन कर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है। जनगणना के तहत निर्धारित क्षेत्र में घरों और परिवारों से संबंधित जानकारियां जुटाने के साथ ही संबंधित विवरण दर्ज किया जाएगा। इस काम को समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए प्रशासन स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। कर्मचारियों को निर्धारित क्षेत्रों में जाकर जिम्मेदारी निभानी होगी।
ऐसे में ड्यूटी से छूट मांगने वाले कर्मचारियों के आवेदनों की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। इसके लिए विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ड्यूटी आदेश जारी होने के बाद अब उन कर्मचारियों की मुश्किलें सामने आने लगी हैं, जो किसी न किसी वजह से इस जिम्मेदारी को निभाने में असमर्थता जता रहे हैं।
विकास भवन में पहुंच रहे कर्मचारी अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं कि उनकी परिस्थितियों को देखते हुए ड्यूटी से मुक्त किया जाए। हालांकि यहां प्रशासन की ओर से गठित बोर्ड पूरे मानकों के आधार पर परीक्षण कर रहा है। बुधवार को अधिकांश आवेदन निरस्त कर दिए गए। ड्यूटी कटवाने के लिए पहुंच रहे कर्मचारियों की अपनी-अपनी मजबूरियां हैं। हालांकि बोर्ड के अधिकारी कर्मचारियों को समझाकर जनगणना में अनिवार्य रुप से सहयोग करने की बात कर रहे हैं।
साहब मेरा बच्चा गंभीर बीमार है...
ब्लॉक भददुरा से विकास भवन पहुंची किरण गंगवार ने बताया कि वह सहायक शिक्षक के पद पर तैनात हैं। उनके नौ माह के बच्चे को डॉक्टर ने गंभीर निमोनिया से ग्रसित बताया है। उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों को बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट भी दिखाई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
सर्जरी का दिया हवाला
ब्लॉक मीरगंज के रयैया नगला में तैनात सविता शर्मा भी हाथ में अपनी मेडिकल रिपोर्ट लेकर बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत हुईं। उन्होने बताया कि त्योहार के फौरन बाद उनका ऑपरेशन होना है। डॉक्टर ने निर्धारित समय पर ही सर्जरी कराने की सलाह दी है। बताया कि बोर्ड को मेडिकल संबंधी सभी जांचे व अन्य प्रपत्र भी दिखाए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
जिला विकास अधिकारी दिनेश कुमार यादव ने बताया कि जनगणना में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है। जिनके भी बीमारी से संबंधित मामले ड्यूटी से राहत पाने के लिए आए हैं। इनकी जांच सीएमओ की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड से कराई जाती है। बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही राहत दी जाती है।