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इंटर अंग्रेजी का पेपर भी लीक!

Fri, 20 Mar 2015 01:39 AM IST
बरेली
बरेली Updated Fri, 20 Mar 2015 01:39 AM IST
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बृहस्पतिवार को यूपी बोर्ड की इंटर अंग्रेजी के पेपर शुरू होने के एक घंटा पहले सवाल हवा में तैरने लगे। डीआईओएस को फोन पहुंचा कि आंवला के एक सेंटर के बाहर इस कोड का पेपर बेचा जा रहा है और उसमें अमुक-अमुक सवाल हैं। डीआईओएस ने सचल दस्ता दौड़ाया तो लेकिन जब तक वह इस केंद्र पर पहुंचा पेपर शुरू हो चुका था।
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बोर्ड परीक्षा में नकल जैसी तमाम अनियमितताएं रोकने का जिम्मा संभाले सिस्टम फिर नतमस्तक नजर आया और डीआईओएस ने दावा कर दिया कि कहीं पेपर लीक नहीं हुआ। किसी ने खुराफात की। वह नकल माफियाओं के पक्ष में ही तर्क देने लगे कि पेपर कोड पता लगना कौन सी बड़ी बात है। वह तो केंद्र पर उपलब्ध परीक्षा स्कीम पर भी लिखा होता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा से आधा घंटा पहले यानी डेढ़ बजे पेपर खुलने का समय है और इसी वक्त उनके पास पेपर लीक होने का फोन आया था, हो सकता है कि जिले के किसी केंद्र पर तैनात किसी कक्ष निरीक्षक ने ही कोई खुराफात की होगी।
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डीआईओएस के तर्क पर यह सवाल बार-बार भारी पड़ रहा है कि पेपर शुरू होने के आधे घंटे पहले ही सही पेपर बाहर तो आ ही रहा है और बृहस्पतिवार को ऐसा पहली बार नहीं हुआ। पिछली बड़ी परीक्षाओं में तीन-चार बार ऐसा हो चुका है। कोई पेपर खुलने से पहले फोन करके डीआईओएस को बाकायदा यह बता देता है कि आधे घंटे बाद शुरू होने वाले पेपर में यह सवाल आने हैं और फलां केंद्र के पास पेपर फोटो कापी करके भेजा जा रहा है। इसके बावजूद डीआईओएस और बाकी सचल दस्ते कुछ नहीं कर पा रहा हैं तो उनकी नाकामी साफ समझ में आ जाती है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि संवेदनशील घोषित परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए न तो पर्यवेक्षक तैनात किए गए और न ही इन पर पुलिस फोर्स का ही कोई इंतजाम है। स्टेटिक मजिस्ट्रेट को भी कई केंद्रों की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन उन्होंने परीक्षा का हाल देखने की जरूरत नहीं समझी।  
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वर्जन

डेढ़ बजे किसी का फोन आया था कि आंवला के गुलड़िया गौरीशंकर इंटर कॉलेज के पास पेपर बिक रहा है। सचल दस्ते को तुरंत भेजा गया लेकिन तब तक परीक्षा शुरू हो चुकी थी, इसलिए मामला पकड़ में नहीं आ पाया। ऐसी सूचना सिर्फ एक खुराफात लग रही है।-डॉ. आशुतोष भारद्वाज, डीआईओएस

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