फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   education

यूपी बोर्ड के मूल्यांकन पर बखेड़ा

Fri, 03 Apr 2015 01:55 AM IST
बरेली
बरेली Updated Fri, 03 Apr 2015 01:55 AM IST
विज्ञापन
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की कापियों के मूल्यांकन को लेकर दो गुटों में बंटे शिक्षक संगठनों के नेताओं में बृहस्पतिवार को टकराव हो गया। विष्णु इंटर कॉलेज के मूल्यांकन केंद्र पर कापियां जांचने से रोकने पर नोकझोंक और गालीगलौच के साथ खूब धक्कामुक्की हुई। अगर बीचबचाव नहीं किया गया होता तो मारपीट हो जाती और विवाद तूल पकड़ सकता था।
विज्ञापन

यह विवाद दोपहर लगभग साढ़े 11 बजे हुआ। विष्णु इंटर कॉलेज में मूल्यांकन शुरू ही हो पाया था कि माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट, पांडेय गुट और वित्तविहीन शिक्षक संघ के नेता यहां पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए कापी जांचने बैठे शिक्षकों को उठाने लगे। उन्होंने कापियां कोठार में वापस भिजवा दीं और ताले डलवा दिया लेकिन कुछ शिक्षकों ने शिक्षक नेताओं का विरोध कर दिया। वह कहने लगे कि वह तो कापियां जांचेंगे। इस पर कहासुनी हो गई। बताते हैं कि कोठार प्रभारी नेत्रपाल की कॉलेज के ही शिक्षक प्रदीप कुमार की नोकझोंक हो गई। प्रदीप का कहना था कि कापियां नहीं जांचने दी जाएंगी। बात बढ़ी तो दोनों गुटों के शिक्षक आमने-सामने आ गए और उनमें नोकझोंक के साथ गालीगलौच होने लगी। प्राचार्य रामशरण पांडेय ने बीचबचाव किया तो उनसे भी आंदोलनकारी भिड़ गए। नौबत हाथापाई पर आ गई लेकिन कुछ लोगों ने बीचबचाव करके मामला रफादफा कराया लेकिन इससे मूल्यांकन केंद्र पर अफरातफरी मच गई और मूल्यांकन नहीं हो सका। प्राचार्य ने कोठार प्रभारी नेत्रपाल की शिकायत डीआईओएस को भेज दी है। यहां दोपहर बाद फिर टकराव की स्थिति बन गई। कोठार प्रभारी नेत्रपाल के समर्थन में माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के नेता आफताब अहमद, नरेश चंद्र सक्सेना, विजय किशोर जौहरी, डॉ. राजेंद्र गंगवार, रमेश चंद्र शर्मा और डॉ. रणविजय सिंह यादव विष्णु इंटर कॉलेज में पहुंच गए और विवाद पर रोष जताने लगे। इस बीच वित्तविहीन शिक्षक संघ के शिक्षकों का गुट पहुंच गया तो दोनों में फिर विवाद शुरू हो गया, इसे भी बीचबचाव करके रफादफा किया गया।
विज्ञापन

