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ईपीएफ जमा नहीं करने पर बिजली ठेकेदार गिरफ्तार

Wed, 02 Dec 2020 01:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 02 Dec 2020 01:45 AM IST
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Electricity contractor arrested for not submitting EPF
ईपीएफ - फोटो : demo pics

आदर्श इंटरप्राइजेज फर्म पिछले चार वर्षों से थी रडार पर

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बरेली/बहेड़ी। पिछले चार वर्षों से ईपीएफ की धनराशि जमा नहीं करने के आरोप में ठेकेदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पावर कॉरपोरेशन में संविदा कर्मियों की पूर्ति करने वाली आदर्श इंटरप्राइजेज फर्म इन कर्मचारियों का ईपीएफ की धनराशि जमा नहीं की थी। पहली बार हुई इस कार्रवाई से विभागीय ठेकेदार फर्मों में अफरातफरी मची गई है।
पावर कॉरपोरेशन समेत विभिन्न विभागों में संविदा कर्मचारी की पूर्ति करने वाली निजी फर्म के ठेकेदार ईपीएफ और जीएसटी की रकम जमा नहीं कर रहे हैं। इससे हर माह करोड़ों रुपये ये फर्म डकार रही हैं। पावर कॉरपोरेशन ने पहली बार प्रभावी कार्रवाई की है। इसके बाद विभाग में अन्य ठेकेदार फर्मों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। ताकि संविदा कर्मियों की रकम हड़पने वाले ठेकेदारों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके। बताया जाता है कि बानखाना की आदर्श इंटरप्राइजेज द्वारा जीएसटी जमा करने आदि का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
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एक साल बाद हुई कार्रवाई

आदर्श इंटरप्राइजेज फर्म के प्रबंधक ललित कुमार ने कताई मिल, बहेड़ी उपकेंद्र पर संविदा कर्मी नियुक्त का ठेका लिया था। लेकिन फर्म ने ईपीएफ धनराशि जमा नहीं की। ईपीएफ जारी हुए नोटिस पर बिजली विभाग ने कई बार चेतावनी दी। अनसुना करने पर तत्कालीन एक्सईएन अनुज गुप्ता ने थाना बहेड़ी में छह दिसंबर को एफआईआर करा दी। एक वर्ष बाद पुलिस विभाग जागा और फर्म प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया। रकम डकारने के आरोपी अन्य फर्मों पर भी शिकंजा कसने की भी तैयारी है। आदर्श इंटरप्राइजेज पर हुई सख्त कार्रवाई से कुछ ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
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20 कर्मियों की ली थी अनुमति

आदर्श इंटरप्राइजेज ने कर्मचारी भविष्य निधि विभाग को 20 संविदा कर्मचारी होने की जानकारी दी थी। इसके बावजूद फर्म द्वारा कर्मचारियों की निधि राशि कार्यालय में जमा नहीं किया जा रहा था इसलिए ईपीएफ आयुक्त कार्यालय ने वर्ष 2016 में 27 अक्तूबर को न्यायिक कार्यवाही शुरू करते हुए नोटिस दिया। फिर भी ठेकेदार फर्म ने अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए। इस पर फर्म मालिक को गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। फर्म पर 24 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। ईपीएफ आयुक्त कार्यालय ने फर्म संपत्ति कुर्क करने की कवायद शुरू कर दी है।

आदर्श इंटरप्राइजेज मालिक शातिर अपराधियों की तरह पुलिस को चकमा देकर हर बार निकल जाता था। इस बार मुखबिर की सटीक सूचना पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उससे लंबी पूछताछ भी की गई जिसमें उसने जुर्म करना कबूला। संविदा कर्मियों की रकम हड़पने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। - सत्य नरायण प्रजापत, एएसपी, बहेड़ी

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