Vande Bharat: महाकुंभ से पहले मेरठ-लखनऊ वंदे भारत के विस्तार की कवायद, प्रयागराज तक चल सकती है ये ट्रेन
मेरठ-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन एक सितंबर से शुरू हुआ था। तब यह ट्रेन आधी खाली चल रही है। इसको देखते हुए इस ट्रेन का विस्तार करने की कवायद शुरू हो गई है।
विस्तार
मेरठ-लखनऊ के बीच चलने वाली 22490-22489 वंदे भारत एक्सप्रेस को महाकुंभ से पहले मेरठ-वाराणसी या फिर मेरठ-प्रयागराज के बीच विस्तार दिया जा सकता है। इसको लेकर पहले से कवायद चल रही है, लेकिन अब तक रेलवे किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सका है। जनवरी के पहले सप्ताह तक ट्रेन के विस्तार को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
मेरठ-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन एक सितंबर से शुरू किया गया था। यह ट्रेन अब भी 60 फीसदी से ज्यादा खाली सीटों के साथ दौड़ रही है। दूसरी ओर, मई में शुरू की गई 22545-22546 देहरादून-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग फुल होकर चल रही है। घाटे में चल रही मेरठ-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस के विस्तार को लेकर अक्तूबर से ही कवायद जारी है।
जनवरी में हो जाएगा स्पष्ट
जनवरी के पहले सप्ताह तक तय हो जाएगा कि इस ट्रेन को वाराणसी या फिर प्रयागराज तक विस्तार दिया जाएगा। दरअसल, मेरठ से लखनऊ की दूरी करीब 459 किलोमीटर है। वहीं, प्रयागराज की दूरी करीब 700 किलोमीटर और वाराणसी की दूरी करीब 800 किलोमीटर है। मेरठ से प्रयागराज के लिए रोजाना औसतन चार ट्रेनें हैं, लेकिन वाराणसी के लिए कोई ट्रेन नहीं है।
वाराणसी की मेरठ से दूरी ज्यादा होने के कारण रेलवे इस ट्रेन को फिलहाल प्रयागराज तक विस्तार देने पर विचार कर रहा है। वाराणसी तक विस्तार दिए जाने पर रोजाना इस ट्रेन को 1600 से ज्यादा जबकि प्रयागराज तक विस्तार देने पर रोजाना करीब 1400 किलोमीटर की यात्रा करनी होगी। जनवरी में आने वाली रेलवे की नई समय सारिणी में इसको लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।