---------
कहीं नहीं होने दिया मूल्यांकन
विष्णु इंटर कॉलेज की ही तरह बाकी चारों मूल्यांकन केंद्रों पर भी शिक्षक नेताओं ने मूल्यांकन नहीं होने दिया। बिशप मंडल इंटर कॉलेज में पहुंचे वित्तविहीन शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट और चंदेल गुट के नेताओं ने शिक्षकों से कापियां खुद ही वापस लेकर कोठार में जमा कर दीं। प्रिंसिपल जगमोहन सिंह ने डीआईओएस से शिकायत की है कि परीक्षकों की फाइलें भी फेंक दी गईं। इस्लामियां इंटर कॉलेज और केडीईएम इंटर कॉलेज के मूल्यांकन केंद्र पर भी मूल्यांकन रुकवाकर कोठार बंद करा दिए गए। जीआईसी में भी मूल्यांकन रुकवाने के लिए काफी बखेड़ा हुआ। दोपहर प्रिंसिपल के आदेश पर कापियां जांच रहे राजकीय शिक्षकों को उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक संघ प्रदेश महासचिव शंकरलाल गंगवार के नेतृत्व में रोक दिया गया। इस बार प्रिंसिपल आरके सिंह की शंकरलाल से खूब नोकझोंक हुई। कार्रवाई के लिए प्रिंसिपल ने राजकीय शिक्षकों से कापी जांचने से रोकने की बात लिखकर देने की बात कही लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंसेट...
शर्मा गुट की बहिष्कार वापसी पर विवाद
यूपी बोर्ड का मूल्यांकन शहर के पांच केंद्रों पर 30 मार्च से शुरू होना था। माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट ने शिक्षकों को उनकी यूपी बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के पिछले दो साल के पारिश्रमिक भुगतान न होने के विरोध में केवल तीन दिन तक के लिए मूल्यांकन बहिष्कार का ऐलान किया था लेकिन वित्तविहीन शिक्षक संगठन, माध्यमिक शिक्षक संघ के चंदेल गुट, पांडेय गुट की ओर से अनिश्चितकालीन बहिष्कार का ऐलान किया गया। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद भी इनके समर्थन है।
-------
इंसेट...
डीआईओएस ने पुलिस फोर्स मांगी
शहर के पांचों मूल्यांकन केंद्रों के उपनियंत्रकों ने डीआईओएस को लिखकर दे दिया है कि वह अब बिना सुरक्षा के मूल्यांकन नहीं करा सकते। इसके बाद एडीआईओएस आरके सिंह ने एसएसपी को पत्र लिखकर शुक्रवार से सभी मूल्यांकन केंद्रों पर पुलिस फोर्स का बंदोबस्त करने की मांग की है। शासन ने सभी मूल्यांकन केंद्रों की सौ मीटर की परिधि में धारा- 144 लागू कर दी है।

-------------
 इंसेट...
::::यह हैं बहिष्कार के मुद्दे
-शिक्षकों को पिछले दो वर्षों की बोर्ड परीक्षाओं की ड्यूटी का पारिश्रमिक भुगतान नहीं मिला है।
-वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का शासन से मानदेय भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।
-सीबीएसई की तर्ज पर मूल्यांकन का 20 रुपये प्रति कापी पारिश्रमिक भुगतान की मांग माध्यमिक शिक्षकों की है।
-----------
इनकी बात...
बृहस्पतिवार से मूल्यांकन शुरू कराने के लिए जिला प्रशासन और एसएसपी से सभी केंद्रों पर पुलिस फोर्स की मांग की है। सुबह से हर हाल में मूल्यांकन शुरू कराया जाएगा। शासन से मूल्यांकन केंद्र की सौ मीटर की परिधि में धारा 144 लागू कर दी गई है, अब अगर केंद्र पर कोई हंगामा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी कराई जाएगी।
-आरके सिंह, सह जिला विद्यालय निरीक्षक
----------
मूल्यांकन के विरोध बहिष्कार से कापियां भी गायब हो सकती हैं और बाद में जिम्मेदारी केंद्र के उपनियंत्रक पर थोप दी जाएगी इसलिए अब हम तब तक मूल्यांकन शुरू नहीं करा सकते, जब तक कि पर्याप्त पुलिस फोर्स का बंदोबस्त नहीं हो जाता। इसके लिए डीआईओएस को पत्र लिख दिया है।
-जगमोहन सिंह, प्रधानाचार्य बिशप मंडल इंटर कॉलेज
-----------
शर्मा गुट का सांकेतिक मूल्यांकन बहिष्कार सिर्फ तीन दिन के लिए था इसलिए सारे शिक्षकों से अपील है कि वह अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचकर कापियां जांचें। दूसरे संगठन के लोग नेतागिरी चमकाने को बेवजह कापियां नहीं जंचने दे रहे हैं। शिक्षा विभाग को शिक्षकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करानी चाहिए।

-आफताब अहमद खां, प्रदेश उपाध्यक्ष- माशिसं शर्मा गुट
----------
जब तक वित्तविहीन शिक्षकों को सरकार से मानदेय भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं होती और सारे शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा का पुराना पारिश्रमिक भुगतान नहीं होता तब तक मूल्यांकन नहीं होने दिया जाएगा। वित्तविहीन शिक्षकों के साथ अगर न्याय नहीं हुआ तो वह कापियां जांचने के बजाय धरना-प्रदर्शन भी करेंगे।

-शंकरलाल गंगवार, प्रदेश महासचिव- वित्तविहीन शिक्षक संघ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed