फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   education

छात्रनेता के आगे फिर झुके चीफ प्रॉक्टर

Sat, 28 Mar 2015 01:14 AM IST
बरेली
बरेली Updated Sat, 28 Mar 2015 01:14 AM IST
विज्ञापन
बरेली कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर से पिछले दिनों एक एबीवीपी नेता की नोकझोंक का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि शुक्रवार को उनसे समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष हृदेश यादव की नोकझोंक हो गई। हृदेश ने विश्वविद्यालय परीक्षा के दौरान पूर्वी गेट से कॉलेज में अपनी गाड़ी अंदर ले जाने की कोशिश की। चीफ प्रॉक्टर ने रोका तो उन्हें खरीखोटी सुननी पड़ी। छात्र सभा के जिलाध्यक्ष ने उनसे दोटूक कह दिया कि वह कॉलेज छात्र संघ का निवर्तमान महामंत्री है इसलिए उसे वह गाड़ी अंदर ले जाने से रोक नहीं सकते लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब छात्र नेता ने अपनी दबंगई दिखाई तो चीफ प्रॉक्टर के तेवर नरम पड़ गए।
विज्ञापन

यह मामला शाम की पाली की परीक्षा शुरू होने से आधा घंटे पहले का है। करीब ढाई बजे पूर्वी गेट पर लाइन में लगे परीक्षार्थियों की तलाशी हो रही थी। चीफ प्रॉक्टर डॉ. अजय शर्मा वहां खड़े थे। इसी दौरान सछास नेता हृदेश यादव अपनी गाड़ी लेकर बैरियर से अंदर जाने लगा। चीफ प्रॉक्टर ने उसे आवाज लगाकर रोका और कहा कि अंदर नहीं जा सकते, इसके बावजूद उसने गाड़ी नहीं रोकी। अंदर गाड़ी खड़ी करने के बाद चीफ प्रॉक्टर के पास आकर उनसे उलझ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चीफ प्रॉक्टर ने कहा कि किसी भी छात्र नेता को गाड़ी लेकर अंदर नहीं जाने दिया जाता और विश्वविद्यालय परीक्षा में बाहरी के प्रवेश पर वैसे भी प्रतिबंध है। यह बात हृदेश को नागवार गुजरी, उसने कहा कि वह शोध छात्र है और हर हाल में अंदर जाएगा। अमर उजाला के पूछने पर चीफ प्रॉक्टर ने इस मामले को भी रफादफा करने की कोशिश की। बता दें कि इसी हफ्ते एक एबीवीपी नेता भी अंदर जाने से रोकने पर उनसे भिड़ गया लेकिन उस मामले में भी कॉलेज प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। प्राचार्य डॉ. सोमेश यादव का कहना था कि जब चीफ प्रॉक्टर ने उनके संज्ञान में कोई मामला नहीं डाला तो क्या कार्रवाई करते।
विज्ञापन


वर्जन...
हृदेश यादव हॉस्टल तक जाने की परमीशन लेकर अपनी गाड़ी से अंदर गया था। विवाद कुछ नहीं हुआ। सिर्फ हंसी में बात चल रही थी। यह कोई बड़ा मामला नहीं है, इसलिए इसे तूल देने की जरूरत नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-डॉ. अजय शर्मा, चीफ प्राक्टर
----
मैंने हॉस्टल जाने को चीफ प्रॉक्टर से कोई परमीशन नहीं मांगी। परीक्षा कंट्रोल रूम और कामर्स ब्लाक तक गया। उन्होंने मेरी गाड़ी रोकने की कोशिश गलत की। मैंने उन्हें बता दिया कि छात्र संघ का निवर्तमान महामंत्री हूं और परीक्षा में नकल कराने नहीं, छात्रों की समस्या देखने आया हूं लेकिन उनका रवैया ठीक नहीं था।
-हृदेश यादव, जिलाध्यक्ष सछास
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed