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ईद मिलादुन्नबी: बरेली में नए रास्ते से निकलेगा जुलूस, दोनों पक्ष सहमत, अफसरों ने लगाई मुहर
Sun, 15 Sep 2024 07:40 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 15 Sep 2024 07:40 PM IST
सार
बरेली के बारादरी क्षेत्र में जगतपुर इलाके से रविवार शाम को प्रस्तावित ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकालने के रूट पर मची रार थम गई। नए रास्ते से जुलूस निकाले जाने पर दोनों पक्षों में सहमति बनी।
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मीरा की पेठ स्थित बुखारपुरा तिराहा पर तैनात पुलिस। इसी रास्ते से गुजरेगा जुलूस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र में ईद मिलादुन्नबी पर जुलूस के रूट पर 20 घंटे से मची रार रविवार शाम थम गई। दोनों पक्षों की तनातनी से फंसा पेंच सुलझा लिया गया है। जुलूस अब अल्पसंख्यक आबादी बाहुल्य बस्ती के दूसरे रास्ते से गुजरेगा। दोनों पक्षों की सहमति के बाद अफसरों ने मुहर लगा दी है। लिखापढ़ी होने के बाद अंजुमन रवाना हो जाएंगी।
पिछली साल दो समुदाय के लोगों में तनातनी के बाद जगतपुर में भारी फोर्स लगाकर जुलूस निकाला गया था। इस बार शनिवार रात से ही रविवार शाम प्रस्तावित जुलूस के रास्ते को लेकर तनातनी बढ़ गई थी। दरगाह आला हजरत के प्रमुख सुब्हानी मियां अड़ गए थे कि अगर जगतपुर में रवि की चक्की की ओर से रास्ता नहीं दिया गया तो वह लोग जुलूस नहीं ले जाएंगे। उनके एलान पर जुलूस में शामिल होने वाली सभी अंजुमन (छोटे जुलूस) का आगाज ही नहीं किया गया था।
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पिछली साल दो समुदाय के लोगों में तनातनी के बाद जगतपुर में भारी फोर्स लगाकर जुलूस निकाला गया था। इस बार शनिवार रात से ही रविवार शाम प्रस्तावित जुलूस के रास्ते को लेकर तनातनी बढ़ गई थी। दरगाह आला हजरत के प्रमुख सुब्हानी मियां अड़ गए थे कि अगर जगतपुर में रवि की चक्की की ओर से रास्ता नहीं दिया गया तो वह लोग जुलूस नहीं ले जाएंगे। उनके एलान पर जुलूस में शामिल होने वाली सभी अंजुमन (छोटे जुलूस) का आगाज ही नहीं किया गया था।
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दूसरे पक्ष के लोग कर रहे थे विरोध
वहीं जगतपुर निवासी यज्ञदत्त शर्मा, संजीव प्रजापति आदि लोग अपनी बस्ती के रास्ते से जुलूस निकालने के विरोध में अड़े थे। उन्होंने कहा कि नई परंपरा डालने की कोशिश की गई तो वह खामोश नहीं बैठेंगे। अधिकारी दोनों पक्षों से बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने में जुटे थे और सभी रास्तों पर भारी फोर्स लगा दी है। शाम को दोनों पक्षों में सहमति हो गई कि थोड़ा सा रूट बदल लिया जाएगा।
अंजुमन जुलूस ऐसे रास्ते से परंपरागत मार्ग पर निकाला जाएगा, जहां हिंदू आबादी के केवल आठ दस घर ही हैं। दरगाह से जुड़े लोगों का कहना है कि वह इस रूट से जुलूस ले जाने को तैयार हैं लेकिन कहीं ऐसा न हो कि उन पर नए रूट से जाने को लेकर कानूनी कार्रवाई कर दी जाए। इसलिए उन्हें लिखापढ़ी में यह रूट चाहिए। अधिकारी इसकी लिखापढ़ी करा रहे हैं। इसके बाद जुलूस निकाला जाएगा।
वहीं जगतपुर निवासी यज्ञदत्त शर्मा, संजीव प्रजापति आदि लोग अपनी बस्ती के रास्ते से जुलूस निकालने के विरोध में अड़े थे। उन्होंने कहा कि नई परंपरा डालने की कोशिश की गई तो वह खामोश नहीं बैठेंगे। अधिकारी दोनों पक्षों से बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने में जुटे थे और सभी रास्तों पर भारी फोर्स लगा दी है। शाम को दोनों पक्षों में सहमति हो गई कि थोड़ा सा रूट बदल लिया जाएगा।
अंजुमन जुलूस ऐसे रास्ते से परंपरागत मार्ग पर निकाला जाएगा, जहां हिंदू आबादी के केवल आठ दस घर ही हैं। दरगाह से जुड़े लोगों का कहना है कि वह इस रूट से जुलूस ले जाने को तैयार हैं लेकिन कहीं ऐसा न हो कि उन पर नए रूट से जाने को लेकर कानूनी कार्रवाई कर दी जाए। इसलिए उन्हें लिखापढ़ी में यह रूट चाहिए। अधिकारी इसकी लिखापढ़ी करा रहे हैं। इसके बाद जुलूस निकाला जाएगा।