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ईदुल अजहा- दूसरे दिन भी चला कुर्बानी सिलसिला
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बरेली। ईदुल अजहा पर दूसरे रोज भी कुर्बानी का सिलसिला जारी रहा। अल्लाह की राह में बकरों और भेड़ों की कुर्बानी दी गई।
पुराना शहर और किला के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में मंगलवार को भी रौनक दिखाई दी। मोहल्लों के छोटे छोटे बच्चे बकरों और पड्डों के गले में बंधी रस्सी हाथ में पकड़े टहलाने निकल पड़े थे। इसके अलावा कोई पत्ते और चारे खिला रहा था तो कहीं बच्चे बकरों के साथ खेलते नजर आए। इस बीच कुर्बानी का सिलसिला भी चलता रहा। दूसरे रोज भी लोगों ने अल्लाह की रजा के लिए लाखों जानवरों की कुर्बानी दी। इसके अलावा शाम को सैलानी, कांकर टोला, चक महमूद, मलूकपुर, जखीरा, जसोली आदि मोहल्लों में बुजुर्गों तो कहीं युवाओं की महफिलें सजी। लोग हुक्का गुड़गुड़ाते नजर आए। उधर ईदुल अजहा के मौके पर लगे मलूकपुर, जामा मस्जिद और मुन्ना खां का नीम के मेलों में मंगलवार को भी रौनक बनी रही। ब्यूरो
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पुराना शहर और किला के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में मंगलवार को भी रौनक दिखाई दी। मोहल्लों के छोटे छोटे बच्चे बकरों और पड्डों के गले में बंधी रस्सी हाथ में पकड़े टहलाने निकल पड़े थे। इसके अलावा कोई पत्ते और चारे खिला रहा था तो कहीं बच्चे बकरों के साथ खेलते नजर आए। इस बीच कुर्बानी का सिलसिला भी चलता रहा। दूसरे रोज भी लोगों ने अल्लाह की रजा के लिए लाखों जानवरों की कुर्बानी दी। इसके अलावा शाम को सैलानी, कांकर टोला, चक महमूद, मलूकपुर, जखीरा, जसोली आदि मोहल्लों में बुजुर्गों तो कहीं युवाओं की महफिलें सजी। लोग हुक्का गुड़गुड़ाते नजर आए। उधर ईदुल अजहा के मौके पर लगे मलूकपुर, जामा मस्जिद और मुन्ना खां का नीम के मेलों में मंगलवार को भी रौनक बनी रही। ब्यूरो